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British Airways: उड़ान के दौरान महिला की मौत, 13 घंटे शव के साथ यात्रा को मजबूर हुए यात्री

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन। Published by: Devesh Tripathi Updated Mon, 23 Mar 2026 04:55 AM IST
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सार

सूत्र के हवाले से फॉक्स न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया, कर्मचारियों ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर दिया कि रसोई घर का फर्श गर्म था। आरोप है कि गर्मी के कारण तीखी गंध उत्पन्न हुई और उड़ान के दौरान केबिन के पिछले हिस्से में फैल गई।

British Airways Woman dies during flight passengers forced to travel with her body for 13 hours
ब्रिटिश एयरवेज - फोटो : ANI
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विस्तार

हांगकांग से लंदन जा रहे ब्रिटिश एयरवेज की उड़ान में रविवार को एक महिला यात्री की मौत हो गई। उसकी उम्र 60 वर्ष के आसपास थी। महिला के शव को विमान के पीछे हिस्से में रख दिया गया जहां की फर्श गर्म थी। 13 घंटे से अधिक की उड़ान में शव से बदबू आने लगी। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा लेकिन पायलट ने आपात लैंडिंग कराने के बजाय यात्रा जारी रखी।
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ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट बीए32 के हांगकांग से उड़ान भरने के एक घंटे बाद ही महिला यात्री की मौत हो गई। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस ए350-1000 में चालक दल के सदस्यों के साथ 331 यात्री सवार थे। महिला की मौत के बावजूद पायलटों ने मार्ग बदलने या हांगकांग लौटने के बजाय हीथ्रो हवाईअड्डे तक यात्रा जारी रखने का फैसला किया। चालक दल के सदस्यों ने पहले शव को शौचालय में रखने पर विचार किया। बाद में शव को पीछे रसोई घर में ले जाया गया। एजेंसी
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लैंडिंग के बाद 45 मिनट पुलिस ने की विमान की जांच
सूत्र के हवाले से फॉक्स न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया, कर्मचारियों ने इस तथ्य को नजरअंदाज कर दिया कि रसोई घर का फर्श गर्म था। आरोप है कि गर्मी के कारण तीखी गंध उत्पन्न हुई और उड़ान के दौरान केबिन के पिछले हिस्से में फैल गई। कई यात्रियों ने विमान के उस हिस्से से दुर्गंध आने की शिकायत की। लैंडिंग के बाद पुलिस विमान में चढ़ी और सभी यात्रियों को अपनी सीटों पर बैठे रहने के लिए कहा। लगभग 45 मिनट तक पुलिस ने विमान की जांच की।

यात्री की मौत को नहीं माना जाता चिकित्सा आपातकाल
यात्री की मृत्यु को आमतौर पर चिकित्सा आपातकाल नहीं माना जाता है। शव को आमतौर पर बॉडी बैग में रखा जाता है या गर्दन तक कंबल से ढक दिया जाता है। यदि संभव हो तो शव को विमान के किसी कम महत्वपूर्ण क्षेत्र में, जैसे कि खाली सीट या किसी अन्य अनुभाग में ले जाने का प्रयास किया जाता है। यदि उड़ान पूरी तरह से भरी हुई है तो शव को उसकी मूल सीट पर वापस रखा जा सकता है।

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