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राहुल गांधी ने PM को बताया युवा-विरोधी प्रधानमंत्री: बोले- पेपर लीक के दोषी आजाद, छात्रों की हो रही पिटाई

Mon, 20 Jul 2026 06:36 PM IST
राहुल कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 20 Jul 2026 06:36 PM IST
सार

Rahul Gandhi On PM Modi: नीट-यूजी समेत विभिन्न परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने और दोषियों को बचाने का आरोप लगाया। वहीं, प्रियंका गांधी ने भी छात्रों पर बल प्रयोग का विरोध किया। आइए विस्तार से जानते राहुल और प्रियंका गांधी ने इस मामले में और क्या कुछ कहा...

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Rahul Gandhi calls PM Modi most youth-hostile PM, says Students beaten, paper leak culprits roaming free
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

 देश में परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर राजनीति तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश का 'सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री' बताते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि सवाल उठाने वाले छात्रों पर पुलिस बल का इस्तेमाल किया जा रहा है। कांग्रेस ने इसे शिक्षा व्यवस्था की विफलता का मुद्दा बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।
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राहुल गांधी ने सोमवार को एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सरकार छात्रों की चिंताओं को सुनने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में 152 परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने से करीब 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए, लेकिन अब तक किसी जिम्मेदार व्यक्ति को सजा नहीं मिली। राहुल ने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने तक की कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार, सरकार युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है।
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क्या छात्रों पर कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए?

राहुल गांधी ने संसद की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कथित तौर पर पेपर लीक किया, वे खुले घूम रहे हैं, जबकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग करने वाले छात्रों को हिरासत में लिया जा रहा है और उनके साथ बल प्रयोग किया जा रहा है। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनकी आवाज दबाने का रास्ता अपना रही है।
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प्रियंका गांधी ने छात्रों के समर्थन में क्या कहा?

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग और आंसू गैस के इस्तेमाल की आलोचना की। संसद परिसर के बाहर उन्होंने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं और उन्हें अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि संसद किसी एक व्यक्ति की संपत्ति नहीं है, बल्कि पूरे देश की है। प्रियंका ने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार शिक्षा नीति और परीक्षा व्यवस्था पर चर्चा की मांग करता रहा है, लेकिन सरकार इस विषय पर बहस से बच रही है। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में कई गंभीर समस्याएं हैं, जिन पर खुली चर्चा होनी चाहिए।

'संसद चलो' मार्च के दौरान क्या-कुछ हुआ?

सोमवार को संसद मार्ग पर उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब कॉकरोच जनता पार्टी और उसके समर्थकों ने कथित नीट-यूजी पेपर लीक तथा परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 'संसद चलो' मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी संसद भवन की ओर बढ़ने लगे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें संसद मार्ग के पास रोक दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया और कई लोगों को हिरासत में लिया गया। हालांकि दिल्ली पुलिस ने उन खबरों का खंडन किया, जिनमें संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी या हिरासत का दावा किया गया था।

प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने, परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को सहायता देने जैसी मांगें रखी गईं। प्रतिनिधियों का कहना है कि केंद्रीय मंत्री ने उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, विपक्ष लगातार इस मुद्दे को संसद और सार्वजनिक मंचों पर उठाकर सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना रह सकता है।
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