टेक टिप्स: क्या आपके स्मार्टफोन में हो रही जासूसी? इन सेटिंग्स से पकड़ें स्पायवेयर, ऐसे रखें डेटा सुरक्षित
आज स्मार्टफोन में हमारी बैंकिंग डिटेल्स, पर्सनल तस्वीरें और प्राइवेट चैट्स जैसी बेहद संवेदनशली जानकारी होती हैं। ऐसे में अगर कोई स्पायवेयर या संदिग्ध एप आपके फोन में छिपकर आपकी जासूसी कर रहा है, तो यह एक बड़ा प्राइवेसी खतरा बन सकता है। तो क्या आपको फोन भी बिना वजह गर्म हो रहा है या अचानक बैटरी-डाटा तेजी से खत्म हो रहा है। जानिए कुछ आसान सेटिंग्स की मदद से संदिग्ध एप्स को पहचानने और अपने फोन को सुरक्षित रखने का तरीका क्या है...
विस्तार
आजकल हर व्यक्ति के फोन में बैंकिंग डेटा, पर्सनल फोटोज, सोशल मीडिया अकाउंट्स और प्राइवेट मैसेजेस मौजूद रहते हैं। ऐसे में अगर किसी जरिए से फोन में जासूसी करने वाला सॉफ्टवेयर या कोई अंजान संदिग्ध एप एंट्री कर ले, तो आपकी निजी सुरक्षा पर सीधा हमला हो सकता है, लेकिन अच्छी बात यह है कि एंड्राॅयड ऑपरेटिंग सिस्टम में ही कुछ ऐसे आसान फीचर्स और सेटिंग्स मौजूद हैं, जिनकी मदद से आप इन छिपे हुए खतरनाक एप्स की पहचान कर सकते हैं और अपने डेटा को सुरक्षित कर सकते हैं।
फोन में स्पायवेयर होने के शुरुआती संकेत
- यदि आपका फोन अजीब व्यवहार कर रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। बैकग्राउंड में एक्टिव रहने वाले जासूसी एप्स अक्सर यह लक्षण छोड़ते हैं:
- तेजी से बैटरी ड्रेन होना: सामान्य इस्तेमाल के बावजूद अगर फोन की बैटरी पहले से बहुत जल्दी खत्म हो रही है, तो सावधान हो जाएं। स्पायवेयर बैकग्राउंड में लगातार डेटा इकट्ठा करते हैं, जिससे बैटरी खर्च होती है, हालांकि हर बार बैटरी ड्रेन का कारण सिर्फ जासूसी ही नहीं होता।
- डेटा का ज्यादा इस्तेमाल: अगर बिना ज्यादा इंटरनेट चलाए भी मोबाइल डेटा अचानक तेजी से खत्म हो रहा है।
- फोन का गर्म होना और स्लो परफॉर्मेंस: बिना किसी हैवी काम या गेमिंग के फोन का अचानक गर्म हो जाना या परफॉर्मेंस स्लो पड़ जाना भी जांच का एक मुख्य वजह हो सकता है।
इंस्टॉल्ड एप्स की लिस्ट से संदिग्ध एप्स की पहचान कैसे करें?
- अपने फोन के एप्स की सूची जांचना सुरक्षा का पहला कदम है।
- सबसे पहले अपने फोन की सेटिंग्स में जाएं।
- इसके बाद एप्स या एप मैनेजमेंट सेक्शन को खोलें।
- यहां फोन में मौजूद सभी एप्स की लिस्ट को ध्यान से देखें।
- अगर कोई ऐसा एप दिखता है जिसे आपने खुद डाउनलोड नहीं किया या जिसका नाम और आइकन अजीब या नॉर्मल न लग रहा हो, तो उस पर नजर रखें।
- किसी भी अनजान एप को तुरंत डिलीट करने के बजाय पहले उसकी पूरी जानकारी और परमिशन चेक करें।
एप परमिशंस की जांच करें और गैर-जरूरी एक्सेस बंद करें
स्पायवेयर का मुख्य मकसद फोन के संवेदनशील हिस्सों का एक्सेस पाना होता है। इसलिए एप्स की परमिशन चेक करना बहुत जरूरी है।
- सेटिंग्स चेक करें: यह आप सेटिंग्स में जाकर एप में क्लिक करके किसी भी एप की परमिशंस देखें।
- संवेदनशील फीचर्स: जांचें कि एप को कैमरा, माइक्रोफोन, लोकेशन, कॉन्टैक्ट्स, एसएमएस या फाइल्स की परमिशन मिली है या नहीं।
- जरूरत समझें: अगर कोई नॉर्मल या साधारण एप जैसे टॉर्च या कैलकुलेटर एप, आपसे कैमरा या माइक्रोफोन जैसी गैर-जरूरी परमिशन मांग रहा है, तो उसकी परमिशन तुरंत बंद कर दें और ऐसे एप को फोन से हटाने पर विचार करें।
गूगल प्ले प्रोटेक्ट से करें फोन का सेफ्टी स्कैन
एंड्रॉइड फोन में इन-बिल्ट गूगल प्ले प्रोटेक्ट फीचर मिलता है, जो संदिग्ध एप्स को पकड़ने में काफी मददगार है:
- अपने फोन में गूगल प्ले स्टोर खोलें।
- ऊपर दाएं कोने में मौजूद प्रोफाइल आइकन पर टैप करें।
- प्ले प्रोटेक्ट विकल्प को चुनें।
- स्कैन बटन पर क्लिक करके फोन के सभी एप्स की सुरक्षा जांच करें।
- प्ले प्रोटेक्ट को हमेशा ऑन रखें, क्योंकि यह फोन को नुकसान पहुंचाने वाले ऐप्स की पहचान करके समय पर चेतावनी देता है।
संदिग्ध एप्स को हटाने का सही तरीका और सेफ्टी गाइडलाइंस
अगर आपको अपने फोन में कोई खतरनाक या अनजान एप मिलता है, तो उसे इस तरह हटाएं:
- इसके लिए पहलो है कि एप को डिलीट करने से पहले उसकी सभी संवेदनशील परमिशंस को बंद कर दें।
- दूसरे स्टेप में एप को अनइंस्टॉल करें।
- अगर एप डिलीट न हो रहा हो तो कई बार कुछ स्पायवेयर के पास डिवाइस एडमिनिस्ट्रेटर जैसी स्पेशल परमिशन होती है। इसके लिए सेटिंग में जाएं, सिक्योरिटी सेक्शन में जाएं और डिवाइस एडमिन एक्सेस की जांच करें। जरूरत न होने पर इस एक्सेस को हटाएं, फिर एप अनइंस्टॉल करें।
इन संकेतों को नजरअंदाज न करें
- अगर फोन में अनजान एप्स दिखाई दे रहे हैं, बैटरी और मोबाइल डाटा अजीब तरीके से खर्च हो रहा है या कैमरा और माइक्रोफोन जैसी परमिशंस किसी संदिग्ध एप को मिली हुई हैं, तो तुरंत उसकी जांच करें।
- ध्यान रखें कि इनमें से कोई एक संकेत अकेले स्पायवेयर की पुष्टि नहीं करता है। लेकिन कई संकेत एक साथ दिखाई दें, तो फोन में मौजूद एप्स, उनकी परमिशंस और सिक्योरिटी सेटिंग्स की जांच करना जरूरी है।
- समय रहते संदिग्ध स्पायवेयर को हटाने और फोन की सिक्योरिटी सेटिंग्स को ठीक करने से पर्सनल डाटा के गलत इस्तेमाल का खतरा काफी कम किया जा सकता है।