मौसम में इन दिनों तेजी से बदलाव हो रहा है। गर्मी ने दस्तक देना शुरू कर दिया है, दिन में गर्मी और शाम के वक्त हल्की सर्दी वाला ये मौसम आपको बीमार करने वाला हो सकता है। विशेषतौर पर जिन लोगों की इम्युनिटी कमजोर होती है, उनको इस मौसम में सर्दी-खांसी और जुकाम जैसी समस्याएं बार-बार होती हैं। कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों को अपनी सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतते रहना चाहिए।
Health Tips: बार-बार पड़ जाते हैं बीमार? आयुर्वेद की अमृत बेल आपके लिए हो सकती है बड़े काम की
गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और इम्यून-बूस्टिंग गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को संक्रमण और कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं। खासकर बदलते मौसम में होने वाले वायरल संक्रमण, कमजोरी और थकान में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।
गिलोय हो सकती है आपके लिए बहुत फायदेमंद
आयुर्वेद के साथ मेडिकल साइंस ने भी माना है कि गिलोय हमारी सेहत के लिए बहुत लाभकारी है। गिलोय में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और इम्यून-बूस्टिंग गुण होते हैं, जो शरीर को संक्रमण और कई बीमारियों से बचाने में मदद कर सकते हैं। बदलते मौसम में होने वाले वायरल संक्रमण, कमजोरी और थकान में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।
गिलोय को जूस, काढ़ा, पाउडर या टैबलेट के रूप में लिया जा सकता है। हालांकि किसी भी औषधि की तरह इसका सेवन भी सही मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर होता है।
इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार
गिलोय को प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं, जिससे शरीर बैक्टीरिया और वायरस से बेहतर तरीके से लड़ पाता है।
- गिलोय का उपयोग लंबे समय से बुखार और संक्रमण के इलाज में किया जाता रहा है।
- यह शरीर की सूजन कम करने और संक्रमण से लड़ने में मदद कर सकती है।
बुखार से मिलता है आराम
आयुर्वेद में, बुखार के लिए दो कारणों को जिम्मेदार पाया गया। पहला- अमा (खराब पाचन के कारण शरीर में विषाक्त की समस्या) और दूसरा कुछ बाहरी अवयवों के कारण होने वाली समस्या।
- गिलोय बार-बार होने वाले बुखार को कम करने में मदद कर सकती है।
- यह एंटी-इंफ्लामेटरी, ज्वरनाशक जड़ी-बूटी है जो संक्रमण से लड़ने के लिए आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ावा देती है जिससे बुखार को जल्दी ठीक करने में लाभ पाया जा सकता है।
एंटी-डिप्रेशन और एंटी-इंफ्लामेटरी वाली बेल
मानसिक तनाव और चिंता को कम करने के लिए भी गिलोय उपयोगी है। यह आपके मन को शांत करता है। गिलोय में स्मृति और संज्ञानात्मक कार्यों को बढ़ाने की भी शक्ति होती है। इसके अलावा गिलोय के एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण, गठिया और गाउट को कम करने में मदद करते हैं। जोड़ों के दर्द में गिलोय के चूर्ण का गर्म दूध के साथ सेवन करना फायदमंद पाया गया है। हालांकि ध्यान रखें किसी भी समस्या में विशेषज्ञ की सलाह पर ही किसी औषधि का सेवन करें।
डायबिटीज वालों के लिए लाभकारी
आयुर्वेद में, गिलोय को 'मधुनाशिनी' के रूप में जाना जाता है जिसका अर्थ है शर्करा का स्तर कम करने वाली। यानी कि यह औषधि ब्लड शुगर के स्तर को कम करके डायबिटीज की समस्या में लाभकारी हो सकती है।
- गिलोय, इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती है जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है।
- गिलोय मधुमेह की जटिलताओं जैसे अल्सर, गुर्दे की समस्याओं के लिए भी उपयोगी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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