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Rishikesh News: हिम्स का आईसीएमआर की राष्ट्रीय संक्रमण नियंत्रण परियोजना में चयन
Fri, 21 Aug 2026 07:16 PM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Fri, 21 Aug 2026 07:16 PM IST
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हिम्स का आईसीएमआर की राष्ट्रीय संक्रमण नियंत्रण परियोजना में चयन
जौलीग्रांट। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की स्वास्थ्य सेवा-संबंधी संक्रमणों की रोकथाम, निगरानी और प्रबंधन संबंधी राष्ट्रीय परियोजना के लिए देश के 16 चयनित संस्थानों में शामिल किया गया है। हिम्स को क्षेत्रीय केंद्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण समिति की अध्यक्ष डॉ गरिमा मित्तल ने इसे संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में संस्थान की विशेषज्ञता और मजबूत व्यवस्थाओं की राष्ट्रीय पहचान बताया। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत हब एंड स्पोक मॉडल पर चलने वाली इस दो वर्षीय परियोजना का उद्देश्य माध्यमिक और तृतीयक अस्पतालों में संक्रमण की समय पर पहचान, रोकथाम, प्रकोप की जांच और महामारी से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। क्षेत्रीय केंद्र के रूप में हिम्स जिला अस्पतालों, निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य पात्र संस्थानों को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ेगा तथा संक्रमण नियंत्रण, निगरानी, प्रकोप जांच, प्रयोगशाला जांच और रोगाणुरोधी दवाओं के उचित उपयोग का प्रशिक्षण व तकनीकी सहयोग देगा। राष्ट्रीय स्तर पर 500 स्वास्थ्य संस्थानों जिसमें 100 जिला अस्पताल और 400 निजी अस्पतालों हैं को इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। परियोजना का नेतृत्व डॉ गरिमा मित्तल कर रही हैं, जबकि डॉ हेम चंद्र पांडे, डॉ सोएब अहमद, डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ अर्पणा सिंह, डॉ निक्कू यादव, डॉ नेहा शर्मा, डॉ दिव्या अंथवाल और श्वेता सामंत सह-अन्वेषक हैं। डॉ एके देवरारी, डॉ बिंदु डे और डॉ किरण काटोच परियोजना में मार्गदर्शन देंगे।
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जौलीग्रांट। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स), जौलीग्रांट को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की स्वास्थ्य सेवा-संबंधी संक्रमणों की रोकथाम, निगरानी और प्रबंधन संबंधी राष्ट्रीय परियोजना के लिए देश के 16 चयनित संस्थानों में शामिल किया गया है। हिम्स को क्षेत्रीय केंद्र की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। अस्पताल की संक्रमण नियंत्रण समिति की अध्यक्ष डॉ गरिमा मित्तल ने इसे संक्रमण रोकथाम एवं नियंत्रण के क्षेत्र में संस्थान की विशेषज्ञता और मजबूत व्यवस्थाओं की राष्ट्रीय पहचान बताया। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत हब एंड स्पोक मॉडल पर चलने वाली इस दो वर्षीय परियोजना का उद्देश्य माध्यमिक और तृतीयक अस्पतालों में संक्रमण की समय पर पहचान, रोकथाम, प्रकोप की जांच और महामारी से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है। क्षेत्रीय केंद्र के रूप में हिम्स जिला अस्पतालों, निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और अन्य पात्र संस्थानों को राष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़ेगा तथा संक्रमण नियंत्रण, निगरानी, प्रकोप जांच, प्रयोगशाला जांच और रोगाणुरोधी दवाओं के उचित उपयोग का प्रशिक्षण व तकनीकी सहयोग देगा। राष्ट्रीय स्तर पर 500 स्वास्थ्य संस्थानों जिसमें 100 जिला अस्पताल और 400 निजी अस्पतालों हैं को इस नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। परियोजना का नेतृत्व डॉ गरिमा मित्तल कर रही हैं, जबकि डॉ हेम चंद्र पांडे, डॉ सोएब अहमद, डॉ राजेंद्र सिंह, डॉ अर्पणा सिंह, डॉ निक्कू यादव, डॉ नेहा शर्मा, डॉ दिव्या अंथवाल और श्वेता सामंत सह-अन्वेषक हैं। डॉ एके देवरारी, डॉ बिंदु डे और डॉ किरण काटोच परियोजना में मार्गदर्शन देंगे।