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Greenland: 'हम अमेरिकी नहीं बनेंगे', ग्रीनलैंड के पांच सियासी दलों की ट्रंप को दो टूक; डेनमार्क को भी सुनाया
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ग्रीनलैंड
Published by: लव गौर
Updated Sat, 10 Jan 2026 01:53 PM IST
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सार
Greenland- US News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया रवैय पर ग्रीनलैंड की संसद में सभी पांच राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। एक संयुक्त बयान जारी करते हुए ट्रंप को दो टूक जवाब दिया है। साथ ही अमेरिका के नियंत्रण में लेने की धमकियों को कड़े शब्दों में खारिज किया है।
अमेरिका का ग्रीनलैंड को लेकर घमासान जारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर धमकी भरा लहजा अपनाया हुआ है। इतना ही नहीं अमेरिकी नेता भी ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं। इस बीच ग्रीनलैंड की संसद के सभी पांच प्रमुख राजनीतिक दलों ने संयुक्त बयान जारी कर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को दो टूक जवाब दिया है। राजनीतिक दलों ने ट्रंप की ग्रीनलैंड को अमेरिका के नियंत्रण में लेने की धमकियों को कड़े शब्दों में खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ग्रीनलैंड 'अमेरिकन नहीं होगा' और उसका भविष्य सिर्फ ग्रीनलैंड के लोगों की तरफ से तय किया जाना चाहिए।
'हम अमेरिकी नहीं होंगे, हम डेनिश नहीं होंगे, हम...'
बयान में पांचों दलों, जिसमें प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन सहित विपक्षी दल नालेराक के नेता भी शामिल हैं, उन्होंने कहा कि वे किसी भी अमेरिकी अधिग्रहण के गंभीर रूप से असम्मानजनक रुख के खिलाफ हैं। देर रात जारी बयान में नेताओं ने साफ कहा कि हम अमेरिकी नहीं होंगे, हम डेनिश नहीं होंगे, हम ग्रीनलैंडवासी हैं। सभी दलों की यह एकता विशेष रूप से इसलिए अहम है, क्योंकि इसमें विपक्षी पार्टी नालेराक के नेता पेले ब्रोबर्ग भी शामिल हैं, जो वाशिंगटन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए सबसे अधिक इच्छुक रही हैं।
बता दें कि कुछ ही दिन पहले ब्रोबर्ग ने ग्रीनलैंड से डेनमार्क को दरकिनार करते हुए सीधे अमेरिका के साथ बातचीत करने का आह्वान किया था। अब बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि ग्रीनलैंड का भविष्य खुद ग्रीनलैंड के लोगों द्वारा तय किया जाना चाहिए, अंतर्राष्ट्रीय कानून और आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान होना चाहिए।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की बयानबाजी तेज
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद अपनी बयानबाजी को और तेज कर दिया है। हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी स्वामित्व सफलता के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने सैन्य बल के प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया।
ये भी पढ़ें: Trump On Greenlad: 'मान जाए तो ठीक वरना ताकत से होगा कब्जा', ग्रीनलैंड को हथियाने के लिए ट्रंप की खुली धमकी
अमेरिका ने नहीं किया तो ये देश करेंगे कब्जा
ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को आसान तरीके से पाना चाहते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कठिन रास्ता भी अपनाया जाएगा। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वहां खनिज संसाधन हैं और आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर प्रभाव जमा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में रूस या चीन को पड़ोसी नहीं बनने देगा। ट्रंप के अनुसार, जब अमेरिका किसी क्षेत्र का मालिक होता है, तो उसकी रक्षा भी पूरी ताकत से करता है।
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'हम अमेरिकी नहीं होंगे, हम डेनिश नहीं होंगे, हम...'
बयान में पांचों दलों, जिसमें प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन सहित विपक्षी दल नालेराक के नेता भी शामिल हैं, उन्होंने कहा कि वे किसी भी अमेरिकी अधिग्रहण के गंभीर रूप से असम्मानजनक रुख के खिलाफ हैं। देर रात जारी बयान में नेताओं ने साफ कहा कि हम अमेरिकी नहीं होंगे, हम डेनिश नहीं होंगे, हम ग्रीनलैंडवासी हैं। सभी दलों की यह एकता विशेष रूप से इसलिए अहम है, क्योंकि इसमें विपक्षी पार्टी नालेराक के नेता पेले ब्रोबर्ग भी शामिल हैं, जो वाशिंगटन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने के लिए सबसे अधिक इच्छुक रही हैं।
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बता दें कि कुछ ही दिन पहले ब्रोबर्ग ने ग्रीनलैंड से डेनमार्क को दरकिनार करते हुए सीधे अमेरिका के साथ बातचीत करने का आह्वान किया था। अब बयान में इस बात पर जोर दिया गया है कि ग्रीनलैंड का भविष्य खुद ग्रीनलैंड के लोगों द्वारा तय किया जाना चाहिए, अंतर्राष्ट्रीय कानून और आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान होना चाहिए।
ग्रीनलैंड पर ट्रंप की बयानबाजी तेज
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पिछले सप्ताह वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान के बाद अपनी बयानबाजी को और तेज कर दिया है। हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि ग्रीनलैंड पर अमेरिकी स्वामित्व सफलता के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से जरूरी है। इसी के साथ उन्होंने सैन्य बल के प्रयोग की संभावना से इनकार नहीं किया।
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अमेरिका ने नहीं किया तो ये देश करेंगे कब्जा
ट्रंप ने कहा कि वह ग्रीनलैंड को आसान तरीके से पाना चाहते हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो कठिन रास्ता भी अपनाया जाएगा। उनका दावा है कि ग्रीनलैंड अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम है, क्योंकि वहां खनिज संसाधन हैं और आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन की सैन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका ने कदम नहीं उठाया तो रूस या चीन ग्रीनलैंड पर प्रभाव जमा सकते हैं, जो अमेरिका के लिए खतरा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में रूस या चीन को पड़ोसी नहीं बनने देगा। ट्रंप के अनुसार, जब अमेरिका किसी क्षेत्र का मालिक होता है, तो उसकी रक्षा भी पूरी ताकत से करता है।
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