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ED Raid on I-PAC: Did CM Mamata reach Prateek Jain's house to collect this green file amid the raid?
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ED Raid on I-PAC: छापेमारी के बीच ये ग्रीन फाइल लेने प्रतीक जैन के घर पहुंचीं सीएम ममता?
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Thu, 08 Jan 2026 09:30 PM IST
कोलकाता में गुरुवार को ऐसा सियासी और प्रशासनिक घटनाक्रम देखने को मिला, जिसने बंगाल की राजनीति में हलचल मचा दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राजनीतिक रणनीतिकार संस्था इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की यह कार्रवाई उस वक्त और ज्यादा चर्चा में आ गई, जब खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी छापेमारी स्थल पर पहुंच गईं।
गुरुवार सुबह ईडी की टीमों ने कोलकाता में आई-पैक से जुड़े दो ठिकानों प्रतीक जैन के कार्यालय और उनके आवास पर छापेमारी शुरू की। करीब 11:30 बजे के बाद घटनाक्रम ने नाटकीय मोड़ ले लिया, जब पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर और उसके कुछ देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लाउडन स्ट्रीट स्थित प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं।
ममता बनर्जी कुछ समय तक घर के अंदर रहीं और जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं। आई-पैक वह संस्था है, जो आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है।
ईडी की कार्रवाई को लेकर एजेंसी का दावा है कि यह छापेमारी कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई है। ईडी के मुताबिक, जांच में यह सामने आया है कि हवाला ऑपरेटरों के जरिए कोयला चोरी से कमाया गया पैसा आई-पैक से जुड़ी कंपनियों तक पहुंचा।
ईडी का कहना है कि यह तलाशी पूरी तरह साक्ष्य आधारित है और इसका किसी राजनीतिक दल या चुनाव से कोई लेना-देना नहीं है। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि किसी पार्टी कार्यालय की तलाशी नहीं ली गई और न ही किसी राजनीतिक संगठन को टारगेट किया गया है।
हालांकि, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ममता ने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ने उनकी पार्टी के आंतरिक दस्तावेज, हार्ड डिस्क, लैपटॉप, मोबाइल फोन और चुनावी रणनीति से जुड़े संवेदनशील डेटा जब्त करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि यह कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है।
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रतीक जैन उनके आईटी सेल प्रमुख हैं और ईडी उनकी पार्टी के विधानसभा चुनाव से जुड़े उम्मीदवारों की सूची और रणनीतिक दस्तावेजों को जब्त कर रही थी, जिसे उन्होंने खुद हस्तक्षेप कर वापस ले लिया।
प्रतीक जैन के बारे में बात करें तो वे मूल रूप से इंजीनियर हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग और मटीरियल साइंस में पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने डेलॉइट में एनालिस्ट के तौर पर काम किया। साल 2015 में प्रतीक जैन ने विनेश चंदेल और ऋषि राज सिंह के साथ मिलकर आई-पैक की स्थापना की।
आई-पैक वही संस्था है, जिससे कभी प्रशांत किशोर भी जुड़े रहे हैं। यह संगठन खुद को छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स के लिए एक ऐसे प्लेटफॉर्म के रूप में पेश करता है, जो किसी पार्टी का सदस्य बने बिना राजनीतिक और गवर्नेंस प्रक्रिया में योगदान दे सके। प्रतीक जैन वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल प्रमुख भी हैं, जिसकी पुष्टि खुद ममता बनर्जी कर चुकी हैं।
ईडी की जांच में सामने आया है कि अनूप मजी के नेतृत्व वाला कोयला तस्करी गिरोह पश्चिम बंगाल के ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्रों से अवैध कोयला निकालता था। इस कोयले को बांकुड़ा, बर्धमान, पुरुलिया समेत कई जिलों के कारखानों में बेचा जाता था। जांच में यह भी सामने आया है कि तस्करी से कमाए गए पैसे को छिपाने के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया और इसी कड़ी में इंडियन पैसिफिक कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में करोड़ों रुपये के लेनदेन हुए।
अब यह मामला सिर्फ आर्थिक अपराध तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक टकराव का रूप ले चुका है। एक तरफ ईडी इसे कानून के तहत की गई जांच बता रही है, तो दूसरी तरफ ममता बनर्जी इसे सीधे तौर पर टीएमसी और बंगाल की राजनीति पर हमला करार दे रही हैं।
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