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West Bengal Repolling: Re-polling took place at 15 booths in Bengal under tight security, voting was once agai
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West Bengal Repolling: बंगाल में 15 बूथों पर कड़ी सुरक्षा में हुआ पुनर्मतदान, फिर से जमकर वोटिंग!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Sun, 03 May 2026 03:30 AM IST
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, "TMC सरकार चली गई है, पश्चिम बंगाल में बहुत सारे ऐसे लोग हैं जिन्होंने कभी वोट नहीं दिया। उन्हें वोट देने नहीं दिया गया। ऐसे माहौल में अब जब लोग निडर हो पाए तो उन्होंने वोट दिया। TMC ने हार को स्वीकार कर लिया है लेकिन फिर भी मतगणना केंद्र में उनके कार्यकर्ता जाएं इसके कारण वे ऐसे बयान दे रहे हैं।" फाल्टा की घटना पर उन्होंने कहा, "पिछले 10 साल से TMC का एक ही प्रचार है कि वोट दो नहीं तो सारी सुविधाएं बंद, राशन बंद, दुकानें बंद, वोट देना पड़ेगा नहीं तो लक्ष्मी भंडार बंद.लेकिन अब TMC की सरकार भी जाएगी और इनका दल भी जाएगा।
पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया के तहत जिन मतदान केंद्रों पर पहले चरण में गड़बड़ी, हिंसा या अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, वहां दोबारा मतदान (पुनर्मतदान) कराया गया। राज्य के अलग-अलग इलाकों में कुल 15 बूथों पर यह पुनर्मतदान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ। इन सभी संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय बलों की तैनाती की गई थी, ताकि मतदाता बिना किसी डर या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें। प्रशासन ने पहले से ही इन बूथों को चिन्हित कर लिया था और यहां अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
पुनर्मतदान के दौरान सुबह से ही मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और लंबी कतारें लग गईं। लोगों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया, जिससे यह संकेत मिला कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी चाहते हैं। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, कई स्थानों पर मतदान प्रतिशत पहले की तुलना में बेहतर रहा। सुरक्षा बलों ने पूरे दिन गश्त जारी रखी और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए लगातार निगरानी बनाए रखी।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी बूथों के बाहर मौजूद रहे और मतदान प्रक्रिया पर नजर रखते दिखाई दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुनर्मतदान का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है, ताकि किसी भी मतदाता का अधिकार प्रभावित न हो। इसके लिए सीसीटीवी निगरानी, माइक्रो ऑब्जर्वर और वेबकास्टिंग जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गईं।
चुनाव आयोग की सख्ती और सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों का असर यह रहा कि पुनर्मतदान अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ मतदाताओं ने भी जिम्मेदारी का परिचय देते हुए बड़ी संख्या में मतदान किया। कुल मिलाकर, इन 15 बूथों पर हुए पुनर्मतदान ने यह संदेश दिया कि अगर कहीं गड़बड़ी होती है तो उसे सुधारने के लिए व्यवस्था मौजूद है, और लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
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