आयरलैंड पर साइबर अटैक कर रहा था ईरान?: डिजिटल साजिश से उठा पर्दा, समझिए कैसे फैलाया जा रहा था फेक एजेंडा
क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म बन रहे हैं नया युद्धक्षेत्र? रणनीतिक संवाद संस्थान की रिपोर्ट में दावा है कि ईरान से जुड़ा गुप्त अभियान आयरलैंड को निशाना बना रहा है। फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए भ्रामक कंटेंट फैलाकर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सुनियोजित डिजिटल हमला लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अब डिजिटल मोर्चे पर भी बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है। रणनीतिक संवाद संस्थान की रिपोर्ट ने चौंकाने वाला दावा किया है कि ईरान से जुड़ा एक गुप्त ऑनलाइन अभियान आयरलैंड को निशाना बना रहा है। सोशल मीडिया के जरिए फर्जी अकाउंट्स, भ्रामक पोस्ट और एजेंडा आधारित कंटेंट फैलाकर जनमत को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि एक सुनियोजित डिजिटल हमला है, जो लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक माहौल को अस्थिर करने की खतरनाक कोशिश माना जा रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि कुछ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स, जो आयरिश लोगों के नाम से बनाए गए थे, असल में ईरान, रूस और चीन से जुड़े हो सकते हैं। इन अकाउंट्स की लोकेशन डेटा से संकेत मिला कि इन्हें ईरान से चलाया जा रहा था। शोधकर्ता और पत्रकार किरन ओ कॉनर ने कहा कि ये गतिविधियां तूफान-2035 नाम के एक गुप्त अभियान का हिस्सा हो सकती हैं, जिसका संबंध ईरान की इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) से बताया जा रहा है।
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चैट जीपीटी की मदद से तैयार किए गए थे पोस्ट
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि इन अकाउंट्स पर पोस्ट किए जाने वाले कई कंटेंट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स, जैसे चैट जीपीटी की मदद से तैयार किए गए थे। इन पोस्ट में अमेरिका और इस्राइल की आलोचना की जाती थी और ईरान व फलस्तीन के समर्थन में बातें कही जाती थीं। जांच में यह भी पाया गया कि चार ऐसे एक्स अकाउंट्स थे, जो खुद को आयरिश नागरिक बताते थे, लेकिन उनके असली होने का कोई सबूत नहीं मिला। ये अकाउंट्स खुद को इस्लाम अपनाने वाला बताते थे और एकीकृत आयरलैंड की बात करते थे।
सबसे खास बात यह रही कि ये सभी अकाउंट्स ईरान के सैन्य नेता कासिम सुलेमानी की तारीफ में एक जैसे पोस्ट कर रहे थे, खासकर उनकी मौत की बरसी के आसपास। इसके अलावा, जून 2025 में इन अकाउंट्स ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के समर्थन में भी पोस्ट किए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि रूस से जुड़ी गतिविधियां काफी फैली हुई और बिखरी हुई थीं।
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चीन से जुड़ा फेसबुक पेज का भी खुलासा
वहीं दूसरी ओर चीन से जुड़ा एक फेसबुक पेज सीजीटीएन गेलगे भी सामने आया, जो पहले किसी और नाम से चल रहा था और बाद में आयरलैंड से जुड़ा कंटेंट पोस्ट करने लगा। विशेषज्ञों का कहना है कि आयरलैंड में प्रवासन जैसे मुद्दों का इस्तेमाल कर इन अभियानों के जरिए पश्चिमी देशों की सरकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर दिखाने की कोशिश की जा रही है। कुल मिलाकर, यह रिपोर्ट दिखाती है कि डिजिटल युग में अलग-अलग देश सोशल मीडिया और नई तकनीकों के जरिए दूसरे देशों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, और यह खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
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