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केरल पुलिस का बड़ा एक्शन: ब्लैकमेलिंग का खेल खत्म, महिला सहित चार गिरफ्तार; 5 करोड़ की रंगदारी का क्या है सच?
Sun, 19 Jul 2026 11:46 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:46 PM IST
सार
एक झूठे बच्चे का 'पिता' बताकर शादीशुदा कारोबारी को कंगाल करने वाली हसीना का खेल अब खत्म हो चुका है। नकदी, फ्लैट, जमीन और कंपनी की आधी हिस्सेदारी हड़पने के बाद जब आरोपियों ने पूरी कंपनी पर कब्जा करना चाहा, तो एक शिकायत ने इस 5 करोड़ी ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट को सीधे जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। क्या है पूरा मामला? जानिए...
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केरल पुलिस ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
केरल पुलिस ने ब्लैकमेलिंग और रंगदारी के एक बेहद चौंकाने वाले मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने तेलंगाना के एक बड़े कारोबारी से पांच करोड़ रुपये से अधिक की रंगदारी वसूलने के आरोप में रविवार को एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए सभी आरोपी नेय्याटिनकरा के रहने वाले हैं। इन लोगों ने कारोबारी को एक कथित संबंध और बच्चे का पिता होने का झूठा डर दिखाकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए।
हनीट्रैप या साजिश, कैसे फंसा कारोबारी?
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रोशिनी ने कई साल पहले तेलंगाना के कारोबारी विजयाकुमार से दोस्ती की थी। जून 2023 में रोशिनी ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसने विजयाकुमार से संपर्क किया। उसने दावा किया कि वह इस बच्चे का पिता है। विजयाकुमार पहले से शादीशुदा थे और उनका एक बच्चा भी था। रोशिनी ने बदनामी का डर दिखाकर पैसे मांगना शुरू कर दिया।
सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार टूटने के डर से कारोबारी उनकी हर मांग को मानता चला गया। विजयाकुमार ने शुरुआत में रोशिनी को करीब 1.8 करोड़ रुपये नकद दिए। लेकिन आरोपियों का लालच यहीं नहीं रुका। इसके बाद उन्होंने ब्लैकमेलिंग का दायरा और बढ़ा दिया।
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विजयाकुमार ने क्या-क्या गंवाया ?
आरोपियों ने विजयाकुमार को इस कदर डरा दिया कि उन्होंने नकदी के अलावा करोड़ों की संपत्ति रोशिनी के नाम कर दी। मामले की जांच में सामने आए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-
वसूली की पांच बड़ी बातें
भारी-भरकम नकदी: कारोबारी से अलग-अलग किश्तों में करीब 1.8 करोड़ रुपये कैश लिए गए।
आलीशान अपार्टमेंट: तिरुवनंतपुरम जिले में 1.2 करोड़ रुपये की कीमत का एक फ्लैट खरीदा गया।
लाखों की जमीन: रोशिनी के नाम पर ही 1.3 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन रजिस्ट्री कराई गई।
सोने के आभूषण: आरोपियों ने डरा-धमकाकर 45 संप्रभु (सॉवरेन) सोने के आभूषण भी हड़प लिए।
कंपनी में हिस्सेदारी: हद तो तब हो गई जब कारोबारी को अपनी कंपनी की 50 फीसदी हिस्सेदारी रोशिनी के नाम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यह भीू पढ़ें: AI Plane Crash: 'ब्लैक बॉक्स डाटा और कॉकपिट रिकॉर्डिंग हो सार्वजनिक', पीड़ित परिवारों ने और क्या रखी मांगें?
क्या थी आखिरी धमकी?
इतना सब कुछ मिलने के बाद भी आरोपियों की भूख शांत नहीं हुई। हाल ही में आरोपियों ने विजयाकुमार की पत्नी को मैसेज भेज दिए। इसमें दावा किया गया कि विजयाकुमार का रोशिनी के साथ संबंध है और वह उसके बच्चे का पिता है। इसके तुरंत बाद रोशिनी ने कारोबारी पर कंपनी की बाकी बची 50 फीसदी हिस्सेदारी भी उसके नाम करने का दबाव बनाया।
लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर कारोबारी ने आखिरकार वंचियूर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत रंगदारी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने रोशिनी और उसके साथियों उन्नीमोल, अभिषेक और जिबिन को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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हनीट्रैप या साजिश, कैसे फंसा कारोबारी?
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी रोशिनी ने कई साल पहले तेलंगाना के कारोबारी विजयाकुमार से दोस्ती की थी। जून 2023 में रोशिनी ने एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद उसने विजयाकुमार से संपर्क किया। उसने दावा किया कि वह इस बच्चे का पिता है। विजयाकुमार पहले से शादीशुदा थे और उनका एक बच्चा भी था। रोशिनी ने बदनामी का डर दिखाकर पैसे मांगना शुरू कर दिया।
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सामाजिक प्रतिष्ठा और परिवार टूटने के डर से कारोबारी उनकी हर मांग को मानता चला गया। विजयाकुमार ने शुरुआत में रोशिनी को करीब 1.8 करोड़ रुपये नकद दिए। लेकिन आरोपियों का लालच यहीं नहीं रुका। इसके बाद उन्होंने ब्लैकमेलिंग का दायरा और बढ़ा दिया।
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विजयाकुमार ने क्या-क्या गंवाया ?
आरोपियों ने विजयाकुमार को इस कदर डरा दिया कि उन्होंने नकदी के अलावा करोड़ों की संपत्ति रोशिनी के नाम कर दी। मामले की जांच में सामने आए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:-
वसूली की पांच बड़ी बातें
भारी-भरकम नकदी: कारोबारी से अलग-अलग किश्तों में करीब 1.8 करोड़ रुपये कैश लिए गए।
आलीशान अपार्टमेंट: तिरुवनंतपुरम जिले में 1.2 करोड़ रुपये की कीमत का एक फ्लैट खरीदा गया।
लाखों की जमीन: रोशिनी के नाम पर ही 1.3 करोड़ रुपये की बेशकीमती जमीन रजिस्ट्री कराई गई।
सोने के आभूषण: आरोपियों ने डरा-धमकाकर 45 संप्रभु (सॉवरेन) सोने के आभूषण भी हड़प लिए।
कंपनी में हिस्सेदारी: हद तो तब हो गई जब कारोबारी को अपनी कंपनी की 50 फीसदी हिस्सेदारी रोशिनी के नाम ट्रांसफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
यह भीू पढ़ें: AI Plane Crash: 'ब्लैक बॉक्स डाटा और कॉकपिट रिकॉर्डिंग हो सार्वजनिक', पीड़ित परिवारों ने और क्या रखी मांगें?
क्या थी आखिरी धमकी?
इतना सब कुछ मिलने के बाद भी आरोपियों की भूख शांत नहीं हुई। हाल ही में आरोपियों ने विजयाकुमार की पत्नी को मैसेज भेज दिए। इसमें दावा किया गया कि विजयाकुमार का रोशिनी के साथ संबंध है और वह उसके बच्चे का पिता है। इसके तुरंत बाद रोशिनी ने कारोबारी पर कंपनी की बाकी बची 50 फीसदी हिस्सेदारी भी उसके नाम करने का दबाव बनाया।
लगातार मिल रही धमकियों से तंग आकर कारोबारी ने आखिरकार वंचियूर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तुरंत रंगदारी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने रोशिनी और उसके साथियों उन्नीमोल, अभिषेक और जिबिन को गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।