पड़ोसी देशों में हिंसा: बांग्लादेश और पाकिस्तान में दो हिंदू युवकों की हत्या; बीते 23 दिन में मारे गए सात लोग
बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हत्या और अत्याचार-शोषण की वारदातें थम नहीं ले रही हैं। बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में जॉय महापात्र नामक एक और हिंदू की हत्या कर दी गई। पिछले 23 दिनों में बांग्लादेश में छह हिंदुओं की हत्या की जा चुकी है। वहीं पाकिस्तान में एक जमीन मालिक ने हिंदू किसान कैलाश कोहली की गोली मारकर हत्या कर दी। इससे नाराज हिंदू समुदाय ने विशाल धरना प्रदर्शन किया।
बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार को अपदस्थ किए जाने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद से ही हिंदू समुदाय बहुसंख्यक समुदाय के निशाने पर है। ताजा वारदात में, 8 जनवरी, बृहस्पतिवार को सुनामगंज जिले में जॉय महापात्र की हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, अमीरुल इस्लाम नामक व्यक्ति ने जॉय को जमकर पीटा और फिर जबरन जहर पिला दिया। बाद में जॉय की सिलहट उस्मानी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में मौत हो गई।
यह घटना 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार की मौत के कुछ ही दिनों बाद हुई है, जो चोरी के शक में पीछा कर रही भीड़ से बचने के लिए नहर में कूद गया था और उसकी मौत हो गई थी। भंडारापुर गांव निवासी मिथुन का का शव पुलिस ने मंगलवार दोपहर को बरामद किया था। बांग्लादेश पुलिस ने बृहस्पतिवार को दीपू चंद्र दास की हत्या के मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार किया था। दीपू को ईशनिंदा के आरोप में मार दिया गया था।
पाकिस्तान में किसान की छाती में मारी गोली, इंसाफ के लिए उमड़ा जनसैलाब
पाकिस्तान के सिंध प्रांत के बदीन जिले के कोल्ही गांव में 4 जनवरी को हिंदू खेतिहर मजदूर कैलाश कोहली (25) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी जमींदार सरफराज निजामानी ने अपनी जमीन पर झोपड़ी बनाने के विवाद में कैलाश की छाती में गोली मार दी। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर सिंध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और हाईवे को जाम कर दिया गया।
हत्याकांड पर नाराजगी जता रहे लोग
कई दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से सोशल मीडिया पर भी इस घटना पर लोग अपनी नाराजगी जता रहे हैं। हैशटैग जस्टिसफॉरकैलाशकोहली के जरिये लोग न्याय की मांग कर रहे हैं और प्रांतीय सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील कर रहे हैं। अल्पसंख्यक अधिकार कार्यकर्ता शिवा कच्छी की ओर से साझा किए गए बयान के अनुसार, यह विरोध प्रदर्शन बिना किसी रुकावट के जारी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कैलाश के हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हो रहा धरना इतिहास रच रहा है।