World News: जिम्बाब्वे में 22 और शव बरामद, अब तक 68 मौतें; सूर्यपथ तिरंगा अभियान से 50+ भारतीय दूतावास जुड़े
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अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में हुई नाव दुर्घटना में मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि बचाव दल ने 22 और शव बरामद किए। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक जिम्बाब्वे में लेक करिबा में मंगलवार को एक ओवरलोडेड फेरी तेज लहरों के बीच पलट गई। हादसे में 18 बच्चों की भी मौत हुई है। अधिकारियों के अनुसार, फेरी करिबा शहर से देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित ग्रामीण और मछली पकड़ने वाले समुदायों की ओर जा रही थी। इन इलाकों में खराब सड़कों और सीमित सार्वजनिक परिवहन के कारण फेरी का इस्तेमाल होता है। अधिकारियों के मुताबिक फेरी की क्षमता केवल 90 यात्रियों की थी, लेकिन हादसे के समय उसमें 153 लोग सवार थे। आपदा प्रबंधन एजेंसी के मुताबिक 77 लोगों को बचाया गया है। मृत बच्चों में 16 की उम्र 10 साल या उससे कम थी। सबसे छोटा बच्चा महज एक साल का था। जिम्बाब्वे और जाम्बिया के बीच स्थित लेक करिबा दुनिया की सबसे बड़ी मानव निर्मित झीलों में से एक है।
विदेश में 15 अगस्त का जश्न सूर्यपथ तिरंगा अभियान के साथ, 50+ भारतीय दूतावास जुड़े
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को ‘सूर्यपथ तिरंगा’ अभियान के तहत दुनिया भर में तिरंगे का अनोखा डिजिटल रिले आयोजित किया गया। पहली बार इस अभियान में 54 भारतीय मिशन और पोस्ट शामिल हुए। इसकी शुरुआत फिजी की राजधानी सुवा स्थित भारतीय उच्चायोग से हुई और अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में इसका समापन हुआ। 19 घंटे से अधिक चले इस अभियान में तिरंगा सूर्योदय की दिशा में प्रशांत, एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका तक पहुंचा। सुवा से शुरू होकर यह रिले न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम और मध्य एशिया होते हुए यूरोप और अमेरिका तक पहुंचा। प्रत्येक मिशन ने ध्वजारोहण के बाद तस्वीरें साझा कर अगले मिशन को टैग किया। कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान का सामूहिक गायन भी हुआ। सरकार ने कहा कि यह पहल तिरंगे की एकता और वैश्विक भारतीय समुदाय से जुड़ाव का संदेश देती है।