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... हमारे गांव में कहते थे ज़मीदार हमें : मनोज मुंतशिर

वीडियो डेस्क, अमर उजाला टीवी/ नई दिल्ली Updated Sat, 24 Jun 2017 07:57 PM IST
manoj muntshir poem
"तेरी गलियां" और "तेरे संग यारा" जैसे कालजयी गीत लिखने वाले गीतकार मनोज मुंतशिर के भीतर एक बेहतरीन शायर और कवि भी छुपा है। हाल ही में वह दिल्ली में एक कवि सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे, यहां उनके चाहने वालों ने उनका ये अनोखा अंदाज़ भी देखा। उनकी लिखावट का एक नमूना, ''तुम्हारे शहर ने दफनाया बे-मज़ार हमें, हमारे गांव में कहते थे ज़मीदार हमें। लकीरे हाथ की गिरवी हैं कारखाने में, कहाँ ले आया है खुशियों का इंतजार हमें.."
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