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World Updates: जापान में पांच लोगों की हत्या के दोषी को फांसी, ओसाका के पचिंको पार्लर में लगाई थी आग

Fri, 21 Aug 2026 01:58 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Fri, 21 Aug 2026 01:58 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें - फोटो : amar ujala graphics

जापान में 2009 में पचिंको पार्लर में आग लगाकर पांच लोगों की हत्या करने वाले एक व्यक्ति को शुक्रवार को फांसी दे दी गई। प्रधानमंत्री साने ताकाइची की सरकार के कार्यकाल में यह पहली फांसी है। जापान में मृत्युदंड को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने और इसे खत्म करने की मांग लगातार बढ़ रही है।

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न्याय मंत्री हिरोशी हिरागुची ने बताया कि सुनाओ ताकामी ने ओसाका के भीड़भाड़ वाले पचिंको पार्लर में पेट्रोल फैलाकर और जलती हुई माचिस फेंककर आग लगाई थी। आग ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया था। इस घटना में पांच लोगों की मौत हुई थी और 10 अन्य घायल हुए थे।
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उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, “इससे बेहद गंभीर परिणाम सामने आए और समाज में बड़ा सदमा और डर पैदा हुआ।” उन्होंने कहा, “जिन पीड़ितों की जान चली गई, उन्हें अकल्पनीय पीड़ा और डर का सामना करना पड़ा होगा और जो लोग घायल हुए... उन्हें लंबे समय तक इसके प्रभावों के साथ जीने के लिए मजबूर होना पड़ा।” हिरागुची ने कहा, “न्याय मंत्री के तौर पर मैंने सावधानीपूर्वक और पूरी तरह विचार करने के बाद फांसी का आदेश दिया।” न्याय मंत्रालय ने बताया कि फांसी शुक्रवार को पहले ही दे दी गई थी।
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58 वर्षीय ताकामी को हत्या, हत्या के प्रयास और आगजनी का दोषी ठहराया गया था। ओसाका जिला अदालत ने 2011 में उसे मौत की सजा सुनाई थी। उसकी अपीलों को 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था और मौत की सजा बरकरार रखी थी। हिरागुची ने बताया कि जापान में इस समय 100 लोग मौत की सजा का इंतजार कर रहे हैं। इनमें से 43 लोग दोबारा मुकदमे की मांग कर रहे हैं।

होर्मुज में अमेरिका ने 67 जहाजों का रास्ता बदला
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने बताया कि 20 अगस्त तक अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ नाकाबंदी लागू करते हुए 67 वाणिज्यिक जहाजों का रास्ता बदल दिया। तीन जहाजों को रोक दिया गया और दो अन्य जहाजों पर सवार होकर जांच की गई। यह कार्रवाई अरब सागर में अमेरिकी नौसैनिक अभियान के तहत की जा रही है। अमेरिका का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद ईरान पर लगाई गई नाकाबंदी के नियमों का पालन कराना है। अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एमवी-22बी ऑस्प्रे विमान यूएसएस बॉक्सर से अभियान में काम कर रहे हैं। सेंटकॉम के मुताबिक अमेरिकी बल वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही पर नजर रख रहे हैं और नियमों का पालन नहीं करने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। अगस्त की शुरुआत में भी अमेरिका ने इसी अभियान के तहत दर्जनों जहाजों का रास्ता बदलने की जानकारी दी थी।

होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने का असर अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जहाजों की आवाजाही में कमी से तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इससे परिवहन लागत और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। पहले से कम हुई जहाजों की आवाजाही बताती है कि कंपनियां सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। फिलहाल अमेरिका अपनी नाकाबंदी लागू करने के लिए समुद्री कार्रवाई बढ़ा रहा है, जबकि ईरान अमेरिकी दबाव को स्वीकार करने के संकेत नहीं दे रहा। एक तरफ अमेरिकी बलों ने 67 जहाजों का रास्ता बदला है, वहीं दूसरी तरफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम बनी हुई है। ऐसे में किसी नए समुद्री टकराव या जहाज पर कार्रवाई से तनाव तेजी से बढ़ सकता है। इसलिए आने वाले दिनों में अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

पेरू में 6.7 तीव्रता का भूकंप, दक्षिणी एंडीज में हिली धरती
पेरू के दक्षिणी एंडीज पर्वतीय क्षेत्र में बृहस्पतिवार को 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, भूकंप स्थानीय समयानुसार दोपहर एक बजे आया और इसका केंद्र अयाकुचो क्षेत्र के परिनाकोचास प्रांत में उपाहुआचो शहर से 38 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था। भूकंप की गहराई 66.7 किलोमीटर दर्ज की गई। झटके इका और अरेक्विपा समेत दक्षिणी पेरू के कई क्षेत्रों में महसूस किए गए। तत्काल किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली। पेरू प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में आता है, जहां भूकंपीय गतिविधियां अक्सर होती हैं।

जर्मनी में वांछित यूक्रेनी नागरिक को क्रोएशिया में हिरासत में लिया गया
क्रोएशिया की एक अदालत ने 2022 में नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन में हुए विस्फोटों के मामले में जर्मनी में वांछित एक यूक्रेनी नागरिक को हिरासत में रखने का आदेश दिया है। उसे बुधवार को पुला शहर में यूरोपीय गिरफ्तारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। जर्मनी के अभियोजकों के अनुसार, संदिग्ध एक प्रशिक्षित गोताखोर था और उस समूह का हिस्सा था जिसने बाल्टिक सागर में नॉर्ड स्ट्रीम-1 और नॉर्ड स्ट्रीम-2 पाइपलाइनों में विस्फोटक लगाए थे। उसके वकील ने हिरासत के आदेश के खिलाफ अपील करने की बात कही है। 26 सितंबर 2022 के विस्फोटों में दोनों पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई थीं।

10 हफ्ते बाद देश लौटे 93 वर्षीय राष्ट्रपति पॉल बिया, स्वास्थ्य को लेकर उठे थे सवाल
कैमरून के 93 वर्षीय राष्ट्रपति पॉल बिया 10 सप्ताह से ज्यादा समय विदेश में रहने के बाद बृहस्पतिवार को देश लौट आए। वह स्विट्जरलैंड के जिनेवा से राजधानी याउंडे पहुंचे। उनके लंबे समय तक देश से बाहर रहने के कारण स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं और सत्ता में संभावित खालीपन को लेकर भी सवाल उठने लगे थे। बिया 1982 से कैमरून के राष्ट्रपति हैं और दुनिया के सबसे उम्रदराज राष्ट्रपति हैं। उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में हुए विवादित चुनाव में जीत के बाद नवंबर में अपना आठवां कार्यकाल शुरू किया था। वह सात जून को यूरोप के निजी दौरे पर गए थे।
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