पहलगाम में आतंकियों ने 26 बेगुनाहों की जान ली... देश गुस्से में था और सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल था आतंक के इस हमले का जवाब कैसे दिया जाए? अब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने उस वक्त के हालात से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। एक इंटरव्यू में डोभाल ने बताया कि सऊदी अरब से लौटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले क्या पूछा था? और कैसे पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर की रणनीति तैयार हुई?
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार दिए एक इंटरव्यू में पहलगाम आतंकी हमले से लेकर भारत की सैन्य कार्रवाई तक की कहानी के कई अहम पहलुओं पर बात की। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज ‘डीक्लासीफाइड: ऑपरेशन सिंदूर’ के लिए दिए इंटरव्यू में डोभाल ने बताया कि पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी की पहली प्राथमिकता क्या थी।
26 बेगुनाहों की हत्या के बाद प्रधानमंत्री उस वक्त सऊदी अरब के दौरे पर थे। हमले की जानकारी मिलते ही पीएम मोदी ने अपना दौरा बीच में छोड़ा और स्वदेश लौट आए। डोभाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री के भारत लौटने के बाद एयरपोर्ट पर ही अधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात हुई।
अजीत डोभाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सबसे पहले हमले की पूरी जानकारी ली। लेकिन इस दौरान पीएम मोदी का पहला सवाल था हमला किसने किया? इसके लिए कौन जिम्मेदार है? डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री चाहते थे कि हमले के पीछे मौजूद अपराधियों और जिम्मेदार लोगों की पहचान बिल्कुल साफ होनी चाहिए।
इसके बाद भारत की रणनीति पर काम शुरू हुआ। डोभाल के मुताबिक, मकसद पाकिस्तान में मौजूद उन आतंकी ठिकानों को निशाना बनाना था, जो पहलगाम हमले से जुड़े थे। ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने सीमित और सटीक सैन्य कार्रवाई की। इस कार्रवाई का संदेश साफ था कि आतंकवाद को समर्थन देने या आतंकियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं करने को भारत अब बर्दाश्त नहीं करेगा।
लेकिन भारत की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने भी हमले शुरू किए। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ गया। डोभाल के मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के तहत सैन्य कार्रवाई करीब 88 घंटे तक चली। 10 मई की शाम पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम की अपील की गई, जिसे भारत ने स्वीकार कर लिया।
इंटरव्यू में अजीत डोभाल ने भारत के रुख को भी स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि एक बार जब कार्रवाई शुरू होती है, तो देश की संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत उतनी दूर तक जाएगा, जितनी जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए भारत आखिरी बूंद तक लड़ने के लिए तैयार है।
डोभाल ने प्रधानमंत्री मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है। उनके मुताबिक, इसका मतलब है कि आतंक के खिलाफ भारत की लड़ाई तब तक पूरी नहीं मानी जाएगी, जब तक आखिरी आतंकी का भी खात्मा नहीं हो जाता।
यानी पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी के सामने पहला सवाल था आखिर हमला किसने किया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है? इसी सवाल से शुरू हुई जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया आगे चलकर ऑपरेशन सिंदूर की सैन्य कार्रवाई तक पहुंची।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।