{"_id":"6ae88aafb856610d0d0f212d","slug":"shrigul-temple-will-get-a-new-identity-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-123135-2026-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: श्रीगुल मंदिर को मिलेगी नई पहचान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: श्रीगुल मंदिर को मिलेगी नई पहचान
Mon, 02 Nov 2026 06:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 02 Nov 2026 06:35 PM IST
विज्ञापन
छह मंदिरों के विकास का रास्ता खुला
पुरोला। पुरोला के आराध्य और आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीगुल मंदिर के दिन अब संवरने की उम्मीद जगी है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इसे आकर्षक स्वरूप देने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने श्रीगुल मंदिर सहित यमुना घाटी के छह प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए शासनादेश जारी कर दिया है।
इस पहल से श्रीगुल मंदिर को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ गई है। शासनादेश के तहत पुरोला गांव स्थित ऐतिहासिक श्रीगुल मंदिर के साथ खलाड़ी का जागमाता मंदिर, महारगांव का भगवती मंदिर, सुनाली का रघुनाथ मंदिर, कण्डियाल गांव का कपिलमुनि मंदिर और कोटला भसुना का रघुनाथ मंदिर भी विकास की योजना में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मंदिरों के विकास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। सरकार के इस निर्णय से यमुना घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
पुरोला। पुरोला के आराध्य और आस्था के प्रमुख केंद्र श्रीगुल मंदिर के दिन अब संवरने की उम्मीद जगी है। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाओं के विकास और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से इसे आकर्षक स्वरूप देने का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने श्रीगुल मंदिर सहित यमुना घाटी के छह प्रमुख मंदिरों के सौंदर्यीकरण के लिए शासनादेश जारी कर दिया है।
इस पहल से श्रीगुल मंदिर को क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं बढ़ गई है। शासनादेश के तहत पुरोला गांव स्थित ऐतिहासिक श्रीगुल मंदिर के साथ खलाड़ी का जागमाता मंदिर, महारगांव का भगवती मंदिर, सुनाली का रघुनाथ मंदिर, कण्डियाल गांव का कपिलमुनि मंदिर और कोटला भसुना का रघुनाथ मंदिर भी विकास की योजना में शामिल हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मंदिरों के विकास की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। सरकार के इस निर्णय से यमुना घाटी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। संवाद
विज्ञापन