हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि वह खुद ही अपनी देखभाल कर लेता है। शरीर में कोई अपशिष्ट जमा न होने पाए इसके लिए मल-मूत्र के माध्यम से गंदगी बाहर निकालता रहता है। हालांकि शरीर की बाहरी साफ-सफाई को लेकर हमें अलर्ट रहना चाहिए। कानों की साफ-सफाई का हम सभी को ध्यान रखना चाहिए ताकि इस नाजुक और संवेदनशील अंग में संक्रमण न हो या इसे किसी तरह का कोई नुकसान न होने पाए।
Health Alert: क्या कॉटन वाले ईयरबड्स से कान साफ करना सुरक्षित है? ईएनटी विशेषज्ञ ने दी सारी जानकारी
बहुत से लोग कानों की सफाई के लिए रोजाना कॉटन वाले प्लग यानी ईयरबड्स का इस्तेमाल करते हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि कान के अंदर कॉटन प्लग डालना आपके लिए बहुत नुकसानदायक हो सकता है। आइए इस बारे में जान लेते हैं।
कान की साफ-सफाई को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ डॉ कमलेश अवस्थी बताते हैं, कान में बनने वाले ईयरवैक्स को भले ही हम गंदगी समझते रहते हैं, पर असल में ये कानों के लिए सुरक्षाकवच जैसा है जो गंदगी, बैक्टीरिया और धूल को अंदर जाने से रोकता है।
- जब हम कॉटन प्लग से कान साफ करने की कोशिश करते हैं तो अक्सर गंदगी को बाहर निकालने के बजाय उसे और अंदर धकेल देते हैं।
- इतना ही कान बेहद संवेदनशील होते हैं, ऐसे में कानों में किसी भी तरह की नुकीली या कॉटन वाली चीज डालना नुकसानदेह हो सकता है।
- इससे जाने-अनजाने कान के नाजुक हिस्सों में चोट या कट लग सकता है, इससे कान में संक्रमण का भी खतरा हो सकता है।
कॉटन प्लग के बार-बार इस्तेमाल से क्या दिक्कतें हो सकती हैं?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कॉटन प्लग से कान साफ करने की आदत कई मायनों में ठीक नहीं है। इससे कई तरह के खतरे हो सकते हैं।
- डॉक्टर कहते हैं, जब हम कॉटन वाले प्लग से कान साफ करते हैं तो अक्सर वैक्स बाहर निकलने के बजाय कान के अंदर की ओर चला जाता है।
- इससे वैक्स जमा होकर ब्लॉकेज बना सकता है।
- ब्लॉकेज होने पर कान बंद-बंद लगने, सुनाई कम देने जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।
कान के नाजुक हिस्सों में चोट लगने का खतरा
डॉ कमलेश बताते हैं, कान सिर्फ सुनने में ही मदद नहीं करते, ये हमारे शरीर का बैलेंस बनाए रखने के लिए भी जरूरी हैं। यही कारण है कि कानों में किसी तरह की चोट या दिक्कत होने की वजह से कभी-कभी चक्कर आने और संतुलन से संबंधित समस्याएं हो सकती है। ईयरवैक्स निकालने के चक्कर में अक्सर हम सभी ये समस्या मोल ले लेते हैं।
- कान के अंदर की त्वचा बहुत पतली और संवेदनशील होती है। कॉटन प्लग डालते समय हल्की सी गलती भी अंदर खरोंच या चोट पैदा कर सकती है।
- यदि कान में चोट या कट लग जाए तो वहां बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
इन बातों को जानना भी जरूरी
- कानों की साफ-सफाई करते समय अगर कॉटन प्लग ज्यादा अंदर चला जाए तो यह कान के पर्दे को नुकसान पहुंचा सकता है।
- डॉ कमलेश बताते हैं, कई मामलों में यह देखा गया है कि ईयरबड्स के इस्तेमाल के दौरान गलती से कोई ठोकर लग जाए तो पर्दा फटने तक का खतरा हो सकता है।
- जब हम बार-बार कॉटन प्लग इस्तेमाल करते हैं तो इससे कान में सूखापन, खुजली और बार-बार वैक्स बनने की समस्या हो सकती है।
डॉक्टर कहते हैं, कानों की सफाई के लिए कॉटन वाले प्लग इस्तेमाल करना सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। कानों को असल में इस तरह से साफ करने की जरूरत भी नहीं होती है। अगर कान में वैक्स ज्यादा जमा हो जाए, दर्द हो या सुनाई कम दे तो बेहतर है कि किसी डॉक्टर से सलाह ले लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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