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Illegal Migration Scheme: ब्रिटेन से नए कानून के तहत पहली बार डिपोर्टेशन, शख्स एयरपोर्ट से भेजा गया फ्रांस
Thu, 18 Sep 2025 10:35 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 18 Sep 2025 10:35 PM IST
सार
Illegal Migration Scheme: यह मामला ब्रिटेन के लिए अवैध प्रवासन के खिलाफ सख्त रुख का प्रतीक माना जा रहा है। खासकर से इंग्लिश चैनल के जरिए छोटे नावों से आने वालों पर अब सीधा निशाना साधा जाएगा। इस कदम के बाद उम्मीद है कि मानव तस्करों का नेटवर्क कमजोर होगा और कानूनी प्रवासन प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
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शबाना महमूद, ब्रिटेन की गृह मंत्री
- फोटो : X @ShabanaMahmood
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विस्तार
यूनाइटेड किंगडम (यूके) ने पहली बार अपने नए अवैध प्रवासन नियमों के तहत एक भारतीय नागरिक को देश से बाहर भेज दिया है। यह व्यक्ति छोटी नाव के जरिए इंग्लिश चैनल पार करके अगस्त की शुरुआत में अवैध रूप से ब्रिटेन पहुंचा था। गुरुवार को उसे हीथ्रो हवाईअड्डे से एक वाणिज्यिक विमान से फ्रांस की राजधानी पेरिस भेजा गया।
यह कार्रवाई हाल ही में ब्रिटेन और फ्रांस के बीच हुए नए समझौते के तहत की गई। इसे 'वन-इन, वन-आउट डील' नाम दिया गया है। इस समझौते का मकसद इंग्लिश चैनल के जरिए हो रही अवैध प्रवासन गतिविधियों को रोकना और मानव तस्करों पर नकेल कसना है। यह पायलट योजना अगस्त 2024 से जून 2026 तक लागू रहेगी।
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गृह मंत्री शबाना महमूद ने दी कड़ी चेतावनी
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, 'यह हमारे बॉर्डर को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह उन लोगों के लिए संदेश है जो छोटी नावों से यूके में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं- अगर आप अवैध रूप से ब्रिटेन में आते हैं, तो हम आपको वापस भेज देंगे।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार अंतिम समय में किए जाने वाले कानूनी पेंचों का भी सख्ती से मुकाबला करेगी, ताकि ऐसे मामलों में देरी न हो। शबाना महमूद ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन असली शरणार्थियों की मदद करेगा, लेकिन यह मदद सुरक्षित, कानूनी और व्यवस्थित तरीकों से दी जाएगी, न कि खतरनाक नाव यात्राओं के जरिए।
भारतीय नागरिक को क्या होगा आगे?
गृह कार्यालयके सूत्रों ने पुष्टि की कि डिपोर्ट किया गया व्यक्ति भारतीय नागरिक है। उसे फिलहाल फ्रांस में रखा जाएगा और वहां से अपने देश लौटने के लिए स्वैच्छिक वापसी योजना की पेशकश की जाएगी। अगर वह इस योजना को नहीं अपनाता, तो उसके खिलाफ जबरन डिपोर्टेशन की कार्रवाई होगी। उसे ब्रिटेन में आश्रय मांगने का अधिकार नहीं होगा।
भारतीयों की गिरफ्तारी में तेज बढ़ोतरी
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की तरफ से अगस्त में जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में अवैध प्रवासन के मामलों में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों की संख्या में 108% की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल 2,715 भारतीय ब्रिटेन के डिटेंशन सेंटरों में बंद हैं। यह बढ़ोतरी ब्रिटेन की कड़ी इमिग्रेशन नीति का नतीजा बताई जा रही है
यह भी पढ़ें - US-India Ties: 'मेरे भारत से घनिष्ठ संबंध, PM मोदी के साथ भी अच्छे रिश्ते'; लंदन दौरे पर ट्रंप ने मानी अहमियत
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यह कार्रवाई हाल ही में ब्रिटेन और फ्रांस के बीच हुए नए समझौते के तहत की गई। इसे 'वन-इन, वन-आउट डील' नाम दिया गया है। इस समझौते का मकसद इंग्लिश चैनल के जरिए हो रही अवैध प्रवासन गतिविधियों को रोकना और मानव तस्करों पर नकेल कसना है। यह पायलट योजना अगस्त 2024 से जून 2026 तक लागू रहेगी।
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गृह मंत्री शबाना महमूद ने दी कड़ी चेतावनी
ब्रिटेन की गृह मंत्री शबाना महमूद ने इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा, 'यह हमारे बॉर्डर को सुरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम है। यह उन लोगों के लिए संदेश है जो छोटी नावों से यूके में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं- अगर आप अवैध रूप से ब्रिटेन में आते हैं, तो हम आपको वापस भेज देंगे।' उन्होंने आगे कहा कि सरकार अंतिम समय में किए जाने वाले कानूनी पेंचों का भी सख्ती से मुकाबला करेगी, ताकि ऐसे मामलों में देरी न हो। शबाना महमूद ने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन असली शरणार्थियों की मदद करेगा, लेकिन यह मदद सुरक्षित, कानूनी और व्यवस्थित तरीकों से दी जाएगी, न कि खतरनाक नाव यात्राओं के जरिए।
भारतीय नागरिक को क्या होगा आगे?
गृह कार्यालयके सूत्रों ने पुष्टि की कि डिपोर्ट किया गया व्यक्ति भारतीय नागरिक है। उसे फिलहाल फ्रांस में रखा जाएगा और वहां से अपने देश लौटने के लिए स्वैच्छिक वापसी योजना की पेशकश की जाएगी। अगर वह इस योजना को नहीं अपनाता, तो उसके खिलाफ जबरन डिपोर्टेशन की कार्रवाई होगी। उसे ब्रिटेन में आश्रय मांगने का अधिकार नहीं होगा।
भारतीयों की गिरफ्तारी में तेज बढ़ोतरी
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय की तरफ से अगस्त में जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में अवैध प्रवासन के मामलों में हिरासत में लिए गए भारतीय नागरिकों की संख्या में 108% की बढ़ोतरी हुई है। फिलहाल 2,715 भारतीय ब्रिटेन के डिटेंशन सेंटरों में बंद हैं। यह बढ़ोतरी ब्रिटेन की कड़ी इमिग्रेशन नीति का नतीजा बताई जा रही है
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- 'वन-इन, वन-आउट व्यवस्था- इसके तहत ब्रिटेन उन लोगों को वापस भेजेगा जो छोटी नावों से अवैध रूप से आते हैं। इसके बदले में, ब्रिटेन समान संख्या में शरणार्थियों को सुरक्षित और कानूनी रास्ते से प्रवेश देगा।
- नए नियमों के तहत- अवैध तरीके से आने वालों को ब्रिटेन में शरण मांगने का अधिकार नहीं मिलेगा। उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू होगी।
- सख्त जांच और सुरक्षा- जो लोग कानूनी तरीके से शरण के लिए आएंगे, उनकी कागजी जांच, पात्रता और सुरक्षा जांच कड़ी होगी।
- आगे की कार्रवाई- गृह मंत्रालय ने कहा कि आने वाले दिनों में और लोगों को फ्रांस भेजा जाएगा। इसके साथ ही, इस समझौते के तहत फ्रांस से कानूनी रास्ते से आने वाले पहले शरणार्थी भी जल्द ही ब्रिटेन पहुंचेंगे।