Hindi News
›
Video
›
India News
›
Bankipur By-election: Prashant Kishor makes a bold claim—BJP rattled by Jan Suraaj's entry in Bankipur!
{"_id":"6a5bf2cdb14d85c62e02d973","slug":"bankipur-by-election-prashant-kishor-makes-a-bold-claim-bjp-rattled-by-jan-suraaj-s-entry-in-bankipur-2026-07-19","type":"video","status":"publish","title_hn":"Bankipur By Election: प्रशांत किशोर ने किया बड़ा दावा , बांकीपुर में जन सुराज के उतरने से भाजपा घबराई!","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bankipur By Election: प्रशांत किशोर ने किया बड़ा दावा , बांकीपुर में जन सुराज के उतरने से भाजपा घबराई!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 19 Jul 2026 03:30 AM IST
Link Copied
जन सुराज के संस्थापक और राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए दावा किया कि जन सुराज की मौजूदगी ने भाजपा को रक्षात्मक स्थिति में ला दिया है। उन्होंने कहा कि जन सुराज अभी एक नई राजनीतिक ताकत है, जिसका पारंपरिक अर्थों में कोई बड़ा संगठनात्मक ढांचा नहीं है और न ही बांकीपुर क्षेत्र में लंबे समय से कोई मजबूत राजनीतिक आधार रहा है। इसके बावजूद, केवल जन सुराज के एक उम्मीदवार के चुनाव मैदान में उतरने से भाजपा पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस पार्टी को पहले इस सीट पर अपनी स्थिति मजबूत और सुरक्षित लगती थी, वह अब अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। उनके अनुसार, भाजपा ने अपने हजारों कार्यकर्ताओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है ताकि वह अपने तथाकथित राजनीतिक किले को बचा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन इलाकों में पहले भाजपा के नेता और मंत्री चुनाव के दौरान भी वोट मांगने नहीं जाते थे, वहां अब एक-एक वार्ड में मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता लगातार दौरे कर रहे हैं तथा लोगों से सीधे संपर्क कर समर्थन मांग रहे हैं।
प्रशांत किशोर ने इसे जन सुराज के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का परिणाम बताते हुए कहा कि यही लोकतंत्र की असली ताकत है, जहां जनता के बीच एक नया विकल्प आने पर स्थापित राजनीतिक दलों को भी लोगों के बीच जाकर जवाब देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के लिए यह एक सकारात्मक संकेत है क्योंकि अब वे नेता और मंत्री, जो पहले आम लोगों की समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते थे, अब घर-घर जाकर लोगों से मिलने और वोट मांगने को मजबूर हैं। उनके अनुसार, यदि जन सुराज जैसे नए राजनीतिक प्रयास जनता का समर्थन प्राप्त करते रहे, तो राज्य की राजनीति में जवाबदेही बढ़ेगी और राजनीतिक दलों को जनता के प्रति अधिक संवेदनशील होना पड़ेगा। प्रशांत किशोर ने अपने बयान के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की कि जन सुराज का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक ऐसा माहौल बनाना है जिसमें जनता की आवाज़ अधिक प्रभावी हो और सत्ता में रहने वाले दलों को लगातार जनता के बीच रहकर काम करना पड़े। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बदलाव का लाभ अंततः बिहार की जनता को मिलेगा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक मजबूत तथा जन-केंद्रित बनेगी।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।