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सेमीकॉन इंडिया: वैष्णव ने पीएम मोदी को बताया भारत का आर्किटेक्ट; सेमीकंडक्टर में अवसर पर क्या बोलीं कंपनियां?
Thu, 17 Sep 2026 09:25 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 17 Sep 2026 09:25 AM IST
सार
SEMICON India 2026: भारत में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आज से सेमीकॉन इंडिया 2026 के पांचवे संस्करण की शुरुआत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस मौके पर देश के आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का आर्किटेक्ट बताया।
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सेमीकॉन इंडिया 2026 में बोले अश्विनी वैष्णव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को दिल्ली के यशोभूमी में सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का आर्किटेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि पीएम के विजन के कारण ही आज देश सेमीकंडक्टर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी प्रगति कर रहा है। वैष्णव ने कहा कि हमारा लक्ष्य भारत की सेमीकंडक्टर जरूरतों के अनुरूप चिप डिजाइन करने वाले कम से कम 200 स्टार्टअप और कंपनियों को शामिल करना है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सेमीकॉन इंडिया 1.0 में 105 स्टार्टअप शामिल हुए थे, जिनमें से करीब 20 को लगभग 800 करोड़ रुपये की वेंचर कैपिटल फंडिंग मिली थी। इस पर चर्चा करते हुए उन्होंने सेमीकॉन इंडिया 2.0 के छह प्रमुख स्तंभों की विस्तार से जानकारी दी।
चिप डिजाइन और मशीन-मटीरियल पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सेमीकॉन 2.0 में हम कम से कम 200 ऐसे स्टार्टअप और कंपनियों को टारगेट करेंगे जो भारत में सेमीकंडक्टर की जरूरतों के हिसाब से चिप डिज़ाइन करते हैं।” दूसरा स्तंभ मशीनों और मटीरियल पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के दौरान घोषित 5 अरब डॉलर के निवेश से देश में रोजगार सृजन को बड़ी गति मिलेगी।
डिस्प्ले, मेमोरी और एडवांस्ड पैकेजिंग
तीसरा स्तंभ डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक पर केंद्रित रहेगा। चौथा स्तंभ एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट्स पर आधारित होगा। अश्विनी वैष्णव ने कहा, “ओडिशा में पहले से ही एक 3D पैकेजिंग यूनिट बन रही है।”
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आरएंडडी और टैलेंट डेवलपमेंट
पांचवां स्तंभ अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) पर केंद्रित होगा, जिसमें उद्योग और अकादमी के सहयोग से उद्योग की अत्याधुनिक जरूरतों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया, “यह पूरी तरह से इंडस्ट्री और एकेडेमिया द्वारा संचालित होगा, जो आपस में तालमेल और सामंजस्य के साथ काम करेंगे। यह अलग-थलग तरह का आरएंडडी नहीं होगा। हम जिस आरएंडडी पर ध्यान देंगे, वह बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल या अप्लाइड होगा।”
छठे स्तंभ के बारे में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ध्यान टैलेंट डेवलपमेंट पर होगा। उन्होंने बताया कि सेमीकॉन इंडिया 1.0 में 10 वर्षों में 85,000 डिज़ाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि चार वर्षों में ही 70,000 डिज़ाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “सेमीकॉन 2.0 में हम टेक्नीशियन टैलेंट, क्लीन रूम टैलेंट और फैक्ट्री फ्लोर टैलेंट को विकसित करने का बड़ा काम हाथ में लेंगे और हमारा लक्ष्य एक लाख टैलेंट को विकसित करना होगा।” यह टैलेंट भारत में बनने वाली फैक्ट्रियों में सीधे रोजगार पाएगा और वैश्विक प्रतिभा पूल भी तैयार करेगा।
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चिप डिजाइन और मशीन-मटीरियल पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सेमीकॉन 2.0 में हम कम से कम 200 ऐसे स्टार्टअप और कंपनियों को टारगेट करेंगे जो भारत में सेमीकंडक्टर की जरूरतों के हिसाब से चिप डिज़ाइन करते हैं।” दूसरा स्तंभ मशीनों और मटीरियल पर केंद्रित होगा। उन्होंने बताया कि इस आयोजन के दौरान घोषित 5 अरब डॉलर के निवेश से देश में रोजगार सृजन को बड़ी गति मिलेगी।
