8 नवंबर को न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया। विदाई समारोह में न्यायमूर्ति चंद्रचूड़, वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए भावुक नजर आए। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के विदाई समारोह में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कपिल सिब्बल ने कहा कि हम किसी भी जज की आलोचना कर सकते हैं, क्योंकि जीवन में संपूर्णता नाम की कोई चीज नहीं होती। सच भी हमेशा एक जैसा नहीं होता। संपूर्णता और सच दोनों एक जैसे हैं (समय और स्थिति के हिसाब से बदलते हैं)। हमें किसी व्यक्ति या जज का मूल्यांकन उस समय और हालात के आधार पर करना चाहिए, जिसमें हम जी रहे हैं। जब हम न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ के बारे में लिखेंगे, तो हम उनके फैसलों, उनके व्यवहार, उनकी सादगी, उनके धैर्य पर चर्चा करेंगे। ये सभी गुण एक महान जज के होते हैं।