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हैवान से बचकर जंगल में खोई महिला: ओडिशा पुलिस ने ड्रोन और फ्लेयर गन से कैसे बचाई जान, क्या है पूरा मामला?
Mon, 20 Jul 2026 12:25 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, भुवनेश्वर।
पीटीआई, भुवनेश्वर।
Published by: राकेश कुमार
Updated Mon, 20 Jul 2026 12:25 AM IST
सार
लिफ्ट देने के बहाने दुष्कर्म की कोशिश करने वाले दरिंदे से भिड़कर एक महिला जंगल में खो गई। ओडिशा पुलिस ने रात के अंधेरे में ड्रोन, रॉकेट और फ्लेयर गन की मदद से हाईटेक रेस्क्यू चलाकर महिला को सुरक्षित बचाया और आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। क्या है पूरा मामला? जानिए...
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ओडिशा पुलिस ( प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ओडिशा पुलिस ने राजधानी भुवनेश्वर के बाहरी इलाके में स्थित एक आरक्षित वन से एक महिला को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। यह महिला दुष्कर्म की कोशिश के बाद अपनी जान बचाकर घने जंगल में भाग गई थी। पुलिस ने घने अंधेरे में महिला को तलाशने के लिए ड्रोन, फ्लेयर गन और रॉकेट पटाखों का इस्तेमाल किया। पुलिसकर्मियों की सूझबूझ से महिला की जान सही समय पर बचा ली गई।
कैसे फंसी महिला?
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला ने खोरधा बस स्टैंड से एक मोटरसाइकिल सवार से लिफ्ट ली थी। मोटरसाइकिल चालक की नीयत खराब थी। वह महिला को छोड़ने के बहाने जबरन रतनपुर आरक्षित वन की तरफ ले गया। सुनसान इलाका देखकर आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
महिला ने हिम्मत नहीं हारी। उसने आरोपी का डटकर मुकाबला किया, खुद को उसकी चंगुल से छुड़ाया और घने जंगल के भीतर भाग गई। जान बचाकर भागने के चक्कर में महिला जंगल के बेहद अंदर चली गई और वहां का रास्ता भटक गई। चारों तरफ घना अंधेरा और जंगल होने के कारण वह पूरी तरह फंस चुकी थी।
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पुलिस ने महिला को कैसे ढूंढा?
मुसीबत में फंसी महिला ने किसी तरह अपने मोबाइल फोन से पुलिस को कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:-
बड़ी टीम तैनात: एसीपी (जोन III) के नेतृत्व में इन्फोवैली, जटनी और खंडागिरी थानों के करीब 50 पुलिसकर्मियों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया।
जीपीएस की समस्या: महिला के मोबाइल फोन का जीपीएस लोकेशन डिफॉल्ट रूप से बंद था, जिससे उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही थी।
ड्रोन का इस्तेमाल: घने जंगल में महिला की स्थिति का पता लगाने के लिए पुलिस ने आधुनिक ड्रोन कैमरों को हवा में उड़ाया।
रॉकेट और फ्लेयर गन: पुलिस ने हवा में फ्लेयर गन दागी और रॉकेट पटाखे छोड़े ताकि रोशनी और आवाज देखकर महिला पुलिस की लोकेशन पहचान सके।
सुरक्षित रेस्क्यू: पुलिस की यह तरकीब काम कर गई। महिला ने रोशनी देखकर पुलिस से संपर्क किया और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
यह भी पढ़ें: केरल पुलिस का बड़ा एक्शन: ब्लैकमेलिंग का खेल खत्म, महिला सहित चार गिरफ्तार; 5 करोड़ की रंगदारी का क्या है सच?
क्या सलाखों के पीछे गया आरोपी?
जंगल से निकलने के बाद महिला बेहद डरी और सहमी हुई थी। शुरुआत में वह इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराने से कतरा रही थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने महिला की उचित काउंसलिंग की और उसे ढांढस बंधाया। हिम्मत मिलने पर महिला ने शिकायत दर्ज कराने की सहमति दी।
इन्फोवैली पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
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कैसे फंसी महिला?
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित महिला ने खोरधा बस स्टैंड से एक मोटरसाइकिल सवार से लिफ्ट ली थी। मोटरसाइकिल चालक की नीयत खराब थी। वह महिला को छोड़ने के बहाने जबरन रतनपुर आरक्षित वन की तरफ ले गया। सुनसान इलाका देखकर आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया।
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महिला ने हिम्मत नहीं हारी। उसने आरोपी का डटकर मुकाबला किया, खुद को उसकी चंगुल से छुड़ाया और घने जंगल के भीतर भाग गई। जान बचाकर भागने के चक्कर में महिला जंगल के बेहद अंदर चली गई और वहां का रास्ता भटक गई। चारों तरफ घना अंधेरा और जंगल होने के कारण वह पूरी तरह फंस चुकी थी।
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पुलिस ने महिला को कैसे ढूंढा?
मुसीबत में फंसी महिला ने किसी तरह अपने मोबाइल फोन से पुलिस को कॉल कर मदद मांगी। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आ गई। रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:-
बड़ी टीम तैनात: एसीपी (जोन III) के नेतृत्व में इन्फोवैली, जटनी और खंडागिरी थानों के करीब 50 पुलिसकर्मियों ने तुरंत तलाशी अभियान शुरू किया।
जीपीएस की समस्या: महिला के मोबाइल फोन का जीपीएस लोकेशन डिफॉल्ट रूप से बंद था, जिससे उसकी सटीक लोकेशन नहीं मिल पा रही थी।
ड्रोन का इस्तेमाल: घने जंगल में महिला की स्थिति का पता लगाने के लिए पुलिस ने आधुनिक ड्रोन कैमरों को हवा में उड़ाया।
रॉकेट और फ्लेयर गन: पुलिस ने हवा में फ्लेयर गन दागी और रॉकेट पटाखे छोड़े ताकि रोशनी और आवाज देखकर महिला पुलिस की लोकेशन पहचान सके।
सुरक्षित रेस्क्यू: पुलिस की यह तरकीब काम कर गई। महिला ने रोशनी देखकर पुलिस से संपर्क किया और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
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क्या सलाखों के पीछे गया आरोपी?
जंगल से निकलने के बाद महिला बेहद डरी और सहमी हुई थी। शुरुआत में वह इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज कराने से कतरा रही थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने महिला की उचित काउंसलिंग की और उसे ढांढस बंधाया। हिम्मत मिलने पर महिला ने शिकायत दर्ज कराने की सहमति दी।
इन्फोवैली पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।