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होर्मुज को लेकर बढ़ा तनाव: ट्रंप के किस दावे पर भड़के ईरानी उप विदेशमंत्री? बोले- धमकियों से नहीं डरते
Sat, 15 Aug 2026 05:59 PM IST
Devesh Tripathi
आईएएनएस, तेहरान
आईएएनएस, तेहरान
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sat, 15 Aug 2026 05:59 PM IST
सार
होर्मुज को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के दावे पर जवाब देते हुए कहा कि जलडमरूमध्य पर किसी बाहरी ताकत का नियंत्रण संभव नहीं है। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत बहाल करने पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है।
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ईरानी उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने शनिवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को ईरान के आदेश पर ही बंद और खोला जाएगा। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के जवाब में सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह टिप्पणी की, जिसमें ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था कि वह जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे।
गरीबाबादी ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य को न तो किसी पोस्ट और विमानवाहक पोतों के जरिए कब्जे में लिया जा सकता है और न ही आदेश जारी करके या भाषण देकर। ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही ताकत के प्रदर्शन से भयभीत होता है।" उन्होंने कहा, "यह जलडमरूमध्य केवल ईरान के आदेश पर ही बंद और खोला जाएगा।"
ट्रंप ने दिया था क्या बयान?
ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक रैली के दौरान कहा था, "ईरान को हराने के बाद, जो बुरी तरह हार रहा है, मैं जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करूंगा।" इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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एक साक्षात्कार में अराघची ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, "लेकिन इसका मतलब बिल्कुल भी बातचीत नहीं है।" उन्होंने कहा कि जून में दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते के ज्ञापन (एमओयू) में युद्ध समाप्त होने की घोषणा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने एमओयू का "उल्लंघन" किया और फिर से संघर्ष शुरू हो गया।
ईरान और ओमान के बीच चल रही क्या बातचीत?
अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नया मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, "और हम फिलहाल एक अस्थायी मार्ग तैयार कर रहे हैं, जो अगले चरणों में स्थायी मार्ग बन जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हम जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलना अन्य शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगा, "जिनके लिए अमेरिका को प्रतिबद्ध होना होगा।" 18 जून को ईरान और अमेरिका ने लेबनान सहित क्षेत्र के सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।
एमओयू के तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी। यह अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है। हालांकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बातचीत का भविष्य अधर में है।
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गरीबाबादी ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य को न तो किसी पोस्ट और विमानवाहक पोतों के जरिए कब्जे में लिया जा सकता है और न ही आदेश जारी करके या भाषण देकर। ईरान न तो धमकियों से डरता है और न ही ताकत के प्रदर्शन से भयभीत होता है।" उन्होंने कहा, "यह जलडमरूमध्य केवल ईरान के आदेश पर ही बंद और खोला जाएगा।"
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ट्रंप ने दिया था क्या बयान?
ट्रंप ने न्यूयॉर्क में एक रैली के दौरान कहा था, "ईरान को हराने के बाद, जो बुरी तरह हार रहा है, मैं जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करूंगा।" इस बीच, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत फिर से शुरू करने को लेकर अभी कोई फैसला नहीं किया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरआईबी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
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एक साक्षात्कार में अराघची ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, "लेकिन इसका मतलब बिल्कुल भी बातचीत नहीं है।" उन्होंने कहा कि जून में दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते के ज्ञापन (एमओयू) में युद्ध समाप्त होने की घोषणा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने एमओयू का "उल्लंघन" किया और फिर से संघर्ष शुरू हो गया।
ईरान और ओमान के बीच चल रही क्या बातचीत?
अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नया मार्ग तय करने को लेकर ईरान और ओमान के बीच बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा, "और हम फिलहाल एक अस्थायी मार्ग तैयार कर रहे हैं, जो अगले चरणों में स्थायी मार्ग बन जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हम जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकते हैं।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलना अन्य शर्तों को पूरा करने पर निर्भर करेगा, "जिनके लिए अमेरिका को प्रतिबद्ध होना होगा।" 18 जून को ईरान और अमेरिका ने लेबनान सहित क्षेत्र के सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए थे।
एमओयू के तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी। यह अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है। हालांकि, पिछले महीने दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ने के बाद बातचीत का भविष्य अधर में है।
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