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अपना सिम दूसरे को देना पड़ सकता है भारी,50 लाख तक जुर्माना, तीन साल की जेल
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम
Published by: Bhaskar Tiwari
Updated Tue, 22 Sep 2026 05:00 AM IST
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दूरसंचार सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सरकार ने मोबाइल सिम और डिवाइस की सुरक्षा को लेकर नियमों को सख्त किया है। अपने नाम या दस्तावेज पर जारी सिम कार्ड को किसी दूसरे व्यक्ति को देना, बेचना या गलत तरीके से इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराना गंभीर समस्या बन सकता है, क्योंकि उस नंबर से होने वाली गतिविधियों की जांच में सबसे पहले सिम के पंजीकृत ग्राहक की जानकारी सामने आती है। इसी वजह से मोबाइल कनेक्शन लेते समय अपने दस्तावेजों और व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। दूरसंचार विभाग लगातार ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ा रहा है, जिनमें फर्जी पहचान के आधार पर मोबाइल कनेक्शन हासिल किए जाते हैं या किसी अन्य व्यक्ति के दस्तावेजों का दुरुपयोग किया जाता है। हालिया सरकारी संसाधनों में IMEI से छेड़छाड़ को लेकर भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है। विभाग ने बताया है कि किसी दूरसंचार उपकरण के विशिष्ट पहचान नंबर यानी IMEI को जानबूझकर हटाना, बदलना या उसमें बदलाव करना प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में संबंधित कानून और नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
इस पूरे मामले में ‘म्यूल सिम’ की अवधारणा भी महत्वपूर्ण है। ऐसी सिम का इस्तेमाल साइबर अपराधों, फर्जी कॉल, ठगी या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है, जबकि कनेक्शन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत होता है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति अपने नाम पर सिम लेकर उसे किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए देता है, तो वह अपने लिए कानूनी और जांच संबंधी जोखिम पैदा कर सकता है। सिम जारी करने की प्रक्रिया में भी ग्राहक की पहचान और दस्तावेजों का सत्यापन महत्वपूर्ण है। DoT के नियमों के मुताबिक मोबाइल कनेक्शन की संख्या पर भी सीमा लागू है। सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन रखे जा सकते हैं, जबकि जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर सेवा क्षेत्रों में यह सीमा 6 है। सरकारी निर्देशों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक कनेक्शन पाए जाने पर अतिरिक्त नंबरों को डिस्कनेक्ट या दोबारा सत्यापन की प्रक्रिया में डाला जा सकता है।
सरकार ने फर्जी सिम और मोबाइल नेटवर्क के दुरुपयोग की पहचान के लिए डिजिटल सिस्टम और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल भी बढ़ाया है। वहीं, IMEI की वैधता जांचने के लिए Sanchar Saathi और CEIR जैसी सरकारी सेवाएं उपलब्ध हैं। उपभोक्ता अपने मोबाइल के IMEI की जांच ऑनलाइन कर सकते हैं या 15 अंकों वाले IMEI के साथ KYM लिखकर 14422 पर SMS भेजकर डिवाइस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
ऐसे में मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए सबसे जरूरी सावधानी यही है कि वे अपने नाम पर जारी सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए न दें, दस्तावेजों की कॉपी अनजान लोगों के साथ साझा न करें और समय-समय पर यह जांचते रहें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। इससे फर्जी सिम, पहचान के दुरुपयोग और संभावित साइबर अपराध से जुड़े जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
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