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Women's Day: 6 महीने में एक से ज्यादा बार यूटीआई कैंसर का बन सकता है कारण, आप भी हैं शिकार तो हो जाएं अलर्ट

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Abhilash Srivastava Updated Sun, 08 Mar 2026 01:48 PM IST
सार

International Women's Day 2026: छह महीने के अंदर एक से ज्यादा बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) होने से जानलेवा ब्लैडर कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लोगों को कम समय में जितने ज्यादा इन्फेक्शन होते हैं, खतरा उतना ही तेजी से बढ़ता है। अध्ययन में सभी महिलाओं को यूटीआई को लेकर अलर्ट किया गया है।

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womens day 2026 Three UTIs in six months increases risk of bladder cancer know its causes and prevention
यूटीआई से कैंसर का होता है जोखिम - फोटो : Amarujala.com

आज विश्व महिला दिवस (International Women's Day) है। महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों का सम्मान करने और उनके अधिकारों, सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस खास दिन को समर्पित किया गया है। जिस तरह से महिलाओं में कई तरह की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में महिलाओं की सेहत का विषय और इसपर बात करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।



अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कुछ बीमारियों का खतरा कहीं ज्यादा देखा जा रहा है। इसके साथ बढ़ती इनफर्टिलिटी की समस्या भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) का खतरा भी अधिक रहता है। लाज-शर्म को झिझक के चलते अक्सर महिलाएं इस बीमारी के बारे में परिवार में ज्यादा बात नहीं कर पातीं, ज्यादातर महिलाएं इसका इलाज भी नहीं कराती हैं। हालांकि ये छोटी सी गलती अनजाने में बड़ी समस्या, यहां तक कि कैंसर के खतरे को भी बढ़ाने वाली हो सकती है।

तो अगर आपको भी बार-बार यूटीआई हो रहा है तो इसे हल्के में लेने की गलती तो बिल्कुल न करें, आइए जानते हैं क्यों?

(ये भी पढ़िए- यूटीआई संक्रमण से बढ़ा सकता है हार्ट अटैक का खतरा, वैज्ञानिकों का चौंकाने वाला खुलासा)

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womens day 2026 Three UTIs in six months increases risk of bladder cancer know its causes and prevention
बार-बार यूटीआई होना खतरे से खाली नहीं - फोटो : Adobe Stock
बार-बार यूटीआई होना कैंसर का बन सकता है कारण

यूटीआई को आप भले ही हल्की समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, पर असलियत में ये बहुत खतकनाक हो सकता है।
 
  • यूके में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि छह महीने के अंदर एक से ज्यादा बार यूटीआई होने से किडनी की बीमारी और कैंसर तक का जोखिम बढ़ जाता है।
  • अध्ययनों में बार-बार यूटीआई होने को जानलेवा ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला बताया गया है। 
  • लोगों को कम समय में जितनी बार इन्फेक्शन होता है, खतरा उतना ही तेजी से बढ़ता जाता है। 
  • 67 से 81 साल के जिन लोगों को छह महीने के अंदर तीन बार तक यूटीआई हुआ, उनमें ब्लैडर कैंसर होने का खतरा पांच गुना ज्यादा पाया गया।
  • जिन लोगों को पांच या उससे ज्यादा बार इन्फेक्शन हुए, उन्हें कैंसर का खतरा 13 गुना बढ़ा हुआ देखा गया।

आमतौर पर बार-बार होने वाले यूटीआई को किडनी की समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है पर इस अध्ययन में ब्लैडर कैंसर के जोखिमों को लेकर भी लोगों को सावधान किया गया है।


ये भी पढ़िएः  (क्या पब्लिक टॉयलेट इस्तेमाल करने से होता है यूटीआई? डॉक्टर ने तोड़ा बड़ा भ्रम)
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यूटीआई के जोखिमों को जानिए - फोटो : Amar Ujala

यूटीआई और इसके खतरे को पहचानिए

द लैंसेट प्राइमरी केयर में प्रकाशित ये रिपोर्ट सभी महिलाओं को अलर्ट करने वाली मानी जा रही है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, यूटीआई बहुत आम समस्या हैं। दुनियाभर में आधे से ज्यादा महिलाओं को अपनी जिंदगी में कभी न कभी यह होता है, जबकि आठ में से लगभग एक पुरुष को भी इसका खतरा रहता है।

पेट के निचले हिस्से में दर्द-थकावट, पेशाब करते समय दर्द या जलन होना और संक्रमण के कारण कई लोगों में तेज बुखार आना इसका आम संकेत माना जाता है। ज्यादातर मामलों में ये संक्रमण अपने आप या एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक हो जाता है हालांकि जिस तरह से एंटीबायोटिक-रेसिस्टेंट का जोखिम बढ़ता जा रहा है इसने खतरों को और बढ़ा दिया है।


अध्ययन में क्या पता चला?

इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने लगभग 54,000 ब्रिटिश मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का एनालिसिस किया। इनमें से एक तिहाई से ज्यादा लोगों को ब्लैडर कैंसर था और डायग्नोसिस से पहले उन्हें कम से कम एक यूटीआई हुआ था। 
 

  • अध्ययन में पाया गया है यूटीआई की टाइमिंग यहां ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिन लोगों को एक साल में तीन बार यूटीआई हुआ, उनमें दो साल के अंदर ब्लैडर कैंसर होने की आशंका तीन गुना ज्यादा पाई गई।
  • लेकिन जिन लोगों को सिर्फ छह महीने के अंदर ही दो-तीन बार इन्फेक्शन हुए, उनमें कैंसर का खतरा लगभग पांच गुना अधिक देखा गया।
  • यह लिंक महिलाओं में सबसे ज्यादा था, जिसके बारे में रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें बार-बार यूटीआई होने का खतरा भी पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है।
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ब्लैडर कैंसर को लेकर अलर्ट - फोटो : Adobe Stock

ब्लैडर कैंसर को लेकर रहें सावधान

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर किसी को छह महीने के अंदर बार-बार यूटीआई हो रहा है तो उसे ब्लैडर कैंसर की जांच करवानी चाहिए।

नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस की मौजूदा गाइडलाइंस कहती है कि 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के जिन मरीजों को बार-बार यूटीआई होता है, उन्हें कैंसर के डॉक्टर के पास जरूर भेजा जाना चाहिए। 

विशेषज्ञों ने कहा अच्छी बात ये है कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) से महिलाओं में ब्लैडर कैंसर होने के जोखिमों को लगभग 23 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यूटीआई से बचाव के लिए आप नियमित रूप से कुछ उपाय कर सकती हैं।
 

  • रोज 7-8 गिलास पानी पीएं।
  • पेशाब को ज्यादा देर तक न रोकें
  • पर्सनल हाईजीन का ध्यान रखें।
  • कॉटन वाले और अच्छी क्वालिटी के अंडरवियर पहनें।
  • ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहें।




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स्रोत: 
Recurrent urinary tract infection and risk of bladder cancer in the Nijmegen bladder cancer study


अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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