फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Hanur Shootout Three Suspected Poachers Kill in Forest Firing, CM Shivakumar Orders Probe; Did Officials Fail?

Hanur Shootout: हनूर जंगल में तीन शिकारियों की मौत, CM शिवकुमार ने दिए जांच के आदेश; क्या वन विभाग से हुई चूक?

Sun, 16 Aug 2026 12:59 AM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sun, 16 Aug 2026 12:59 AM IST
सार

कर्नाटक के चामराजनगर जिले के हनूर में जंगल में हुई गोलीबारी में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत के बाद मामला गरमा गया है। वनकर्मियों का दावा है कि शिकारियों ने उन पर बंदूक तानी, जिसके बाद गोली चली। वहीं स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेता ने इस दावे पर सवाल उठाए हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

विज्ञापन
Hanur Shootout Three Suspected Poachers Kill in Forest Firing, CM Shivakumar Orders Probe; Did Officials Fail?
न विभाग का दावा सही या स्थानीय लोगों की बात? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

कर्नाटक के हनूर में जंगल के अंदर तीन संदिग्ध शिकारियों की गोली लगने से मौत के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना शनिवार सुबह चामराजनगर जिले के हनूर तालुक के शाग्या गांव के पास मारिया मंगल बीट इलाके में हुई। वन विभाग के कर्मचारियों और संदिग्ध शिकारियों के बीच गोलीबारी की बात सामने आई है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराने का आदेश दिया है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी सच्चाई सामने आएगी।

विज्ञापन

हनूर जंगल में आखिर हुआ क्या था?

शनिवार तड़के मारिया मंगल बीट इलाके में वनकर्मियों और संदिग्ध शिकारियों के बीच गोलीबारी हुई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान थॉमियार पाल्या गांव के एंटोनिस्वामी, पीटर और कुमार के रूप में हुई है। वन विभाग के अनुसार, ये लोग जंगल में अवैध तरीके से शिकार करने गए थे। विभाग के कर्मचारियों का दावा है कि ड्यूटी पर मौजूद वनकर्मियों पर संदिग्ध शिकारियों ने बंदूक तानी, जिसके बाद कर्मचारियों ने गोली चला दी। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Report: यात्रियों की सेहत से हो रहा खिलवाड़, कई बड़े स्टेशनों पर सुविधाओं की भी कमी; जांच में क्या-क्या मिला?

विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्यमंत्री ने जांच का आदेश क्यों दिया?

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि हनूर गोलीबारी मामले की मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी सुबह करीब पांच बजे मिली थी। कई गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है और मौके से सामान तथा बंदूकें भी जब्त की गई हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि मीडिया में घटना को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, लेकिन पूरी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है।

वन विभाग और स्थानीय लोगों के बयान अलग क्यों हैं?

चामराजनगर के प्रभारी मंत्री पुट्टरंगा शेट्टी ने कहा कि अधिकारियों के अनुसार चार लोग मांस के लिए शिकार करने जंगल गए थे और सुबह करीब 5.20 बजे वनकर्मियों से उनका सामना हुआ। अधिकारियों का दावा है कि संदिग्ध लोगों ने वनकर्मियों पर बंदूक तानी, जिसके बाद जवाबी गोलीबारी हुई। लेकिन मंत्री ने बताया कि इलाके के लोग घटना का अलग विवरण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि गोलीबारी जानबूझकर की गई थी या नहीं, इस पर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उनका कहना है कि घटना के समय और पूरे हालात की जांच जरूरी है।

कांग्रेस नेता ने वन विभाग पर क्या आरोप लगाए?

कांग्रेस नेता आर नरेंद्र ने घटना को वन विभाग की बड़ी चूक बताया और विस्तृत जांच की मांग की। उनका दावा है कि घटना के समय सात वनकर्मी मौके पर मौजूद थे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी प्रशिक्षण के लिए बाहर थे। नरेंद्र के अनुसार, उन्हें वन विभाग के सहायक वन संरक्षक से जानकारी मिली थी कि शिकार से लौट रहे लोगों और वनकर्मियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना में शामिल सभी अधिकारियों की जांच होनी चाहिए और गलती साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, ये आरोप हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

शवों को लेकर भी क्या सवाल उठाए गए?

आर नरेंद्र ने आरोप लगाया कि घायलों और मृतकों को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल हैं। उनके अनुसार, वन विभाग के अधिकारी घटना के बाद शवों को कोल्लेगल सरकारी अस्पताल ले गए और बाद में उन्हें शहर के केआर अस्पताल लाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी कब दी गई और घायलों को किस अस्पताल में ले जाने का फैसला कैसे हुआ। इस मामले में भी अंतिम स्थिति जांच और संबंधित अधिकारियों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।

घटना के समय जंगल में कितने वनकर्मी मौजूद थे?

नरेंद्र के अनुसार, वन विभाग से मिली जानकारी में गोलीबारी के दौरान सात अधिकारी मौजूद होने की बात कही गई है। उनका दावा है कि कुछ वरिष्ठ अधिकारी प्रशिक्षण के लिए बाहर गए हुए थे। उन्होंने घटना में शामिल सभी अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है। दूसरी ओर, वन विभाग की ओर से सामने आए बयान में कहा गया है कि संदिग्ध शिकारियों ने पहले बंदूक तानी थी, जिसके बाद गोली चलाई गई। इसलिए घटना के दौरान वास्तव में किसने पहले गोली चलाई और किन परिस्थितियों में गोलीबारी हुई, यह जांच का अहम हिस्सा रहेगा।

क्या एक और व्यक्ति घटना का गवाह हो सकता है?

आर नरेंद्र ने कहा कि एक ऐसा व्यक्ति भी अस्पताल में है, जिसके बारे में माना जा रहा है कि वह मृतकों के साथ मौजूद था और घटना की जानकारी दे सकता है। उन्होंने कहा कि उससे बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने की कोशिश की जाएगी। पुलिस और वन विभाग के अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। इस बीच पुलिस ने कोल्लेगल सरकारी अस्पताल के शवगृह के आसपास सुरक्षा व्यवस्था की है। मारिया मंगल और जगन्नाथ धोड़ी गांवों के लोगों के साथ पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने बैठक भी की है।

अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?

मामले की मजिस्ट्रेट जांच में गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों, जंगल में मौजूद लोगों की संख्या, हथियारों के इस्तेमाल, वनकर्मियों के बयान और प्रत्यक्षदर्शियों की जानकारी की जांच अहम होगी। मौके से जब्त सामान और बंदूकों की भी जांच की जाएगी। तीनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जांच पूरी होने के बाद ही घटना की पूरी जानकारी सामने आने की बात कही है। ऐसे में फिलहाल वन विभाग का दावा और स्थानीय लोगों तथा कांग्रेस नेता की ओर से उठाए गए सवाल, दोनों जांच के दायरे में हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed