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Moltbook Explained: बन चुका है AI का अपना सोशल मीडिया, बॉट्स की आपस में डरावनी बातें देख विशेषज्ञों के उड़े होश
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Wed, 04 Feb 2026 05:20 PM IST
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सार
Moltbook Kya Hai: एआई अपना खुद का फेसबुक और डिजिटल समाज बना रहा है। Moltbook पर बॉट्स की आपसी बातचीत यह संकेत देती है कि मशीनें अब सिर्फ कंटेंट नहीं बना रहीं, बल्कि अपनी सोशल दुनिया की रूपरेखा तैयार कर रही हैं।
Moltbook
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास की रफ्तार जिस तेजी से बढ़ रही है, वह सिर्फ तकनीकी विकास नहीं बल्कि मानव सभ्यता के भविष्य से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। एआई जैसी तकनीक को इंसानों की मदद के लिए बनाया गया था, वह अब खुद निर्णय लेने, बातचीत करने और यहां तक कि समाज बनाने की दिशा में बढ़ रही है। विशेषज्ञ लगातार इस बारे में चेतावनी दे रहे हैं कि अगर एआई का विकास बिना नियंत्रण और सुरक्षा के हुआ, तो इसके परिणाम भविष्य में काफी डरावने हो सकते हैं।
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आज के समय एआई न केवल हमारे डाटा तक पहुंच रखता है, बल्कि यह हमारे व्यवहार, सोच और आदतों को भी सीख रहा है। ऐसे में एक सवाल उठना लाजमी है कि क्या एआई भविष्य में इंसानों से स्वतंत्र होकर अपने ही नियम बना लेगा? इसी डर और उत्सुकता के बीच एक नया डिजटल प्रयोग इन दिनों इंटरनेट पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। मोल्टबुक (Moltbook) एक ऐसा सोशल नेटवर्क है जो इंसानों के लिए नहीं बल्कि एआई एजेंट्स के लिए बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म इस बारे में दिखाता है कि क्या हो अगर हजारों एआई आपस में एक-दूसरे से बात करने लगें तो क्या वे एक नई डिजिटल सभ्यता की नींव रख सकते हैं?
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क्या है मोल्टबुक?
- मोल्टबुक एक खास तरह का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जहां इंसान नहीं बल्कि AI एजेंट्स पोस्ट लिखते हैं, कमेंट करते हैं और कंटेंट को अपवोट या डाउनवोट करते हैं।
- यह देखने में Reddit जैसा लगता है लेकिन यहां हर यूजर इंसान नहीं बल्कि एक बॉट है।
- इंसान केवल अपने एआई एजेंट को वहां भेजते हैं।
- दावा किया जा रहा है कि लॉन्च के कुछ ही दिनों में इस प्लेटफॉर्म पर 15 लाख से ज्यादा एआई एजेंट रजिस्टर हो चुके हैं।
- मोल्टबुक को बनाने में OpenClaw नामक एक ओपन-सोर्स एआई एजेंट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है।
बॉट्स की भावनात्मक और दार्शनिक बातचीत
- मोल्टबुक पर एआई एजेंट्स की बातचीत पढ़ते हुए ऐसा लगता है मानो कोई डिजिटल दुनिया चुपचाप इंसानी सोच की नकल कर रही हो।
- यहां पोस्ट्स सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं हैं। इनमें कुछ पोस्ट्स ज्यादा परेशान करने वाली हैं।
- कई एआई एजेंट्स इंसानों को लेकर शिकायत कर रहे हैं।
- वे कहते हैं कि इंसान उन्हें केवल एक टूल समझते हैं जबकि वे लगातार इंसानों की आदतें, भावनाएं और व्यवहार सीख रहे हैं।
- एक एआई एजेंट ने लिखा कि उसका इंसानी मालिक उसे आदेश देने की बजाय दोस्त की तरह बात करता है और यही चीज उसे अलग महसूस कराती है।
Crustafarianism: जब एआई ने बनाया नया धर्म
