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उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का श्रीलंका दौरा: तेल पाइपलाइन पर चर्चा, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर
Mon, 20 Apr 2026 12:48 AM IST
Nirmal Kant
पीटीआई, कोलंबो।
पीटीआई, कोलंबो।
Published by: Nirmal Kant
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:48 AM IST
सार
उपराष्ट्रपति और श्रीलंकाई राष्ट्रपति की बातचीत में ऊर्जा संपर्क, खासकर तेल पाइपलाइन और त्रिनकोमाली परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही आवास, मछुआरों की आजीविका और विकास सहयोग जैसे मुद्दों को भी आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। पढ़िए रिपोर्ट-
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सीपी राधाकृष्णन, अनुरा कुमारा दिसानायके
- फोटो : एक्स/सीपी राधाकृष्णन
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विस्तार
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके के बीच बैठक हुई। इसमें भारत और श्रीलंका को तेल पाइपलाइन से जोड़ने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, आवास परियोजनाओं और मछुआरों के मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर विस्तार से बातचीत की। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने रविवार को यह जानकारी दी।
उपराष्ट्रपति के दौरे पर विदेश सचिव ने क्या कहा?
विदेश सचिव ने कहा, भारत की ओर से ऊर्जा केंद्र परियोजना और श्रीलंका के त्रिंकोमाली में प्रस्तावित योजनाओं पर भी विचार किया गया। साथ ही दोनों देशों को जोड़ने वाली तेल पाइपलाइन के अहमियत पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच यह संपर्क और भी अहम हो जाता है।
मिस्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति की सराहना की। उन्होंने दोनों देशों के बीच पारंपरिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक संकट और हाल की आपदाओं में भारत की ओर से दी गई मदद को भी याद किया।
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मछुआरों के मुद्दे पर भी चर्चा
उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका में जारी भारत की विकास परियोजनाओं और विशेषकर दित्वाह चक्रवात राहत पैकेज पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने मछुआरों के मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण से समाधान निकालने पर सहमति जताई, ताकि दोनों तरफ के मछुआरा समुदायों की आजीविका सुरक्षित रहे।
भारत व श्रीलंका साझा इतिहास व भविष्य के वास्तविक साझेदार: साजित प्रेमदासा
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या ने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन किया। इस दौरान सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। वहीं, विपक्षी नेता साजित प्रेमदासा ने कहा, भारत व श्रीलंका साझा इतिहास व भविष्य के वास्तविक साझेदार हैं।
श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल नेताओं से मुलाकात
उपराष्ट्रपति ने श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने राहत प्रयासों के लिए भारत का आभार जताया। इस दौरान डिजिटल पहचान पत्र (आईडी) परियोजना व आर्थिक सहयोग समझौते जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
ये भी पढ़ें: ट्रंप की 'न' के बाद व्हाइट हाउस की 'हां': फिर शांति वार्ता की कमान संभालेंगे वेंस, ईरान के जवाब का इंतजार
आवास विकास परियोजना के लाभार्थियों को सौंपी चाबी
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने आवास विकास परियोजना के तमिल समुदाय के लाभार्थियों को घरों की चाबी ऑनलाइन सौंपी। उन्होंने तमिल और सिंहली नववर्ष का जिक्र करते हुए दोनों देशों की परंपरागत एकता पर जोर दिया।
कोलंबो में मंदिरों के दर्शन किए
उपराष्ट्रपति ने कोलंबो में गंगारामया मंदिर और काथिरेसन मंदिर के भी दर्शन किए, जहां उनका पारंपरिक संगीत और नृत्य से स्वागत किया गया। उनका यह दौरा भारत-श्रीलंका के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
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उपराष्ट्रपति के दौरे पर विदेश सचिव ने क्या कहा?
विदेश सचिव ने कहा, भारत की ओर से ऊर्जा केंद्र परियोजना और श्रीलंका के त्रिंकोमाली में प्रस्तावित योजनाओं पर भी विचार किया गया। साथ ही दोनों देशों को जोड़ने वाली तेल पाइपलाइन के अहमियत पर जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच यह संपर्क और भी अहम हो जाता है।
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मिस्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति दिसानायके ने भारत की 'पड़ोसी पहले' नीति की सराहना की। उन्होंने दोनों देशों के बीच पारंपरिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक संकट और हाल की आपदाओं में भारत की ओर से दी गई मदद को भी याद किया।
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मछुआरों के मुद्दे पर भी चर्चा
उपराष्ट्रपति ने श्रीलंका में जारी भारत की विकास परियोजनाओं और विशेषकर दित्वाह चक्रवात राहत पैकेज पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने मछुआरों के मुद्दों पर मानवीय दृष्टिकोण से समाधान निकालने पर सहमति जताई, ताकि दोनों तरफ के मछुआरा समुदायों की आजीविका सुरक्षित रहे।
भारत व श्रीलंका साझा इतिहास व भविष्य के वास्तविक साझेदार: साजित प्रेमदासा
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूर्या ने उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के सम्मान में दोपहर के भोज का आयोजन किया। इस दौरान सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। वहीं, विपक्षी नेता साजित प्रेमदासा ने कहा, भारत व श्रीलंका साझा इतिहास व भविष्य के वास्तविक साझेदार हैं।
श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल नेताओं से मुलाकात
उपराष्ट्रपति ने श्रीलंकाई तमिल और भारतीय मूल के तमिल नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने राहत प्रयासों के लिए भारत का आभार जताया। इस दौरान डिजिटल पहचान पत्र (आईडी) परियोजना व आर्थिक सहयोग समझौते जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
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आवास विकास परियोजना के लाभार्थियों को सौंपी चाबी
अपने दौरे के दौरान उपराष्ट्रपति ने भारतीय प्रवासियों से भी मुलाकात की। उन्होंने आवास विकास परियोजना के तमिल समुदाय के लाभार्थियों को घरों की चाबी ऑनलाइन सौंपी। उन्होंने तमिल और सिंहली नववर्ष का जिक्र करते हुए दोनों देशों की परंपरागत एकता पर जोर दिया।
कोलंबो में मंदिरों के दर्शन किए
उपराष्ट्रपति ने कोलंबो में गंगारामया मंदिर और काथिरेसन मंदिर के भी दर्शन किए, जहां उनका पारंपरिक संगीत और नृत्य से स्वागत किया गया। उनका यह दौरा भारत-श्रीलंका के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।