फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Don't spread fear China's blunt response to calls to slow down AI safety is essential, but so is development.

'डर ना फैलाएं': एआई की रफ्तार रोकने पर चीन का दो टूक जवाब, कहा- सुरक्षा जरूरी लेकिन विकास भी

Tue, 15 Sep 2026 10:08 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Tue, 15 Sep 2026 10:08 AM IST
सार

एआई के बढ़ते खतरे को लेकर दुनिया में बहस तेज हो गई है। एंथ्रोपिक के सीईओ ने विकास की रफ्तार घटाने का सुझाव दिया, जिसका चीन ने विरोध किया। वहीं, अमेरिका विकास धीमा करने के खिलाफ है। आईए जानते हैं इस मुद्दे पर ब्रिटेन और जर्मनी का क्या रुख है।

विज्ञापन
Don't spread fear China's blunt response to calls to slow down AI safety is essential, but so is development.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एआई से मानवता को खतरे को लेकर टेक दिग्गजों की ओर जताई गई चिंता अब दुनियाभर में एक बड़ी बहस का रूप लेती जा रही है। कोई खतरों को ज्यादा गंभीर नहीं मान रहा तो कोई सुरक्षा उपाय मजबूत करने पर जोर दे रहा है।

विज्ञापन


एआई के संभावित खतरों को देखते हुए इसकी विकास गति घटाने के लिए एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई के सुझाव पर चीन ने कड़ी आपत्ति जताई है। चीन का कहना है कि एआई के खतरे के नाम पर डर फैलाना और विकास की रफ्तार रोकना सही नहीं है। वह एआई सुरक्षा नियम लागू करने के पक्ष में तो है लेकिन बिना एआई के तेज विकास को रोके।
विज्ञापन


चीन ने क्या कहा? 
अमोदेई के लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी पक्षों को सुरक्षा के मुद्दे पर मिलकर काम करना चाहिए। विदेश मंत्रालय प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने सोमवार को कहा, डर फैलाना, टकराव बढ़ाना वैश्विक एआई नियमन की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाएगा, जिससे किसी का भला नहीं होने वाला। एआई की होड़ में पीछे न रहने का संकेत देने वाला चीन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब एक दिन पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, अगर हमने एआई के विकास की गति धीमी की तो चीन से बहुत पीछे रह जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीन के सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने चीन पर चिप प्रतिबंध जारी रखने के अमोदेई के सुझाव को एआई क्षेत्र में शीत युद्ध का हिस्सा बताया है। उसका कहना है कि दरअसल इसके पीछे अमेरिका का उद्देश्य एआई तकनीक पर अपना एकाधिकार जमाना है। एजेंसी

ट्रंप-शी मुलाकात में एआई नियमन पर चर्चा के आसार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सितंबर के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठक में एआई के नियमन जैसे मुद्दों पर चर्चा संभव है। जिनपिंग ने चीन को ओपन-सोर्स एआई अगुआ के तौर पर पेश किया है। ट्रंप ने सोमवार को कहा कि एआई की रफ्तार रोकने की कोशिश घिनौनी साजिश है। खुद को बेलगाम एआई के खिलाफ मजबूत सुरक्षा कवच करार देते हुए ट्रंप ने कहा, अमेरिका के पास स्मार्ट राष्ट्रपति है।

इंसानों का नियंत्रण बनाए रखने की कवायद जारी
चीन के एआई डेवलपर्स ओपन-वेट मॉडलों को बढ़ावा दे रहे हैं। उनका तर्क है कि साइबर सुरक्षा टीमें रक्षात्मक काम के लिए इन मॉडलों की जांच, बदलाव और इस्तेमाल आसानी से कर सकती हैं।
मई में साइबरस्पेस नियामक ने डेवलपर्स के लिए एआई एजेंट का अनुचित व्यवहार पहचानने, उसे रोकने, उसमें हस्तक्षेप करने और स्थिति को संभालने की अपनी क्षमता में सुधार करने को कहा था।

एआई से कम्युनिस्ट राज को खतरा : चीनी खुफिया प्रमुख 
चीन के सुरक्षा मंत्रालय के प्रमुख चेन यिक्सिन ने आगाह किया है कि एआई चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की सत्ता पर पकड़ के लिए सीधा खतरा पैदा कर सकता है। चाइना साइबरस्पेस पत्रिका में प्रकाशित एक लेख में चेन ने एआई पर पार्टी के अधिक नियंत्रण का आह्वान किया। उन्होंने कहा, देश में राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने, विरोधी ताकतों के सोचे-समझे साइबर हमलों और भ्रामक प्रचार से निपटने और अमेरिका जैसे देशों के साथ सैन्य मुकाबले के लिए यह बेहद जरूरी है। 

विकास की रफ्तार रोकना कोई विकल्प नहीं : जर्मनी
जर्मनी के डिजिटल मामलों के मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि यूरोप के लिए एआई के विकास को रोकना कोई व्यावहारिक या सही विकल्प नहीं है। मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा, हम विकास को पूरी तरह रोकने को यूरोप के लिए सही कदम नहीं मानते। यूरोप की डिजिटल संप्रभुता को मजबूत करने के लिए एआई के विकास और नए नवाचारों को लगातार आगे बढ़ाना बेहद जरूरी है।

चर्चा ठीक, फैसले सबूत के आधार पर हों : ब्रिटेन
ब्रिटिश पीएम एंडी बर्नहैम ने एआई से मानवता को खतरों पर टेक कंपनियों के बीच चर्चा का स्वागत किया है। बर्नमैन का मानना है कि सरकार के नीतिगत फैसले हवा-हवाई दावों के बजाय पुख्ता सबूतों पर आधारित होने चाहिए। उनके प्रवक्ता ने सोमवार को कहा, यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि एआई की क्षमताओं के विकसित होने के साथ मौजूदा नियम-कानून हमेशा काफी रहेंगे। 

किंग चार्ल्स ने टेक दिग्गजों की बैठक बुलाई
एआई के सुरक्षा खतरों को लेकर बढ़ी चिंता के बीच ब्रिटेन के किंग चार्ल्स इस सप्ताह स्कॉटलैंड में प्रमुख टेक कंपनियों के संस्थापकों और शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक करने वाले हैं। ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस तकनीक का उपयोग भलाई के लिए कैसे किया जा सकता है। बकिंघम पैलेस की ओर से जारी बयान के मुताबिक, बैठक के लिए एनवीडिया, गूगल डीपमाइंड, ओपन एआई और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों के प्रमुखों को आमंत्रित किया जा रहा है।

मानवता सबसे पहले
सुपरइंटेलिजेंस की दिशा में उठाया जाने वाला कोई भी कदम इस मूल सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए कि यदि हम जो एआई बना रहे हैं वह मानवता की मदद नहीं कर रहा है और इंसानी नियंत्रण में नहीं है, तो उसे आगे बढ़ाने का कोई मतलब नहीं है। -सत्या नडेला, सीईओ माइक्रोसॉफ्ट


बदल रही दुनिया
एआई से हमारे आसपास जो हो रहा है, वह हल्की-फुल्की बारिश नहीं, जलवायु परिवर्तन की तरह है। इस बदलाव के बाद दुनिया कभी भी एआई से पहले के दौर में वापस नहीं जाएगी। अंततः नियमन से ही तय होगा एआई की जिंदगी में कितनी गहरी पैठ बनाता है। -शांतनु रूज, टीमलीज एडटेक के सीईओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed