दुनियाभर में तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याएं विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनी हुई हैं। जब बात महिलाओं की सेहत की हो तो ये जोखिम और भी बढ़ जाता है। अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से पुरुषों की तुलना में महिलाओं में कई बीमारियों का खतरा अधिक होता है? ऐसे में उन्हें सेहत का ध्यान रखने के लिए और भी सावधानी बरतते रहने की जरूरत होती है।
Women's Day: महिलाओं की सेहत के लिए दुश्मन जैसी हैं ये दो आदतें, कैंसर-गर्भपात तक का बढ़ जाता है खतरा
डब्ल्यूएचओ के अनुसार तंबाकू हर साल दुनिया में लगभग 80 लाख लोगों की मौत का कारण बनता है। इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। उनके हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और प्रजनन प्रणाली पर धूम्रपान और शराब का असर ज्यादा तेजी से पड़ता है।
क्या कहती हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ?
वरिष्ठ गायनोलॉजिस्ट डॉ शशि श्रीवास्तव बताती हैं, बढ़ती गंभीर बीमारियों का एक बड़ा कारण समय पर छोटी दिक्कतों पर ध्यान न देना और उनका इलाज न कराना है।
महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई) का खतरा भी अधिक रहता है, जिसे अक्सर हल्की समस्या समझकर अनदेखा कर दिया जाता है। हालांकि अध्ययनों में पाया गया है कि बार-बार यूटीआई होना किडनी की बीमारी और खतरनाक कैंसर के खतरे को भी बढ़ाना वाला हो सकता है।
सेहत को ठीक रखने के लिए शरीर में होने वाले असामान्य बदलावों पर गंभीरता से ध्यान देना और स्मोकिंग-शराब जैसी आदतों से दूरी बनाना जरूरी है।
धूम्रपान और शराब का संपूर्ण स्वास्थ्य पर होता है असर
डॉक्टर कहती हैं, तंबाकू के सेवन के कारण सालाना दुनियाभर में लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है, इसमें बड़ी संख्या महिलाओं की भी है। महिलाओं का शरीर जैविक रूप से अलग होता है। उनके हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और प्रजनन प्रणाली पर धूम्रपान और शराब का असर ज्यादा तेजी से पड़ता है।
- महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे हार्मोन बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। धूम्रपान और शराब इन हार्मोन के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं।
- अक्सर धूम्रपान करने वाली महिलाओं में पीरियड्स अनियमित होना, पीसीओएस, गर्भधारण में समस्या से लेकर और मेनोपॉज जल्दी आने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- स्मोकिंग और ज्यादा शराब पीने की आदत ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर का खतरा भी बढ़ाने वाली हो सकती है।
धूमपान से क्या-क्या दिक्कतें होती हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहती हैं, शहरीकरण और मॉर्डन दिखने के चक्कर में महिलाओं में स्मोकिंग की आदत हाल के वर्षों में बढ़ती देखी गई है।
- सिगरेट के धुएं में 7,000 से ज्यादा हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें से लगभग 70 कैंसर पैदा करने वाले हो सकते हैं।
- धूम्रपान करने वाली महिलाओं में फेफड़ों के कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
- इसके अलावा धूम्रपान महिलाओं के हार्मोनल संतुलन को भी बिगाड़ देता है, जिससे पीरियड्स अनियमित हो सकते हैं और गर्भधारण में परेशानी आ सकती है।
- धूम्रपान करने वाली महिलाओं में बांझपन का खतरा 30-40% तक बढ़ जाता है। इससे गर्भपात का भी जोखिम हो सकता है।
- वहीं गर्भावस्था के दौरान यदि महिला धूम्रपान करती है तो बच्चे में कम वजन, समय से पहले जन्म और जन्म दोष का खतरा बढ़ जाता है।
शराब की लत क्यों खतरनाक?
धूम्रपान की ही तरह शराब पीना भी महिलाओं की सेहत के लिए खतरे बढ़ाता जा रहा है।
- अमेरिकन कैंसर सोसायटी की रिपोर्ट के अनुसार नियमित रूप से शराब पीने वाली महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा अधिक हो सकता है। शराब शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के स्तर को बढ़ा देती है, जो ब्रेस्ट कैंसर के जोखिम को बढ़ाने से जुड़ा हुआ है।
- शराब का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है। इससे महिलाओं में लिवर सिरोसिस और फैटी लिवर की समस्या हो सकती है।
- शराब पीने वाली महिलाओं में डिप्रेशन, एंग्जायटी और नींद की समस्या भी बढ़ जाती है।
- गर्भावस्था के दौरान शराब पीना और भी खतरनाक है, क्योंकि इससे बच्चे में फीटल अल्कोहल सिंड्रोम जैसी गंभीर समस्या हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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