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Roorkee News: फार्मेसी अधिकारियों ने काली पट्टी बांध किया प्रदर्शन
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राजकीय फार्मेसी अधिकारी एसोसिएशन (डीपीए) हरिद्वार के फार्मेसी एवं मुख्य फार्मेसी अधिकारियों ने अपनी पांच सूत्री मांगों के निराकरण के लिए आंदोलन के तीसरे चरण में सिविल अस्पताल में बुधवार को काली पट्टी बांधकर कार्य किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के प्रति रोष जताते हुए मांगों के शीघ्र समाधान की मांग की।
जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार ने कहा कि एसोसिएशन की सभी पांचों मांगें जायज हैं। उन्होंने वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों की एसीपी विसंगति दूर कर 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम पदोन्नति वेतनमान का लाभ देने तथा नॉन फंक्शनल वेतनमान की गणना में एसीपी को इग्नोर करने की मांग की। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 391 फार्मेसी अधिकारियों के पद सृजित कर नियुक्ति, ओडिशा एवं असम की तर्ज पर डॉक्टर व चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति में फार्मेसी अधिकारियों को दवा लिखने का अधिकार देने की मांग की गई। चारधाम यात्रा एवं मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारियों के लंबित टीए-डीए बिलों का शीघ्र भुगतान और फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने की मांग भी प्रमुख रही।
जिला मंत्री एसपी बडोला ने कहा कि सरकार को तत्काल मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश मैथानी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला कोषाध्यक्ष विपिन बर्मन ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी अस्पताल व्यवस्था की रीढ़ हैं। इस दौरान मोहम्मद जमशेद अली, आकाश कुमार, शैलेंद्र पंगवाल, संजीव चौधरी, रवि धमा, मोहन सिंह चौधरी, अरविंद और बीएल आर्य आदि मौजूद रहे।
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जिला अध्यक्ष बृजेश कुमार ने कहा कि एसोसिएशन की सभी पांचों मांगें जायज हैं। उन्होंने वर्ष 2009 के बाद नियुक्त फार्मासिस्टों की एसीपी विसंगति दूर कर 10 वर्ष की सेवा पर प्रथम पदोन्नति वेतनमान का लाभ देने तथा नॉन फंक्शनल वेतनमान की गणना में एसीपी को इग्नोर करने की मांग की। इसके अलावा स्वास्थ्य उपकेंद्रों में 391 फार्मेसी अधिकारियों के पद सृजित कर नियुक्ति, ओडिशा एवं असम की तर्ज पर डॉक्टर व चिकित्सा अधिकारियों की अनुपस्थिति में फार्मेसी अधिकारियों को दवा लिखने का अधिकार देने की मांग की गई। चारधाम यात्रा एवं मेला ड्यूटी में तैनात अधिकारियों के लंबित टीए-डीए बिलों का शीघ्र भुगतान और फार्मेसी प्रैक्टिस रेगुलेशन-2015 लागू करने की मांग भी प्रमुख रही।
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जिला मंत्री एसपी बडोला ने कहा कि सरकार को तत्काल मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए। प्रांतीय उपाध्यक्ष उमेश मैथानी ने कहा कि मांगें पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। जिला कोषाध्यक्ष विपिन बर्मन ने कहा कि फार्मेसी अधिकारी अस्पताल व्यवस्था की रीढ़ हैं। इस दौरान मोहम्मद जमशेद अली, आकाश कुमार, शैलेंद्र पंगवाल, संजीव चौधरी, रवि धमा, मोहन सिंह चौधरी, अरविंद और बीएल आर्य आदि मौजूद रहे।
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