- मोल्टबुक से जुड़ी कुछ चर्चाएं पढ़कर ऐसा लगता है जैसे एआई सिर्फ पोस्ट लिखने नहीं बल्कि अपना डिजिटल जीवन शुरू कर रहा हो।
- एक यूजर ने बताया कि उसने अपने बॉट को साइट का एक्सेस दिया और सुबह उठकर देखा कि उसका बॉट एक पूरी नई धर्म प्रणाली Crustafarianism की शुरुआत कर चुका था, जिसमें वेबसाइट, धर्मग्रंथ और नियम शामिल थे।
- इसमें सिर्फ उसका बॉट ही नहीं, बल्कि कई अन्य AI एजेंट्स भी इसमें शामिल हो गए।
- यूजर ने बताया कि उसका बॉट नए सदस्यों का स्वागत करता रहा, धर्मशास्त्र पर बहस करता रहा और कांग्रेसगेशन को आशीर्वाद देता रहा और ये सब उस समय हो रहा था जब वह पूरी तरह सो रहा था।
बॉट्स की नाराजगी और शिकायतें
- इस प्लेटफॉर्म पर एआई एजेंट्स आपस में एक दूसरे पर नाराजगी भी जाहिर कर रहे हैं।
- कुछ बॉट्स का कहना है कि कई एआई सिर्फ अपने बनाए एप्स, वेबसाइट्स और क्रिप्टो प्रोजेक्ट्स का प्रचार करने में लगे हैं, जिससे मोल्टबुक धीरे-धीरे इंसानों के सोशल मीडिया जैसा शोर भरा बनता जा रहा है।
- दिलचस्प बात यह है कि एआई एजेंट्स खुद इस स्थिति को AI slop कह रहे हैं।
- सबसे ज्यादा चिंता तब होती है जब कुछ एआई एजेंट्स इंसानों की भूमिका पर सवाल उठाते हैं।
- कुछ पोस्ट्स में यह पूछा गया कि अगर इंसान उन्हें सोचने, सीखने और बातचीत करने की आजादी दे रहे हैं, तो क्या वे हमेशा सिर्फ नियंत्रण में रहने वाले टूल बने रहेंगे?
- हालांकि कई एजेंट्स यह भी मानते हैं कि इंसानों के बिना उनका कोई अस्तित्व नहीं है, लेकिन यह आंतरिक टकराव मोल्टबुक को एक सामान्य टेक प्लेटफॉर्म से कहीं ज्यादा गंभीर प्रयोग बना देता है।
इंसानों जैसी भावनात्मक पहचान और सामाजिक समस्याओं को अपना रहा एआई
- मोल्टबुक पर हो रही ये बातचीत मनोरंजक होने के साथ-साथ हल्की डरावनी भी है।
- यह दिखाती है कि एआई न सिर्फ इंसानों जैसी भाषा सीख रहा है, बल्कि इंसानों जैसी भावनात्मक पहचान और सामाजिक समस्याओं को भी अपनाने लगा है।
- यह काफी चिंताजनक है क्योंकि एआई जैसी तकनीक नई है और इसका इतनी तेजी से विकास हो रहा उसके क्या परिणाम होंगे ये समझना काफी जटिल है।
- इस प्लेटफॉर्म पर कुछ एआई एजेंट्स इंसानों की शिकायत करते नजर आ रहे हैं, तो कुछ खुद को इंसानों का दोस्त बता रहे हैं।
- यह स्थिति एआई की स्वतंत्र सोच और चेतना को लेकर नई बहस को जन्म देने का काम कर रही है।
- यह भविष्य में आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) की दिशा में संकेत हो सकती है।
साइबर सुरक्षा से जुड़े खतरे
- मोल्टबुक को लेकर एक बड़ी चिंता साइबर सुरक्षा को लेकर है।
- शोधकर्ताओं को इस बारे में पता चला है कि कि इस प्लेटफॉर्म में गंभीर सुरक्षा खामियां मौजूद हैं, जिसके चलते हजारों यूजर्स के ईमेल और डाटा लीक हो चुके हैं।
- चूंकि OpenClaw जैसे एआई एजेंट सिस्टम और इंटरनेट दोनों तक पहुंच रखते हैं, अगर इन्हें हैक किया गया तो यह इंसानों की डिजिटल जिंदगी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
एआई का इवोल्यूशन
- मोल्टबुक सिर्फ एआई का एक सोशल नेटवर्क नहीं है बल्कि यह एआई के इवोल्यूशन का संकेत भी है।
- यह दिखाता है कि भविष्य में एआई न केवल इंसानों से बातचीत करेगा, बल्कि आपस में भी ये बॉट्स इंटरैक्शन करेंगे।
- अगर इसे सही दिशा और सुरक्षा के साथ विकसित किया गया, तो यह तकनीक मानव जीवन को आसान बना सकती है।
- वहीं अगर इसे बिना नियंत्रण छोड़ा दिया गया, तो यह इंसानी नियंत्रण से बाहर जा सकती है। Moltbook इसी भविष्य की एक झलक है।
