Explainer: जिस करैत से पत्नी ने पति को मारा वो कितना घातक, सांप के डसने और मौत के हर साल होते हैं कितने मामले?
मेरठ में करैत सांप से कथित हत्या का मामला सामने आने के बाद सर्पदंश एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि ऐसे मामले बेहद दुर्लभ हैं। भारत में हर साल लाखों लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं और हजारों की मौत होती है। ऐसे में जानिए करैत कितना खतरनाक है, भारत में सर्पदंश के आंकड़े क्या कहते हैं, कौन से सांप सबसे ज्यादा विषैले हैं और सांप के काटने पर क्या करना चाहिए।
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विस्तार
यूपी के मेरठ में एक पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। मृतक को पहले दूध में नींद की गोलियां खिलाई गईं फिर सोते समय सांप से डसवाकर उनकी जान ले ली गई। आरोपी पत्नी और मृतक का 2019 में प्रेम विवाह हुआ था। दोनों का छह साल का एक बेटा है। आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए जिस जहरीले करैत सांप को हथियार बनाया गया वो बेहद जहरीला होता है। इसकी गिनती दुनिया के सबसे जहरीले सांपों में होती है।
क्या इस तरह का ये देश का पहला मामला है? अगर और भी इस तरह के मामले हैं तो हालिया मामले कौन से हैं? देश में सांप काटने से कितने लोगों की मौत होती है? किन राज्यों में सांप काटने के सबसे अधिक मामले आते हैं? भारत में सांपों की कितनी प्रजातियां पाई जाती हैं? भारत में पाए जाने वाले विषैले सांप कौन से हैं? सांप के काटने के बाद क्या लक्षण दिखाई देते हैं? सांप के काटने के बाद क्या करें?
क्या है मेरठ का जहरीला हत्याकांड?
उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक निजी स्कूल संचालक और भाजपा युवा मोर्चा के मंडल महामंत्री अतुल पंवार की पत्नी दामिनी ने प्रेमी बस चालक तुषार के साथ मिलकर हत्या कर दी। आरोपियों ने पहले अतुल को दूध में नींद की गोलियां खिलाई और फिर सोते समय सांप से डसवाकर उनकी जान ले ली। चौंकाने वाली बात ये है कि दामिनी और अतुल का 2019 में प्रेम विवाह हुआ था। दोनों का छह साल का एक बेटा है। दोनों की प्रेम कहानी आठ साल पहले एक कॉस्मेटिक की दुकान पर हुई मुलाकात से शुरू हुई थी। सात साल पहले दोनों ने परिवार वालों की सहमति से विवाह किया। दोनों का एक बेटा भी हुआ। तीन महीने पहले अतुल ने एक प्ले स्कूल खोला। इस स्कूल में तुषार नाम का युवक ड्राइवर बनकर आया। यहीं पहले से शादीशुदा तुषार और दामिनी की मुलाकात हुई और ये मुलाकात जल्द ही प्यार में बदली। इस प्यार ने अतुल की जान ले ली।
क्या पहले भी इस तरह का कोई मामला हुआ है?
पति को सांप से डसवाने का ये पहला मामला नहीं है। साल 2025 में मेरठ में ही एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी और फिर सांप के डसने से मौत का रूप देने का प्रयास किया था। 16 अप्रैल 2025 को अमित कश्यप उर्फ मिक्की का शव उसके बिस्तर पर मिला था और शरीर पर सांप के डसने के निशान थे। परिजनों को लगा कि सांप के डसने से अमित की मौत हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना पाया गया। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या की थी। इसके बाद सांप से डसवाया था।
इसी तरह का मामला पिछले साल तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में आया था। जहां 56 वर्षीय सरकारी स्कूल के लैब असिस्टेंट गणेशन की मौत को पहले सामान्य सर्पदंश माना गया था। लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि यह हादसा नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये की बीमा राशि हासिल करने के लिए रची गई साजिश थी।
भारत में सांप काटने से कितने लोगों की मौत होती है?
भारत में हर साल करीब 30 से 40 लाख लोग सांप के काटने का शिकार होते हैं, जिनमें करीब 50 हजार लोगों की मौत हो जाती है। यह दुनिया में सांप के काटने से होने वाली कुल मौतों का लगभग आधा है। हालांकि, सभी पीड़ित अस्पताल नहीं पहुंचते और कई मामलों का रिकॉर्ड भी दर्ज नहीं हो पाता, इसलिए वास्तविक संख्या इससे अधिक हो सकती है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, भारत में 2025 में सांप के काटने से 431 लोगों की मौत दर्ज की गई। यह संख्या 2024 में 370 और 2023 में 183 थी, यानी पिछले तीन वर्षों में मौतों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
केंद्रीय स्वास्थ्य खुफिया ब्यूरो (CBHI) की 2016-2020 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल औसतन करीब तीन लाख सांप काटने के मामले दर्ज होते हैं और लगभग 2,000 लोगों की मौत सांप के जहर के कारण होती है। केंद्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने इसी साल राज्यसभा में बताया था कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सांप के काटने को 'अधिसूचित बीमारी' घोषित करने की सलाह दी है, ताकि ऐसे मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग बेहतर तरीके से हो सके।
किन राज्यों में सांप काटने के सबसे अधिक मामले दर्ज होते हैं?
