फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   Starlink Ready India Operations: 20 Gateway Sites Set Up, Confirms SpaceX VP Lauren Dreyer

स्टारलिंक ने भारत में बनाए 20 गेटवे साइट्स: यूजर डेटा देश में ही रखने का दावा, क्या जल्द शुरू होगी सर्विस?

Wed, 07 Oct 2026 01:10 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Wed, 07 Oct 2026 01:10 PM IST
सार

एलन मस्क की सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनी Starlink ने भारत में अपनी सर्विस शुरू करने की तैयारियां तेज कर दी हैं। कंपनी ने भारत में जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के साथ भारतीय यूजर्स का डेटा देश में ही रखने की बात कही है। यह जानकारी SpaceX की वाइस प्रेसिडेंट ने दी है, तो क्या Starlink अब भारत में अपनी सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है? आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में।

विज्ञापन
Starlink Ready India Operations: 20 Gateway Sites Set Up, Confirms SpaceX VP Lauren Dreyer
स्टारलिंक की वाइस प्रेसिडेंट लॉरेन ड्रायर - फोटो : amarujala.com

विस्तार

स्टारलिंक ने भारत में अपनी सर्विस शुरू करने की दिशा में बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है। कंपनी ने भारत के लिए अलग सुरक्षा नियंत्रण विकसित किए हैं और देश में 20 गेटवे साइट्स भी बना ली हैं। स्पेसएक्स की वाइस प्रेसिडेंट और स्टारलिंक बिजनेस ऑपरेशंस की प्रमुख लॉरेन ड्रेयर ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में बताया कि कंपनी भारतीय यूजर्स के डेटा को भारत के भीतर ही रखने की व्यवस्था कर रही है। स्टारलिंक ने भारत की जरूरतों के हिसाब से अपने ऑपरेशंस भी तैयार कर लिए हैं। 
विज्ञापन


भारत में 20 गेटवे साइट्स तैयार
लॉरेन ड्रेयर के अनुसार, स्टारलिंक ने भारतीय बाजार की सेवा के लिए जरूरी ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश कर लिया है। कंपनी ने भारत में 20 गेटवे साइट्स बनाई हैं। इन साइट्स पर सैकड़ों एंटेना लगाए गए हैं। इसके अलावा भारत में सर्विस शुरू करने के लिए जरूरी ऑपरेशनल सिस्टम भी तैयार किए जा चुके हैं। ड्रेयर ने कहा कि कंपनी ने पहले ही निवेश कर भारत में अपना मौजूदा ग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया है और अब वह भारत की सेवा के लिए तैयार है।
विज्ञापन


भारतीय यूजर्स का डेटा देश में ही रखने की तैयारी
साथ ही स्टारलिंक ने भारत के लिए अपने सुरक्षा इंतजाम भी अलग तरीके से तैयार किए हैं। ड्रेयर ने बताया कि कंपनी ने भारतीय सुरक्षा जरूरतों और दूसरे नियमों को ध्यान में रखते हुए अपने ऑपरेशंस को खास तौर पर भारत के लिए तैयार किया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने हर स्तर पर भारत के लिए सुरक्षा नियंत्रण स्थापित किए हैं और भारतीय उपयोगकर्ताओं का डेटा भारत के भीतर ही रखा जा रहा है। यह बयान भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाओं को लेकर डेटा सुरक्षा और स्थानीय नियमों के महत्व को दिखाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पांच साल से भारत की तैयारी में जुटी है स्टारलिंक
बता दें कि स्टारलिंक पिछले पांच वर्षों से भारतीय नियामकों, इंडस्ट्री से जुड़े हितधारकों और ऑपरेटरों के साथ काम कर रही है। ड्रेयर के अनुसार, इस दौरान कंपनी ने अपने ऑपरेशंस को भारत की जरूरतों और नियमों के मुताबिक ढालने पर काम किया है। इसका उद्देश्य भारत के बाजार में सेवा शुरू करने के लिए जरूरी तैयारी पूरी करना है। उन्होंने भारत के डिजिटल क्षेत्र में हुई प्रगति की भी तारीफ की। ड्रेयर ने कहा कि भारत ने डिजिटल क्षेत्र में जो हासिल किया है, वह असाधारण है।

भारत में सैटेलाइट कम्युनिकेशन के लिए तीन कंपनियों को लाइसेंस
भारतीय सरकार ने देश में सैटेलाइट कम्युनिकेशन सेवाएं देने के लिए तीन कंपनियों को लाइसेंस दिए हैं। इनमें स्टारलिंक भी शामिल है। ऐसे में भारत में सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में स्टारलिंक के साथ अन्य कंपनियां भी सेवाएं देने की तैयारी में हैं। स्टारलिंक का फोकस ऐसे क्षेत्रों तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी पहुंचाने पर है, जहां पारंपरिक इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचाना मुश्किल रहा है।

जहां पारंपरिक नेटवर्क नहीं पहुंचता, वहां इंटरनेट पहुंचाएगा स्टारलिंक 
स्टारलिंक सैटेलाइट को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह उन इलाकों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की कोशिश कर रहा है, जहां पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर पहुंचने या सेवा देने में सक्षम नहीं रहा है।
ड्रेयर ने कहा कि स्टारलिंक ऐसे स्थानों पर हाई-स्पीड कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है, जहां पारंपरिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पहुंचना और सर्विस देना संभव नहीं रहा।
इसका मतलब है कि दूरदराज और मुश्किल भौगोलिक क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने में सैटेलाइट नेटवर्क की भूमिका अहम हो सकती है।

स्पेसएक्स के Falcon 9 और Starship पर भी बात
ड्रेयर ने सिर्फ स्टारलिंक के भारत इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी नहीं दी, बल्कि स्पेसएक्स की दूसरी तकनीकों पर भी बात की। उन्होंने फाल्कन 9 रॉकेट का उदाहरण देते हुए कहा कि बड़े पैमाने पर दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले रॉकेट अब वास्तविकता बन चुके हैं। स्पेसएक्स ने फाल्कन 9 से मिली सीख को अपनी अगली पीढ़ी के Starship लॉन्च व्हीकल में शामिल किया है। ड्रेयर  ने कहा कि Starship ऑर्बिट तक पहुंच चुका है और स्पेसएक्स अपनी पिछली तकनीक से मिली सीख को इसमें इस्तेमाल कर रही है।

स्पेसएक्स का एआई कंप्यूटिंग पर भी फोकस
ड्रेयर ने स्पेसएक्स  की भविष्य की योजनाओं में AI कंप्यूटिंग क्षमता का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि स्पेसएक्स एआई के साथ कंपनी पृथ्वी पर बड़े स्तर पर AI कंप्यूटिंग क्षमता तैयार कर रही है और भविष्य में ऑर्बिट में भी बड़े स्तर पर AI कंप्यूटिंग बनाने की योजना है। उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य सूर्य की ऊर्जा का बड़े स्तर पर इस्तेमाल करना है।


Starlink की भारत में तैयारी कितनी आगे पहुंची?
स्पेसएक्स की वाइस प्रेसिडेंट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, भारत में कंपनी ने कई जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इनमें 20 गेटवे साइट्स, सैकड़ों एंटेना, ग्राउंड  इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशनल सिस्टम और भारत-विशिष्ट सुरक्षा नियंत्रण शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि वह भारतीय यूजर्स के डेटा को भारत के भीतर रख रही है और पिछले पांच वर्षों से भारतीय नियामकों तथा इंडस्ट्री से जुड़े पक्षों के साथ काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed