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G7 Summit: पश्चिम एशिया संकट में भारत की भूमिका पर ट्रंप ने कही ऐसी बात, पाकिस्तान को लग जाएगी मिर्ची
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, एवियन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:10 AM IST
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सार
G7 Summit: जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात में पश्चिम एशिया की स्थिति, समुद्री सुरक्षा और व्यापार सहयोग पर चर्चा हुई। ट्रंप ने क्षेत्रीय मामलों में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करते हुए उसे भरोसेमंद साझेदार बताया, जबकि पीएम मोदी ने ट्रंप के शांति प्रयासों की सराहना करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। पढ़िए रिपोर्ट-
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को भारत को क्षेत्रीय चुनौतियों से निपटने में एक अहम साझेदार बताया। कहा कि भारत एक 'भरोसेमंद सहयोगी' है और पश्चिम एशिया के संकट से निपटने में 'बड़ी भूमिका' निभा रहा है। ट्रंप ने यह बात फ्रांस में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई उच्च स्तरीय बातचीत के बाद कही। इस बातचीत में समुद्री सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और खाड़ी क्षेत्र की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत की भूमिका पर ट्रंप ने क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पश्चिम एशिया में भारत की कोई भूमिका देखते हैं, तो ट्रंप ने कहा, हां, मैं देखता हूं। मुझे लगता है कि भारत हर चीज में बड़ी भूमिका निभाता है। जब तक वह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) नेतृत्व कर रहे हैं, भारत बड़ी भूमिका निभाता रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत संबंध और संस्थागत सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार वार्ता में काफी प्रगति हुई है। दोनों देश एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।
पीएम मोदी ने की अमेरिकी राष्ट्रपति की सराहना
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थायी होगी। उन्होंने कहा, मैं पश्चिम एशिया में शांति के लिए आपके प्रयासों और नेतृत्व की सराहना करता हूं।
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भारतीय नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने खास तौर से समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और कहा कि उनका कल्याण भारत की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्र में संभावित शांति समझौते के तहत उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता मिलेगी।
ये भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान समझौते का मसौदा आया सामने, यूरेनियम से लेकर होर्मुज और लेबनान तक कई शर्तें शामिल
16 महीनों बाद आमने-सामने मुलाकात
यह उच्च स्तरीय बातचीत रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह दोनों नेताओं के बीच लगभग 16 महीनों बाद पहली आमने-सामने मुलाकात थी। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री सुरक्षा की चिंताएं और व्यापार वार्ताएं वैश्विक कूटनीति को प्रभावित कर रही हैं।
फ्रांस के शहर एवियन-लेस-बैंस में हुई यह मुलाकात पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात और भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयासों के बीच हुई। इस बातचीत का माहौल पहले की तरह ही सकारात्मक रहा। ट्रंप पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से भारतीय नेतृत्व की प्रशंसा कर चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र करते रहे हैं।
भारत की भूमिका पर ट्रंप ने क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह पश्चिम एशिया में भारत की कोई भूमिका देखते हैं, तो ट्रंप ने कहा, हां, मैं देखता हूं। मुझे लगता है कि भारत हर चीज में बड़ी भूमिका निभाता है। जब तक वह (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) नेतृत्व कर रहे हैं, भारत बड़ी भूमिका निभाता रहेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे दोनों लोकतांत्रिक देशों के बीच मजबूत संबंध और संस्थागत सहयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि व्यापार वार्ता में काफी प्रगति हुई है। दोनों देश एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बहुत करीब हैं।
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पीएम मोदी ने की अमेरिकी राष्ट्रपति की सराहना
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि खाड़ी क्षेत्र में शांति स्थायी होगी। उन्होंने कहा, मैं पश्चिम एशिया में शांति के लिए आपके प्रयासों और नेतृत्व की सराहना करता हूं।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता की अहमियत पर भी बात की। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का खुला रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने खास तौर से समुद्री क्षेत्रों में काम करने वाले भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर चिंता जताई और कहा कि उनका कल्याण भारत की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा बेहद अहम है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि क्षेत्र में संभावित शांति समझौते के तहत उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता मिलेगी।
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16 महीनों बाद आमने-सामने मुलाकात
यह उच्च स्तरीय बातचीत रणनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है, क्योंकि यह दोनों नेताओं के बीच लगभग 16 महीनों बाद पहली आमने-सामने मुलाकात थी। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री सुरक्षा की चिंताएं और व्यापार वार्ताएं वैश्विक कूटनीति को प्रभावित कर रही हैं।
फ्रांस के शहर एवियन-लेस-बैंस में हुई यह मुलाकात पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात और भारत-अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रयासों के बीच हुई। इस बातचीत का माहौल पहले की तरह ही सकारात्मक रहा। ट्रंप पहले भी कई बार सार्वजनिक रूप से भारतीय नेतृत्व की प्रशंसा कर चुके हैं और प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र करते रहे हैं।