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बदलने वाला है फेसबुक चलाने का अनुभव: अब एप खोलते ही सीधे दिखेंगी रील्स, भारत में शुरू हुआ रील्स-फर्स्ट टेस्ट

Wed, 07 Oct 2026 04:41 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Wed, 07 Oct 2026 04:41 PM IST
सार

अगर आपको फेसबुक खोलते ही दोस्तों और पेजों की पोस्ट देखने की आदत है, तो अब आपका यह एक्सपीरियंस बदलने वाला है। मेटा भारत में एक नया प्रयोग कर रहा है, जहां एप खोलते ही आपको सीधे फुल-स्क्रीन रील्स (Reels) दिखाई देंगी। हालांकि, पुराना होम फीड पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। तो क्या यूजर्स का एक्सपीरियंस बदलने वाला है? आइए समझते हैं पूरी बात...
 

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Facebook Tests Reels-First Experience India, Some Users May See Full-Screen Videos Launch
फेसबुक अपडेट - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

अगर आप फेसबुक इस्तेमाल करते हैं, तो जल्द ही आपका अनुभव बदलने वाला है। मेटा अपने फेसबुक एप का एक नया रील्स-फर्स्ट अवतार भारत में टेस्ट कर रहा है। एक रिपार्ट के अनुसार, भारत में कुछ फेसबुक यूजर्स जैसे ही अपना एप खोल रहे हैं, उन्हें दोस्तों, पेजों या ग्रुप्स के फोटो-टेक्स्ट वाले पुराने फीड के बजाय सीधे फुल-स्क्रीन रील्स दिखाई दे रही हैं। यानी एप करते ही यूजर्स को पारंपरिक पोस्ट फीड के बजाय वीडियो कंटेंट से सामना हो रहा है। हालांकि, इस टेस्ट में Facebook के पारंपरिक फीड को हटाया नहीं जा रहा है। यानी परिचित फीड अभी भी उपलब्ध रहेगा।
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एप खुलते ही दिख सकती हैं Reels
भारत में चल रहे इस टेस्ट के तहत कुछ यूजर्स के लिए फेसबुक का शुरुआती अनुभव Reels-केंद्रित हो गया है। एप खोलने पर सीधे फुल-स्क्रीन वीडियो दिखाई देते हैं, जिससे फेसबुक का इंटरफेस इंस्टाग्राम के वीडियो-फर्स्ट अनुभव के ज्यादा करीब नजर आता है। यह बदलाव खास तौर पर उन यूजर्स के लिए टेस्ट किया जा रहा है, जो ज्यादा वीडियो कंटेंट देखना पसंद करते हैं।
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फेसबुक को वीडियो-केंद्रित बनाने की तैयारी
यह टेस्ट फेसबुक के प्रमुख टॉम एलिसन की पहले की टिप्पणियों के बाद सामने आया है। उनके मुताबिक, लोग अब सोशल मीडिया पर टेक्स्ट या फोटो से ज्यादा वीडियो देखना पसंद कर रहे हैं। टॉम एलिसन का कहना है कि लोग अब ज्यादा विजुअल और वीडियो कंटेंट देखना चाहते हैं। आज वीडियो ही वो जगह बन चुका है जहां लोग आपस में बात कर रहे हैं, कम्युनिटी बना रहे हैं और यहां तक कि खरीदारी भी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी इशारा किया कि अगर भारत में यह प्रयोग सफल रहता है, तो कंपनी इसे अमेरिका (US) और बाकी दुनिया में भी लागू करेगी।
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फेसबुक पर लगातार बढ़ रही रील्स की भूमिका
वहीं, इंस्टाग्राम की तरह ही फेसबुक पर भी मेटा रील्स को ज्यादा अहमियत दे रहा है। कंपनी ने 2025 में घोषणा की थी कि फेसबुक पर अपलोड किए जाने वाले नए वीडियो उनकी लंबाई या फॉर्मेट चाहे जो भी हो, रील्स के तौर पर शेयर किए जाएंगे।

इसके अलावा, मेटा ने फेसबुक के वीडियो टैब का नाम बदलकर रील्स कर दिया था। इससे प्लेटफॉर्म पर वीडियो और रील्स को दी जा रही प्राथमिकता साफ नजर आती है।

क्या फेसबुक का पुराना फीड बदलेगा?
भारत में किया जा रहा यह नया प्रयोग इस बात का संकेत देता है कि मेटा अब यह समझने की कोशिश कर रहा है कि वीडियो-फर्स्ट मॉडल फेसबुक जैसे पुराने और बड़े सोशल नेटवर्क पर कितना प्रभावी हो सकता है। हालांकि, फिलहाल पारंपरिक फीड को हटाया नहीं जा रहा है। इसलिए जिन यूजर्स को दोस्तों, पेज और ग्रुप्स की सामान्य पोस्ट वाला फीड पसंद है, उनके लिए वह अनुभव अभी भी उपलब्ध रहेगा।
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