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डिस्प्ले, मेमोरी और एडवांस्ड पैकेजिंग
तीसरा स्तंभ डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक पर केंद्रित रहेगा। चौथा स्तंभ एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट्स पर आधारित होगा। अश्विनी वैष्णव ने कहा, “ओडिशा में पहले से ही एक 3D पैकेजिंग यूनिट बन रही है।”
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आरएंडडी और टैलेंट डेवलपमेंट
पांचवां स्तंभ अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) पर केंद्रित होगा, जिसमें उद्योग और अकादमी के सहयोग से उद्योग की अत्याधुनिक जरूरतों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया, “यह पूरी तरह से इंडस्ट्री और एकेडेमिया द्वारा संचालित होगा, जो आपस में तालमेल और सामंजस्य के साथ काम करेंगे। यह अलग-थलग तरह का आरएंडडी नहीं होगा। हम जिस आरएंडडी पर ध्यान देंगे, वह बहुत ज्यादा प्रैक्टिकल या अप्लाइड होगा।”
छठे स्तंभ के बारे में अश्विनी वैष्णव ने कहा कि ध्यान टैलेंट डेवलपमेंट पर होगा। उन्होंने बताया कि सेमीकॉन इंडिया 1.0 में 10 वर्षों में 85,000 डिज़ाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया था, जबकि चार वर्षों में ही 70,000 डिज़ाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “सेमीकॉन 2.0 में हम टेक्नीशियन टैलेंट, क्लीन रूम टैलेंट और फैक्ट्री फ्लोर टैलेंट को विकसित करने का बड़ा काम हाथ में लेंगे और हमारा लक्ष्य एक लाख टैलेंट को विकसित करना होगा।” यह टैलेंट भारत में बनने वाली फैक्ट्रियों में सीधे रोजगार पाएगा और वैश्विक प्रतिभा पूल भी तैयार करेगा।
सेमीकॉन इंडिया क्यों है खास?
- फोटो : अमर उजाला
टेक लीडर्स ने क्या कहा?
माइक्रोन- माइक्रोन के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने भारत में कंपनी की मौजूदा स्थिति और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माइक्रोन पिछले सात साल से भारत में मौजूद है और सीधे तौर पर 7,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में कंपनी से जुड़े हजारों अन्य रोजगार भी हैं।
मेहरोत्रा के मुताबिक, साणंद स्थित माइक्रोन की मौजूदा उत्पादन क्षमता भारत के पूरे लैपटॉप बाजार की मेमोरी जरूरत से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि कंपनी इस साल साणंद में करोड़ों चिप की असेंबली और टेस्टिंग करेगी, जबकि अगले साल यह संख्या बढ़कर सैकड़ों करोड़ तक पहुंच सकती है।
सेमी- सेमी के अध्यक्ष और सीईओ अजीत मनोचा ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अभूतपूर्व तेजी से बढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, अब देश को सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन में उन क्षेत्रों की पहचान करनी होगी, जहां वह वैश्विक स्तर पर मजबूत और महत्वपूर्ण भूमिका बना सके।
इंफिनियन- इंफिनियन टेक्नोलॉजीज के सीईओ योखेन हानेबेक ने भी भारत में कंपनी के विस्तार की जानकारी दी। उनके मुताबिक, भारत में इंफिनियन के कर्मचारियों की संख्या अब करीब 2,800 हो गई है। पिछले एक साल में कंपनी ने यहां अपनी टीम में 28 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने भारत सरकार के साथ मिलकर नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर इंजीनियरों को उद्योग की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देना है।
19 सितंबर तक चलेगा आयोजन
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जाएगा। इसका विषय 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखा गया है। आयोजन का मकसद सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग, निवेश, इनोवेशन और कुशल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा वैश्विक उद्योग संगठन सेमी के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
600 से ज्यादा कंपनियां होंगी शामिल
सेमीकॉन इंडिया 2026 की प्रदर्शनी में 600 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। प्रदर्शनी के लिए लगभग 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में 150 से ज्यादा वक्ता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें चिप निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
6 देशों और 12 राज्यों के पवेलियन
कार्यक्रम में छह देशों के पवेलियन बनाए गए हैं। वहीं, 12 राज्य सरकारों की ओर से भी अलग पवेलियन लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्टार्टअप, इनोवेशन, छात्र, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित विशेष मंच होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और समाधान पेश करेंगे। वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल से जुड़े अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा।
माइक्रोन- माइक्रोन के सीईओ संजय मेहरोत्रा ने भारत में कंपनी की मौजूदा स्थिति और आगे की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि माइक्रोन पिछले सात साल से भारत में मौजूद है और सीधे तौर पर 7,000 से अधिक लोगों को रोजगार दे रही है। इसके अलावा सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन में कंपनी से जुड़े हजारों अन्य रोजगार भी हैं।
मेहरोत्रा के मुताबिक, साणंद स्थित माइक्रोन की मौजूदा उत्पादन क्षमता भारत के पूरे लैपटॉप बाजार की मेमोरी जरूरत से भी अधिक है। उन्होंने बताया कि कंपनी इस साल साणंद में करोड़ों चिप की असेंबली और टेस्टिंग करेगी, जबकि अगले साल यह संख्या बढ़कर सैकड़ों करोड़ तक पहुंच सकती है।
सेमी- सेमी के अध्यक्ष और सीईओ अजीत मनोचा ने कहा कि भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अभूतपूर्व तेजी से बढ़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, अब देश को सेमीकंडक्टर की पूरी वैल्यू चेन में उन क्षेत्रों की पहचान करनी होगी, जहां वह वैश्विक स्तर पर मजबूत और महत्वपूर्ण भूमिका बना सके।
इंफिनियन- इंफिनियन टेक्नोलॉजीज के सीईओ योखेन हानेबेक ने भी भारत में कंपनी के विस्तार की जानकारी दी। उनके मुताबिक, भारत में इंफिनियन के कर्मचारियों की संख्या अब करीब 2,800 हो गई है। पिछले एक साल में कंपनी ने यहां अपनी टीम में 28 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की है। कंपनी ने भारत सरकार के साथ मिलकर नया सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के सेमीकंडक्टर इंजीनियरों को उद्योग की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण देना है।
19 सितंबर तक चलेगा आयोजन
सेमीकॉन इंडिया 2026 का आयोजन 17 से 19 सितंबर तक किया जाएगा। इसका विषय 'सिलिकॉन टू सिस्टम्स: बिल्डिंग द इकोसिस्टम' रखा गया है। आयोजन का मकसद सेमीकंडक्टर उद्योग में सहयोग, निवेश, इनोवेशन और कुशल प्रतिभाओं के विकास को बढ़ावा देना है। इस कार्यक्रम का आयोजन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा वैश्विक उद्योग संगठन सेमी के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
600 से ज्यादा कंपनियां होंगी शामिल
सेमीकॉन इंडिया 2026 की प्रदर्शनी में 600 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी। इनमें करीब 300 विदेशी कंपनियां शामिल हैं। प्रदर्शनी के लिए लगभग 15,000 वर्ग मीटर क्षेत्र तैयार किया गया है। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में 150 से ज्यादा वक्ता सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इनमें चिप निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, चिप डिजाइन, एडवांस्ड पैकेजिंग और सप्लाई चेन जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
6 देशों और 12 राज्यों के पवेलियन
कार्यक्रम में छह देशों के पवेलियन बनाए गए हैं। वहीं, 12 राज्य सरकारों की ओर से भी अलग पवेलियन लगाए जाएंगे। इसके अलावा स्टार्टअप, इनोवेशन, छात्र, कौशल विकास और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर केंद्रित विशेष मंच होंगे। स्टार्टअप पवेलियन में करीब 40 स्टार्टअप अपनी तकनीक और समाधान पेश करेंगे। वर्कफोर्स डेवलपमेंट पवेलियन में माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रोजगार, प्रशिक्षण और कौशल से जुड़े अवसरों पर ध्यान दिया जाएगा।