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Akhilesh Yadav on Jauhar University: Maulana Saif Abbas on Akhilesh's tweet regarding the Jauhar University co
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Akhilesh On Jauhar University: जौहर यूनिवर्सिटी विवाद पर अखिलेश के ट्वीट पर भड़के मौलाना सैफ अब्बास
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Mon, 20 Jul 2026 03:14 AM IST
राजधानी लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव मुसलमानों से जुड़े अहम मुद्दों पर सक्रिय रूप से आवाज़ उठाने के बजाय केवल सोशल मीडिया पर ट्वीट करके अपनी जिम्मेदारी पूरी करने की कोशिश करते हैं। मौलाना सैफ अब्बास ने जौहर यूनिवर्सिटी विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां हजारों छात्रों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को विश्वविद्यालय के संचालन या स्वामित्व से संबंधित कोई कानूनी या प्रशासनिक आपत्ति है, तो उसका समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से निकाला जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर विश्वविद्यालय को अपने अधीन ले सकती है या किसी समुदाय आधारित बोर्ड का गठन कर उसके संचालन की व्यवस्था कर सकती है, लेकिन किसी भी स्थिति में बुलडोजर जैसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उनका कहना था कि ऐसी कार्रवाई से छात्रों का मनोबल टूटेगा और शिक्षा का माहौल प्रभावित होगा।
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा केवल एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि शिक्षा और छात्रों के भविष्य से जुड़ा विषय है, इसलिए सभी राजनीतिक दलों और सरकार को संवेदनशीलता के साथ इस पर निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुस्लिम समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अखिलेश यादव अक्सर चुप्पी साधे रहते हैं और जब समाज के भीतर से आवाज़ उठती है, तब वह केवल एक ट्वीट कर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। मौलाना ने दावा किया कि उनके बयान के बाद ही अखिलेश यादव ने जौहर यूनिवर्सिटी के मुद्दे पर सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि मुसलमानों के हितों की रक्षा केवल ट्वीट के माध्यम से की जाएगी, तो वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुस्लिम समाज भी "ट्वीट के जरिए वोट" देगा। उनके इस बयान को समाजवादी पार्टी की राजनीति और मुस्लिम वोट बैंक को लेकर एक बड़ी राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है और इस पर सरकार, विपक्ष तथा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं।
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