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Odisha Pollution: After Delhi, now pollution wreaks havoc in Odisha, AQI very bad, administration in action!
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Odisha Pollution: दिल्ली के बाद अब ओडिशा में प्रदूषण का कहर,AQI काफी खराब एक्शन में प्रशासन!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Fri, 09 Jan 2026 07:00 AM IST
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मयूरभंज के जिलाधिकारी हेमा कांता साय ने बताया, "कुछ दिन पहले खबर आई थी कि ओडिशा के कुछ शहरों में AQI काफी खराब था। हमने जिला प्रशासन की एक बैठक भी की थी। जिसके बाद दिशा निर्देश जारी किए गए। रोड कंस्ट्रक्शन की जगह हर 3 घंटे में पानी के छिड़काव के निर्देश दिए गए। बिना अनुमति के चल रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"
ओडिशा के कई शहरों में वायु गुणवत्ता (AQI) का स्तर इस समय काफी चिंताजनक बना हुआ है। जनवरी 2026 की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के कुछ शहरों ने प्रदूषण के मामले में दिल्ली जैसे महानगरों को भी पीछे छोड़ दिया है।
अनुगुल और तालचेर जैसे शहरों में कोयला खनन और बिजली संयंत्रों से निकलने वाला धुआं प्रमुख कारण है।मौसम का प्रभाव (Temperature Inversion): सर्दियों में हवा की गति कम होने और ठंडी हवा के नीचे बैठने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही फंस जाते हैं, जिससे "स्मॉग" की स्थिति बनती है।
शहरों में चल रहे बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सड़कों की मरम्मत से उड़ने वाली धूल (PM10) हवा को जहरीला बना रही है।वाहनों का उत्सर्जन: पुराने डीजल वाहनों और यातायात के बढ़ते दबाव के कारण नाइट्रोजन डाइऑक्साइड ($NO_2$) और $PM_{2.5}$ का स्तर बढ़ गया है।
सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदम हाल ही में स्थिति को देखते हुए ओडिशा सरकार ने 7 दिनों के कड़े प्रतिबंध लागू किए हैं:निर्माण पर रोक: भुवनेश्वर, कटक, बालेश्वर और तालचेर में शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक सभी निर्माण और तोड़फोड़ कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
शहर के अंदर भारी वाहनों के प्रवेश को नियंत्रित किया गया है और फिटनेस की जांच कड़ी कर दी गई है। सूखे पत्तों, प्लास्टिक या कचरे को खुले में जलाने पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है।पानी का छिड़काव: सड़कों पर जमी धूल को उड़ने से रोकने के लिए नगर निगमों द्वारा दिन में 3 बार पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
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