सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US court blocks Oregon mail ballot voting Over Trump executive order what judge said about president

ट्रंप को झटका : कोर्ट ने वाशिंगटन व ओरेगन में मतदान संबंधी आदेश रोका; जानें जज ने क्या टिप्पणी की

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Sun, 11 Jan 2026 05:53 AM IST
विज्ञापन
सार

US Court: अमेरिकी अदालत ने डाक मतदान को लेकर ट्रंप प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी है। जज ने कहा कि चुनाव नियम तय करने का अधिकार राष्ट्रपति के पास नहीं है।इसके साथ अदालत ने एक और मामले में भी ट्रंप को बड़ा झटका दिया है।

US court blocks Oregon mail ballot voting Over Trump executive order what judge said about president
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

अमेरिका में चुनावी प्रक्रिया को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा कानूनी झटका लगा है। एक संघीय अदालत ने वाशिंगटन और ओरेगन में डाक द्वारा मतदान से जुड़े ट्रंप प्रशासन के कार्यकारी आदेश के अधिकांश प्रावधानों पर रोक लगा दी है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब ट्रंप प्रशासन मतदान नियमों को सख्त करने की कोशिशों में जुटा हुआ था।

Trending Videos


सिएटल स्थित अमेरिकी जिला न्यायाधीश जॉन एच. चुन ने साफ कहा कि राष्ट्रपति को चुनावों को नियंत्रित करने का अधिकार नहीं है। ट्रंप प्रशासन नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण अनिवार्य करना चाहता था। सभी मतपत्रों को चुनाव दिवस तक प्राप्त करने की शर्त रखी गई थी। अदालत ने माना कि ये प्रावधान राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र से बाहर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की सीधी पकड़, ट्रंप ने आदेश पर किए हस्ताक्षर; जानें ऊर्जा नीति में क्या बदलेगा

न्यायाधीश ने ट्रंप पर क्या टिप्पणी की?

  • जज ने अपने आदेश में कहा कि चुनावों को विनियमित करने का अधिकार केवल राज्यों और कांग्रेस के पास है। 
  • संविधान शक्तियों के पृथक्करण की बात करता है। कोई भी राष्ट्रपति एकतरफा चुनाव नियम तय नहीं कर सकता।
  • अदालत ने कहा कि ऐसे आदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ हैं।


राज्यों ने अदालत में क्या दलील दी?
वाशिंगटन और ओरेगन ने अलग-अलग मुकदमा दायर किया। दोनों राज्य केवल डाक द्वारा मतदान प्रणाली अपनाते हैं। उनका कहना था कि कार्यकारी आदेश से उन्हें सीधा और विशेष नुकसान होता। इससे पहले 19 राज्यों ने मैसाचुसेट्स में इसी तरह का केस दायर किया था, जिसमें भी ट्रंप को झटका लगा था।


ये भी पढ़ें- आर-पार की लड़ाई के मूड में ईरानी जनता: दो हफ्ते बाद भी नहीं थमी बगावत? खामेनेई की चेतावनी के बावजूद विरोध जारी

अनुदान रोकने पर भी अदालत की सख्ती
एक अन्य मामले में संघीय जज अरुण सुब्रमण्यन ने ट्रंप प्रशासन को फटकार लगाई। अदालत ने कहा कि बच्चों की देखभाल और जरूरतमंद परिवारों से जुड़े कार्यक्रमों की फंडिंग नहीं रोकी जा सकती। कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इलिनोइस, मिनेसोटा और न्यूयॉर्क ने शिकायत दर्ज कराई थी। इन राज्यों का कहना था कि फंड रोकने से तुरंत नुकसान हुआ है।

ट्रंप प्रशासन के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
यह फैसला ट्रंप के उन प्रयासों पर सवाल खड़े करता है, जिनके जरिए वह चुनावी नियमों और संघीय फंडिंग पर ज्यादा नियंत्रण चाहते थे। अदालतों के लगातार हस्तक्षेप से साफ है कि अमेरिकी न्यायपालिका राष्ट्रपति की शक्तियों की सीमा तय करने में सक्रिय भूमिका निभा रही है।

अमेरिकी संघीय जज अरुण सुब्रमण्यन ने आदेश दिया कि ट्रंप प्रशासन बच्चों की देखभाल, जरूरतमंद बच्चों व उनके परिवार हेतु संचालित अन्य कार्यक्रमों के तहत डेमोक्रेट शासित 5 राज्यों को दी जाने वाली आर्थिक मदद फिलहाल नहीं रोक सकता। कैलिफोर्निया, कोलोराडो, इलिनोइस, मिनेसोटा और न्यूयॉर्क की ओर से दलील दी गई कि मंगलवार को घोषित एक नीति के तहत तीन अनुदान कार्यक्रमों की निधि रोक दी गई है। इससे इन राज्यों पर तत्काल असर पड़ा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed