आज विश्व महिला दिवस (International Women's Day) है। महिलाओं की सामाजिक-आर्थिक उपलब्धियों का सम्मान करने और उनके अधिकारों, सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए इस खास दिन को समर्पित किया गया है। जिस तरह से महिलाओं में कई तरह की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं, ऐसे में महिलाओं की सेहत का विषय और इसपर बात करना बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है।
Women's Day: 6 महीने में एक से ज्यादा बार यूटीआई कैंसर का बन सकता है कारण, आप भी हैं शिकार तो हो जाएं अलर्ट
International Women's Day 2026: छह महीने के अंदर एक से ज्यादा बार यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) होने से जानलेवा ब्लैडर कैंसर का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। लोगों को कम समय में जितने ज्यादा इन्फेक्शन होते हैं, खतरा उतना ही तेजी से बढ़ता है। अध्ययन में सभी महिलाओं को यूटीआई को लेकर अलर्ट किया गया है।
यूटीआई को आप भले ही हल्की समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं, पर असलियत में ये बहुत खतकनाक हो सकता है।
- यूके में किए गए अध्ययन में पाया गया है कि छह महीने के अंदर एक से ज्यादा बार यूटीआई होने से किडनी की बीमारी और कैंसर तक का जोखिम बढ़ जाता है।
- अध्ययनों में बार-बार यूटीआई होने को जानलेवा ब्लैडर कैंसर का खतरा बढ़ाने वाला बताया गया है।
- लोगों को कम समय में जितनी बार इन्फेक्शन होता है, खतरा उतना ही तेजी से बढ़ता जाता है।
- 67 से 81 साल के जिन लोगों को छह महीने के अंदर तीन बार तक यूटीआई हुआ, उनमें ब्लैडर कैंसर होने का खतरा पांच गुना ज्यादा पाया गया।
- जिन लोगों को पांच या उससे ज्यादा बार इन्फेक्शन हुए, उन्हें कैंसर का खतरा 13 गुना बढ़ा हुआ देखा गया।
आमतौर पर बार-बार होने वाले यूटीआई को किडनी की समस्याओं को बढ़ाने वाला माना जाता रहा है पर इस अध्ययन में ब्लैडर कैंसर के जोखिमों को लेकर भी लोगों को सावधान किया गया है।
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यूटीआई और इसके खतरे को पहचानिए
द लैंसेट प्राइमरी केयर में प्रकाशित ये रिपोर्ट सभी महिलाओं को अलर्ट करने वाली मानी जा रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, यूटीआई बहुत आम समस्या हैं। दुनियाभर में आधे से ज्यादा महिलाओं को अपनी जिंदगी में कभी न कभी यह होता है, जबकि आठ में से लगभग एक पुरुष को भी इसका खतरा रहता है।
पेट के निचले हिस्से में दर्द-थकावट, पेशाब करते समय दर्द या जलन होना और संक्रमण के कारण कई लोगों में तेज बुखार आना इसका आम संकेत माना जाता है। ज्यादातर मामलों में ये संक्रमण अपने आप या एंटीबायोटिक दवाओं से ठीक हो जाता है हालांकि जिस तरह से एंटीबायोटिक-रेसिस्टेंट का जोखिम बढ़ता जा रहा है इसने खतरों को और बढ़ा दिया है।
अध्ययन में क्या पता चला?
इस अध्ययन के लिए शोधकर्ताओं ने लगभग 54,000 ब्रिटिश मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का एनालिसिस किया। इनमें से एक तिहाई से ज्यादा लोगों को ब्लैडर कैंसर था और डायग्नोसिस से पहले उन्हें कम से कम एक यूटीआई हुआ था।
- अध्ययन में पाया गया है यूटीआई की टाइमिंग यहां ज्यादा महत्वपूर्ण है। जिन लोगों को एक साल में तीन बार यूटीआई हुआ, उनमें दो साल के अंदर ब्लैडर कैंसर होने की आशंका तीन गुना ज्यादा पाई गई।
- लेकिन जिन लोगों को सिर्फ छह महीने के अंदर ही दो-तीन बार इन्फेक्शन हुए, उनमें कैंसर का खतरा लगभग पांच गुना अधिक देखा गया।
- यह लिंक महिलाओं में सबसे ज्यादा था, जिसके बारे में रिसर्चर्स का कहना है कि ऐसा इसलिए है क्योंकि उन्हें बार-बार यूटीआई होने का खतरा भी पुरुषों की तुलना में ज्यादा होता है।
ब्लैडर कैंसर को लेकर रहें सावधान
एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर किसी को छह महीने के अंदर बार-बार यूटीआई हो रहा है तो उसे ब्लैडर कैंसर की जांच करवानी चाहिए।
नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ एंड केयर एक्सीलेंस की मौजूदा गाइडलाइंस कहती है कि 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के जिन मरीजों को बार-बार यूटीआई होता है, उन्हें कैंसर के डॉक्टर के पास जरूर भेजा जाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने कहा अच्छी बात ये है कि हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (एचआरटी) से महिलाओं में ब्लैडर कैंसर होने के जोखिमों को लगभग 23 प्रतिशत तक कम करने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा यूटीआई से बचाव के लिए आप नियमित रूप से कुछ उपाय कर सकती हैं।
- रोज 7-8 गिलास पानी पीएं।
- पेशाब को ज्यादा देर तक न रोकें
- पर्सनल हाईजीन का ध्यान रखें।
- कॉटन वाले और अच्छी क्वालिटी के अंडरवियर पहनें।
- ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखने वाले उपाय करते रहें।
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स्रोत:
Recurrent urinary tract infection and risk of bladder cancer in the Nijmegen bladder cancer study
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