{"_id":"6a6019aa1df19145600e8bb8","slug":"s-jaishankar-kirti-vardhan-singh-foreign-visits-quad-asean-sco-meeting-2026-07-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Foreign Policy: मनीला में बोले जयशंकर-सहयोग ही जोखिम कम करने का रास्ता; किन मंत्रियों के दौरों की योजना-चर्चा?","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Foreign Policy: मनीला में बोले जयशंकर-सहयोग ही जोखिम कम करने का रास्ता; किन मंत्रियों के दौरों की योजना-चर्चा?
Wed, 22 Jul 2026 06:45 AM IST
राकेश कुमार
एजेंसी, नई दिल्ली।
एजेंसी, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Wed, 22 Jul 2026 06:45 AM IST
सार
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में भारत-आसियान संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक माहौल में खाद्य, ऊर्जा और समुद्री सुरक्षा के लिए गहरे सहयोग की जरूरत है। भारत और आसियान मिलकर एआई, हरित ऊर्जा और व्यापार के नए रास्ते खोल रहे हैं।
विज्ञापन
एस जयशंकर, विदेश मंत्री
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मनीला में आयोजित 'आसियान पोस्ट-मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस विद इंडिया 2026' में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा को अब हल्के में नहीं लिया जा सकता। दोनों पक्ष अपने बेहतर भविष्य को लेकर बेहद आशावादी हैं।
क्या वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है?
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया समुद्री व्यापार पर बहुत ज्यादा निर्भर है। इस कारण समुद्री मार्ग चिंता का बड़ा कारण बन सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बेहद जरूरी है। संयोग से वर्ष 2026 को 'आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष' घोषित किया गया है। यह पहल एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
क्या गहरा सहयोग ही जोखिमों से बचा सकता है?
विदेश मंत्री ने साफ कहा कि जोखिम घटाने और विविधता लाने के लिए गहरा सहयोग ही एकमात्र रास्ता है। आज भारत और आसियान का एजेंडा व्यापक हो चुका है। इसमें व्यापार, निवेश, प्रतिभा की आवाजाही, तकनीक, डिजिटल और एआई शामिल हैं। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम हो रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस जयशंकर 22 से 23 जुलाई तक मनीला दौरे पर रहेंगे। वे इस दौरान ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे और द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विज्ञापन
आसियान-भारत बैठक की सात बड़ी बातें
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह एससीओ बैठक के लिए जाएंगे किर्गिस्तान
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 23 और 24 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भाग लेने किर्गिस्तान के चोलपोन-अता शहर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह बैठक बिश्केक में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ नेतृत्व शिखर सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित की जा रही है।
विज्ञापन
क्या वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती है?
जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया समुद्री व्यापार पर बहुत ज्यादा निर्भर है। इस कारण समुद्री मार्ग चिंता का बड़ा कारण बन सकते हैं। अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना बेहद जरूरी है। संयोग से वर्ष 2026 को 'आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष' घोषित किया गया है। यह पहल एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
विज्ञापन
क्या गहरा सहयोग ही जोखिमों से बचा सकता है?
विदेश मंत्री ने साफ कहा कि जोखिम घटाने और विविधता लाने के लिए गहरा सहयोग ही एकमात्र रास्ता है। आज भारत और आसियान का एजेंडा व्यापक हो चुका है। इसमें व्यापार, निवेश, प्रतिभा की आवाजाही, तकनीक, डिजिटल और एआई शामिल हैं। इसके अलावा ग्रीन एनर्जी और कनेक्टिविटी पर भी तेजी से काम हो रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस जयशंकर 22 से 23 जुलाई तक मनीला दौरे पर रहेंगे। वे इस दौरान ईस्ट एशिया समिट (EAS) और आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) की बैठकों में हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही वे क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे और द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।
विज्ञापन
आसियान-भारत बैठक की सात बड़ी बातें
- ऊर्जा, भोजन और स्वास्थ्य सुरक्षा अब बिना शर्त गारंटीड नहीं हैं।
- समुद्री व्यापार की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन अनिवार्य है।
- चालू वर्ष 2026 को आसियान-भारत समुद्री सहयोग वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
- व्यापार, एआई, डिजिटल तकनीक और हरित ऊर्जा में साझेदारी बढ़ेगी।
- गहरे सहयोग के जरिए व्यापारिक जोखिमों को कम किया जाएगा।
- फिलीपींस 2026 में आसियान की अध्यक्षता "नेविगेटिंग अवर फ्यूचर, टुगेदर" थीम के तहत कर रहा है।
- सम्मेलन के इतर विदेश मंत्री क्वाड देशों के समकक्षों से भी मुलाकात करेंगे।
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह एससीओ बैठक के लिए जाएंगे किर्गिस्तान
विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 23 और 24 जुलाई को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में भाग लेने किर्गिस्तान के चोलपोन-अता शहर जाएंगे। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी। यह बैठक बिश्केक में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक होने वाले एससीओ नेतृत्व शिखर सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में आयोजित की जा रही है।