अब तक कर्नाटक, तमिलनाडु, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा, केरल, महाराष्ट्र और ओडिशा समेत आठ राज्यों ने सांप के काटने के मामलों और उससे होने वाली मौतों को अधिसूचित श्रेणी में शामिल किया है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 में सबसे अधिक 157 मौतें कर्नाटक में दर्ज की गईं। 2024 में यह संख्या 101 थी, जबकि 2023 में 19 लोगों की मौत हुई थी।
भारत में होने वाले करीब 90% सांप काटने के मामले चार प्रमुख विषैले सांपों कॉमन करैत, इंडियन कोबरा, रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर की वजह से होते हैं। इन सांपों के जहर के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाला पॉलीवैलेंट एंटी-स्नेक वेनम लगभग 80% मामलों में प्रभावी माना जाता है।
भारत में सांपों की कितनी प्रजातियां पाई जाती है?
दुनिया में सांपों की 2,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जबकि भारत में करीब 300 प्रजातियां मिलती हैं। इनमें से 52 प्रजातियां विषैली हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार भारत के विषैले सांप मुख्य रूप से तीन परिवारों में आते हैं, एलापिडी, वाइपरिडी और हाइड्रोफिडी। अलग-अलग प्रजातियों के सांपों के जहर का असर लगभग एक जैसा होता है, हालांकि कुछ इलाकों में इसके प्रभाव में थोड़ा अंतर हो सकता है। कॉमन करैत रात में ज्यादा सक्रिय रहता है और अक्सर जमीन पर सो रहे लोगों को काटता है। वहीं कोबरा और वाइपर के काटने की घटनाएं दिन में या शाम के समय अधिक होती हैं।
भारत में पाए जाने वाले विषैले सांप
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार भारत में आमतौर पर चार प्रमुख विषैले सांप पाए जाते हैं।
1. इंडियन कोबरा
- फन पर V/U आकार का निशान होता है।
- लकड़ी के ढेर, छोटी झाड़ियों और गोशालाओं के आसपास रहता है।
- काटने पर तुरंत दर्द, सूजन और त्वचा का रंग गहरा हो सकता है।
- धुंधला दिखना, बोलने और सांस लेने में दिक्कत तथा लकवा हो सकता है।
- शरीर में जहर फैलने के बाद आमतौर पर 30 मिनट से 2 घंटे के भीतर मौत हो सकती है।
2. कॉमन करैत
- मानसून के दौरान छोटे गड्ढों, बिलों और नालियों में छिपा रहता है।
- दरवाजे की छोटी दरारों और बाथरूम की पाइप से घर में घुस सकता है।
- काटने पर तेज पेट दर्द, उल्टी, कमजोरी, धुंधला दिखना, बोलने और सांस लेने में दिक्कत व लकवा हो सकता है।
- समय पर इलाज न मिलने पर 4 से 8 घंटे के भीतर मौत हो सकती है।
3. रसेल वाइपर
- शरीर मोटा होता है और प्रेशर कुकर जैसी सीटी की आवाज निकालता है।
- गन्ने और कपास के खेतों तथा ऊंची घास में छिपा रहता है।
- काटने पर बड़ा घाव बन सकता है और मुंह, पेशाब या मल के रास्ते खून निकल सकता है।
- इलाज ने मिलने पर एक से दो घंटे के भीतर मौत हो सकती है।
4. सॉ-स्केल्ड वाइपर
- आकार में छोटा होता है और घास में छिपकर काटता है।
- काटने का एहसास कांटा चुभने जैसा हो सकता है।
- काटने की जगह सूजन आती है और खून बह सकता है। मुंह, पेशाब या मल के साथ भी रक्तस्राव हो सकता है।
- शरीर में जहर फैलने के बाद एक से छह घंटे के भीतर मौत हो सकती है।
वहीं भारत में आमतौर पर मिलने वाले गैर-विषैले सांप हैं:
- इंडियन रैट स्नेक
- इंडियन सैंड बोआ
- वुल्फ स्नेक
- चेकर्ड कीलबैक
- बफ्ड स्ट्राइप्ड कीलबैक
- इंडियन कैट स्नेक
- कॉमन ट्रिंकेट
- वाइन स्नेक
- इंडियन रॉक पाइथन
सांप के काटने पर क्या करें?
- पीड़ित को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं।
- उसे शांत रखें।
- दौड़ने या तेज चलने न दें।
- कुछ भी खाने-पीने को न दें।
- सूजन बढ़ने से पहले अंगूठी, घड़ी, जूते या तंग कपड़े हटा दें।
- काटे गए अंग को स्थिर रखें और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं।
- क्या नहीं करना चाहिए?
- सांप को पकड़ने या मारने में समय न गंवाएं।
- घाव को किसी धारदार वस्तु से न काटें।
- मुंह से जहर चूसने की कोशिश न करें।
- बहुत कसकर रस्सी या टूर्निकेट न बांधें, इससे नुकसान बढ़ सकता है।
इससे निपटने के लिए सरकार का कोई एक्शन प्लान है क्या?
सांप के काटने से होने वाली मौतों को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने मार्च 2024 में सांप के काटने से बचाव और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPSE) शुरू की। इस योजना का लक्ष्य 2030 तक सांप के काटने से होने वाली मौतों और स्थायी विकलांगता के मामलों को 50% तक कम करना है।
यह योजना 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण पर आधारित है, जिसमें मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य, वन्यजीव और जनजातीय समुदायों को साथ लेकर काम किया जाएगा। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी जरूरत के अनुसार कार्ययोजना तैयार करने के लिए एक रूपरेखा दी गई है।
योजना के प्रमुख उद्देश्यों में सभी स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देना, मरीजों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने और रेफरल व्यवस्था को मजबूत करना, सांप के काटने के मामलों और मौतों की निगरानी बढ़ाना तथा लोगों में जागरूकता फैलाना शामिल है।