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बिम्सटेक की बैठक: ब्रिक्स समिट के बाद बांग्लादेश के गृह मंत्री का भारत आने से इनकार, कौन से देश होंगे शामिल?
Mon, 12 Oct 2026 12:29 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
पीटीआई, ढाका
पीटीआई, ढाका
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:29 PM IST
सार
भारत-बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों का असर बिम्सटेकदेशों की पहली गृह मंत्री स्तरीय बैठक पर भी दिख रहा है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद दिल्ली में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों पर चर्चा होगी।
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भारत-बांग्लादेश में तनाव?
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत और बांग्लादेश के बीच तनावपूर्ण संबंधों के कारण, गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद नई दिल्ली में होने वाली बिम्सटेक देशों के गृह मंत्रियों की पहली बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह ढाका का प्रतिनिधित्व एक वरिष्ठ नौकरशाह के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल करेगा।
बांग्लादेश से कौन होगा शामिल?
बांग्ला ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मामलों के सीनियर सेक्रेटरी मंजूर मोर्शेद चौधरी दो दिन की बैठक में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बैठक सोमवार को सदस्य देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों के साथ शुरू हो रही है।
क्या है बिम्सटेक?
बता दें कि सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की बैठक मंगलवार को होनी है। 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (BIMSTEC) एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
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बिम्सटेक का मकसद क्या है?
इसका मकसद बंगाल की खाड़ी से सटे और उसके आस-पास के देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में बिम्सटेक (BIMSTEC) की अध्यक्षता संभाली।बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक का मकसद दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
तारिक रहमान ने ब्रिक्स समिट में नहीं लिया हिस्सा
हालांकि रिपोर्ट में अहमद के न आने की वजह नहीं बताई गई, लेकिन यह फैसला अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के हटने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई गिरावट के बीच लिया गया है। बाद में हसीना भारत आगई थीं। वहीं, पिछले महीने, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के आउटरीच सेशन में हिस्सा नहीं लिया, जबकि भारत सरकार ने उन्हें बिम्सटेक के चेयरमैन के तौर पर आमंत्रित किया था।
ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी के नेतृत्व वाले बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम (जो सार्क, बिम्सटेक और अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दों को देखते हैं) और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे।
बैठक में क्या होगा?
इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे। वे क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और कानून लागू करने, खुफिया जानकारी साझा करने तथा आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के प्रयासों में तालमेल को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
मंगलवार को कौन-कौन शामिल होगा?
यूएनबी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार की बैठक में भूटान के गृह मंत्री, म्यांमार के केंद्रीय गृह मंत्री, नेपाल के गृह मंत्री, श्रीलंका के जन सुरक्षा और संसदीय मामलों के मंत्री और थाईलैंड की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी-जनरल के शामिल होने की उम्मीद है।
भारत में हसीना की मौजूदगी दोनों देशों के बीच विवाद के मुख्य मुद्दों में से एक बन गई है। ढाका उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण के अनुरोध की जांच लागू कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि नई दिल्ली में हसीना की वर्चुअल प्रेस बातचीत से रहमान की यात्रा का माहौल खराब हो गया था। भारत का कहना है कि हसीना से जुड़े मीडिया इवेंट में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।
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बांग्लादेश से कौन होगा शामिल?
बांग्ला ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, गृह मामलों के सीनियर सेक्रेटरी मंजूर मोर्शेद चौधरी दो दिन की बैठक में बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। यह बैठक सोमवार को सदस्य देशों के गृह और आंतरिक मंत्रालयों के सीनियर अधिकारियों के साथ शुरू हो रही है।
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क्या है बिम्सटेक?
बता दें कि सदस्य देशों के गृह मंत्रियों की बैठक मंगलवार को होनी है। 'बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन' (BIMSTEC) एक क्षेत्रीय समूह है जिसमें बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं।
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बिम्सटेक का मकसद क्या है?
इसका मकसद बंगाल की खाड़ी से सटे और उसके आस-पास के देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देना है। बांग्लादेश ने अप्रैल 2025 में बिम्सटेक (BIMSTEC) की अध्यक्षता संभाली।बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक का मकसद दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है।
तारिक रहमान ने ब्रिक्स समिट में नहीं लिया हिस्सा
हालांकि रिपोर्ट में अहमद के न आने की वजह नहीं बताई गई, लेकिन यह फैसला अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के हटने के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में आई गिरावट के बीच लिया गया है। बाद में हसीना भारत आगई थीं। वहीं, पिछले महीने, प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के आउटरीच सेशन में हिस्सा नहीं लिया, जबकि भारत सरकार ने उन्हें बिम्सटेक के चेयरमैन के तौर पर आमंत्रित किया था।
ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट के अनुसार, चौधरी के नेतृत्व वाले बांग्लादेशी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एकेएम शाहिदुल करीम (जो सार्क, बिम्सटेक और अन्य प्राथमिकता वाले मुद्दों को देखते हैं) और संयुक्त सचिव रेबेका खान भी शामिल होंगे।
बैठक में क्या होगा?
इस बैठक में बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड के प्रतिनिधि एक साथ आएंगे। वे क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग की समीक्षा करेंगे और कानून लागू करने, खुफिया जानकारी साझा करने तथा आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय अपराधों से निपटने के प्रयासों में तालमेल को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करेंगे।
मंगलवार को कौन-कौन शामिल होगा?
यूएनबी न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार की बैठक में भूटान के गृह मंत्री, म्यांमार के केंद्रीय गृह मंत्री, नेपाल के गृह मंत्री, श्रीलंका के जन सुरक्षा और संसदीय मामलों के मंत्री और थाईलैंड की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी-जनरल के शामिल होने की उम्मीद है।
भारत में हसीना की मौजूदगी दोनों देशों के बीच विवाद के मुख्य मुद्दों में से एक बन गई है। ढाका उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है, जबकि भारत का कहना है कि प्रत्यर्पण के अनुरोध की जांच लागू कानूनों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के अनुसार की जा रही है।
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगस्त में कहा था कि नई दिल्ली में हसीना की वर्चुअल प्रेस बातचीत से रहमान की यात्रा का माहौल खराब हो गया था। भारत का कहना है कि हसीना से जुड़े मीडिया इवेंट में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।