Israel-Hezbollah War: युद्धविराम के बीच दक्षिण लेबनान में IDF का हमला, सात की मौत; हिजबुल्ला के साथ बढ़ा तनाव
दक्षिणी लेबनान में शनिवार को इस्राइली हवाई हमले में 7 लोगों की मौत हो गई। युद्धविराम के बावजूद जारी हमलों से इजरायल-हिज्बुल्लाह तनाव फिर बढ़ गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिणी लेबनान में इस्राइली हवाई हमले में सात लोगों की मौत और तीन के घायल होने के बाद इजरायल-लेबनान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब युद्धविराम और इजरायल-लेबनान के बीच चल रही बातचीत के बावजूद दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैन्य कार्रवाई जारी है। हिज्बुल्ला के हथियार छोड़ने से इनकार और इजरायली सेना की वापसी की मांग इस विवाद में सबसे बड़े मुद्दों में बनी हुई है। लेबनान के सरकारी मीडिया के अनुसार, शनिवार तड़के दक्षिणी लेबनान में हुए एक इस्राइली हवाई हमले में सात लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। 20 जून को इस्राइली और हिज्बुल्ला के बीच हुए नाजुक समझौते के बाद यह सबसे घातक हमलों में से एक बताया जा रहा है।
अंसार गांव में घर को बनाया निशाना
सरकारी ‘नेशनल न्यूज एजेंसी’ (NNA) ने बताया कि हवाई हमले में अंसार गांव के बाहरी इलाके में स्थित एक घर को निशाना बनाया गया। हमले के बाद बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं। इस्राइल और लेबनान की सरकार ने 26 जून को एक ‘फ्रेमवर्क समझौते’ की घोषणा की थी। इसके तहत ईरान समर्थित हिज्बुल्ला के हथियार छोड़ने के बदले दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी की योजना बनाई गई थी। इस समझौते में दोनों देशों के बीच भविष्य में शांति समझौते की दिशा में आगे बढ़ने के कदमों की भी रूपरेखा तैयार की गई है। तकनीकी रूप से इजरायल की स्थापना के करीब 80 साल बाद भी दोनों देश युद्ध की स्थिति में हैं।
समझौते से बाहर रहा हिज्बुल्ला
हिज्बुल्ला ने इस्राइल के साथ सीधी बातचीत से इनकार कर दिया है और वह इस समझौते का हिस्सा भी नहीं था। NNA की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार तड़के हुए भीषण इस्राइली हवाई हमलों में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘अली ताहिर पहाड़ी’ को भी निशाना बनाया गया। इस पहाड़ी से दक्षिणी शहर नबातिह के कुछ हिस्सों और वहां तक पहुंचने वाली प्रमुख सड़कों पर नजर रखी जा सकती है।
युद्धविराम के बावजूद लगभग रोजाना हमले
युद्धविराम के बावजूद इस्राइली सेना इस इलाके में लगभग रोजाना हमले करती रही है। यह क्षेत्र लिटानी नदी के उत्तर में स्थित है, जो लेबनान में एक तरह की सीमा का काम करती है। वहीं, दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से पर अब भी इस्राइली सेना का नियंत्रण है।
धमाके में दो इस्राइली सैनिकों की मौत
इस महीने की शुरुआत में दक्षिणी लेबनान में हुए एक धमाके में दो इस्राइली सैनिक मारे गए थे। नाजुक युद्धविराम के बाद इस्राइल की ओर से हुई यह पहली सैन्य क्षति थी। हिज्बुल्लाह ने इस धमाके पर कोई टिप्पणी नहीं की थी। लेबनान और इस्राइल के बीच अब तक बातचीत के सात दौर हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच वार्ता का सबसे हालिया दौर इसी महीने की शुरुआत में रोम में हुआ था।
हथियार छोड़ने से हिज्बुल्ला का इनकार
ईरान समर्थित हिज्बुल्ला ने हथियार छोड़ने से इनकार कर दिया है। संगठन का आरोप है कि लेबनान सरकार इस्राइली सेना की वापसी की ठोस गारंटी हासिल किए बिना जरूरत से ज्यादा रियायतें दे रही है।
2 मार्च से शुरू हुआ ताजा संघर्ष
इस्राइल और हिज्बुल्ला के बीच ताजा युद्ध 2 मार्च को शुरू हुआ था। यह घटनाक्रम अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के दो दिन बाद सामने आया, जब हिज्बुल्लाह ने सीमा पार रॉकेट दागे थे।
ये भी पढ़ें: India-Bangladesh Relations: इस महीने ही बांग्लादेश के पीएम के भारत दौरे की संभावना; किन मुद्दों पर होगी चर्चा?
हमलों में 4,000 से ज्यादा लोगों की मौत
तब से लेबनान में इजरायली हमलों में 4,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें सैकड़ों आम नागरिक भी शामिल हैं। इस्राइल की ओर से भी करीब 40 सैनिक और तीन नागरिक मारे गए हैं। मृतकों में एक सैन्य ठेकेदार भी शामिल है।