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Nainital News: हमलावर बाघ काटेगा सजेगा निर्दोष होगा तो खुली हवा में लेगा सांस

संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल Updated Thu, 30 Apr 2026 01:07 AM IST
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If the attacking tiger is found guilty, it will face punishment; if proven innocent, it will breathe the air of freedom.
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नैनीताल। ज्योलीकोट के ज्योली क्षेत्र में महिला को मारने वाले आरोपी बाघ को ट्रैंक्यूलाइज कर लिया गया है जिससे मृतका के शरीर से मिले बाघ के बालों से इन तीन वन्यजीवों के डीएन का मिलान कराया जाएगा। रिपोर्ट में महिला की मौत का दोषी होने पर हमलावर बाघ रेस्क्यू सेंटर में सजा काटेगा वरना वह खुली हवा में सांस लेगा। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि यही बाघ महिला की मौत के लिए जिम्मेदार हो सकता है क्योंकि जिस स्थान पर महिला का शव मिला था, उसी क्षेत्र से इस बाघ को पकड़ा गया है।
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ज्योली क्षेत्र में 22 अप्रैल बुधवार को हेमा पांडे (50) को जंगल में वन्यजीव ने मार दिया था। हेमा का आधा खाया हुआ शव मिला था। इसके बाद वन विभाग की ओर से लगातार गश्त व कैमरा ट्रैप व पिंजरे लगाकर हिंसक वन्जीव की खोजबीन शुरू की थी। एक सप्ताह के बाद वन विभाग ने घटनास्थल पर ही एक नर बाघ को ट्रैंक्यूलाइज किया जिसे रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है। डीएफओ आकाश गंगवार ने बताया कि बाघ का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेज दिया है। घटना में जान गंवाने वाली महिला के परिजनों को वन विभाग की ओर से मुआवजे के रूप में दस लाख रुपये का चेक सौंप दिया है।
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डीएफओ ने बताया कि जब तक डीएनए रिपोर्ट से यह पुष्टि नहीं हो जाती कि पकड़ा गया बाघ ही घटना के लिए जिम्मेदार है, तब तक क्षेत्र में सतर्कता बरती जाएगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने इलाके में ट्रैप कैमरे लगाए हुए हैं जिनकी मदद से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने और अकेले जंगल की ओर न जाने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है।

पूर्व में पकड़ी गई बाघिन की डीएनए रिपोर्ट भी अभी नहीं आई
तीन अप्रैल को सूर्यागांव क्षेत्र में हंसी देवी (54) को वन्यजीव में मार दिया था। महिला का अधखाया शव मिला था। क्षेत्र में कैमरा ट्रैप व पिंजरे लगाकर वन विभाग की ओर से बाघ को पकड़ने की कोशिश की गई लेकिन तीन दिन के बाद जंतवाल गांव के समीप बाघ को ट्रैंक्यूलाइज कर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया था। बाघ का डीएनए सैंपल जांच के लिए भेज दिया है लेकिन अब तक डीएनए जांच की रिपोर्ट वन विभाग को नहीं मिल पाई है।
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