'एक इंच जमीन भी नहीं लेने देंगे': अमेरिका को ईरान की दो टूक; पड़ोसी देशों पर हमले रोकने वाले बयान पर दी सफाई
US Israel Iran War: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अपने हालिया बयानों पर उठे विवाद पर सफाई देते हुए कहा है कि उनके शब्दों को 'दुश्मनों' द्वारा गलत समझा गया है, जिनका उद्देश्य पड़ोसी देशों के साथ विभाजन पैदा करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईरान अपने पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहता है। इसी के साथ उन्होंने साफ कहा कि ईरान देश की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देगा।
विस्तार
पेजेशकियन ने कहा कि ईरान कई बार यह कह चुका है कि पड़ोसी देशों के साथ भाईचारे और अच्छे रिश्ते होने चाहिए। हालांकि अगर ईरान पर हमला होता है तो जवाब देना उसकी मजबूरी बन जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि जवाबी कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि ईरान का किसी पड़ोसी देश से विवाद है या वह वहां के लोगों को नुकसान पहुंचाना चाहता है।
अपने बयान में उन्होंने कहा कि बार-बार कहा गया है कि हम भाई हैं और हमें पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखने चाहिए। हालांकि, हमें हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हमारा किसी (पड़ोसी) देश के साथ कोई विवाद है या हम उनके लोगों को नाराज करना चाहते हैं।
अमेरिका को दो टूक जवाब
इस बीच अमेरिकी की लगातार धमकियों के बीच पेजेशकियन ने करारा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान देश की एक इंच जमीन भी किसी को नहीं लेने देगा। यह बयान ऐसे वक्त आया है, जब अमेरिका और इस्राइल लगातार अलग-अलग दावे कर रहे हैं।
इससे पहले पेजेशकियन ने अमेरिका की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण करने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि ऐसी उम्मीद रखना सिर्फ एक सपना है, जो कभी पूरा नहीं होगा। राज्य टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संदेश में उन्होंने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईरान किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।
हमलों को रोकने वाले बयान पर आया जवाब
मसूद पेजेशकियन का ये बयान ऐसे समय में आए हैं, जब कुछ रिपोर्टों में यह समझा जा रहा था कि ईरान ने खाड़ी देशों पर हमलों को रोकने का फैसला किया है, हालांकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत बताई जा रही थी। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि ईरान पर जब हमले होते हैं, तो वह जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर होता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उसका किसी पड़ोसी देश से विवाद है या वह उनके लोगों को परेशान करना चाहता है।
उन्होंने दोहराया कि ईरान हमेशा से अपने पड़ोसियों के साथ 'भाईचारे' और अच्छे संबंधों का पक्षधर रहा है। उनके अनुसार जवाबी कार्रवाई एक मजबूरी है, न कि किसी देश के साथ विवाद या उनके लोगों को नुकसान पहुंचाने की इच्छा। यह बयान ईरान की विदेश नीति के उस पहलू पर प्रकाश डालता है, जो क्षेत्रीय स्थिरता और पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों को बनाए रखने पर जोर देता है, भले ही वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने को मजबूर हो।
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अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्या कहा था?
इससे पहले अपने बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियन ने क्षेत्रीय देशों पर हुए हमलों को लेकर खेद भी व्यक्त किया था। उन्होंने कहा कि हाल में खाड़ी के कुछ देशों पर हुए हमले गलतफहमी के कारण हुए और तेहरान आगे ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश करेगा। जब तक कि उन देशों की जमीन से ईरान पर कोई हमला न किया जाए। ईरानी मीडिया के अनुसार राष्ट्रपति ने बताया कि ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने इस फैसले को मंजूरी दी है। ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय आया है, जब शनिवार सुबह बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात पर हमलों की खबरें सामने आईं, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा।
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