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US: 'मुझे अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए थी', बाइडन को फिर राष्ट्रपति चुनाव लड़ने से न रोकने पर हैरिस को अफसोस
Tue, 23 Sep 2025 08:27 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 23 Sep 2025 08:27 AM IST
सार
Kamala Harris On Joe Biden: पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने स्वीकार किया कि उन्हें जो बाइडन को दोबारा चुनाव न लड़ने की सलाह देनी चाहिए थी, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाईं। कमला हैरिस के इस बयान ने अमेरिकी राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
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कमला हैरिस और जो बाइडन
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका की पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उन्हें जो बाइडन को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में दोबारा न उतरने की सलाह देनी चाहिए थी। लेकिन उस समय उन्होंने ऐसा नहीं किया, जिसका उन्हें अब अफसोस है। कमला हैरिस का कहना है कि उस वक्त ज्यादातर अमेरिकी मानते थे कि जो बाइडन उम्रदराज हो चुके हैं और राष्ट्रपति पद का दूसरा कार्यकाल संभालना उनके लिए बेहद कठिन होगा। राष्ट्रपति चुनाव हारने के बाद पहली बार एक न्यूज चैनल से लाइव इंटरव्यू में कमला हैरिस ने सोमवार को कहा, 'मेरे पास एक खास जिम्मेदारी थी, जिसे मुझे निभाना चाहिए था। मैंने उस समय अपने मन की बात खुलकर नहीं कही।'
यह भी पढ़ें - US: ट्रंप बोले- गर्भावस्था में टायलनॉल से बच्चों में हो सकता है ऑटिज्म, विशेषज्ञों ने खारिज किया दावा
अपनी किताब में भी हैरिस ने किया जिक्र
कमला हैरिस ने हाल ही में '107 डेज' नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया है कि बाइडन के चुनाव से हटने के बाद कैसे उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की कमान संभाली। किताब में उन्होंने लिखा कि व्हाइट हाउस में हर कोई यही कहता था कि चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला सिर्फ 'जो और जिल बाइडन का निजी निर्णय' है। लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह सिर्फ बाइडन दंपत्ति का व्यक्तिगत फैसला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'क्या वह शालीनता थी या लापरवाही? अब पीछे मुड़कर देखती हूं, तो लगता है कि यह लापरवाही थी। बहुत बड़ा दांव था। यह किसी एक व्यक्ति के अहंकार या महत्वाकांक्षा का विषय नहीं होना चाहिए था। यह एक बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी का मामला था।'
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कमला हैरिस ने खुद पर डाली जिम्मेदारी
इस दौरान कमला हैरिस ने साफ कहा कि जब वे लापरवाही शब्द का इस्तेमाल करती हैं, तो उसमें सबसे बड़ा इशारा खुद की तरफ होता है। उन्होंने माना कि उस समय उन्हें राष्ट्रपति जो बाइडन से खुलकर कहना चाहिए था कि वे दोबारा चुनाव न लड़ें। लेकिन ऐसा न कर पाने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, मुझे डर था कि अगर मैं यह कहूंगी, तो लोग समझेंगे कि मैं खुद राष्ट्रपति पद के लिए मैदान तैयार कर रही हूं। यह पूरी तरह स्वार्थी कदम माना जाता।' हैरिस ने याद दिलाया कि 2020 में उन्होंने राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक नामांकन की दौड़ में बाइडन के खिलाफ चुनाव लड़ा था, बाद में उन्होंने उपराष्ट्रपति का पद संभाला।
बाइडन के हटने के बाद भी मुश्किलें
2024 के चुनाव में शुरुआती महीनों में बाइडन ने चुनाव लड़ने का एलान किया था। लेकिन बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर से दबाव बढ़ता गया। आखिरकार उन्होंने जुलाई 2024 में चुनावी दौड़ से हटने का फैसला किया। इसके बाद हैरिस को पार्टी की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि, रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में जीत हासिल की।
यह भी पढ़ें - Brazil: पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो को सजा सुनाने वाले जज पर अमेरिका की नजर टेढ़ी, उनकी पत्नी पर लगाए प्रतिबंध
हैरिस का आत्ममंथन
कमला हैरिस ने कहा कि जब वह अब पीछे मुड़कर देखती हैं, तो उन्हें लगता है कि बाइडन का चुनाव लड़ने का फैसला व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से जुड़ा था और इसे रोकने के लिए पार्टी नेतृत्व को हस्तक्षेप करना चाहिए था। 'यह सिर्फ एक व्यक्ति का निजी फैसला नहीं होना चाहिए था। देश और पार्टी के भविष्य का सवाल था। मुझे इस बारे में और स्पष्टता से बोलना चाहिए था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। यह मेरी सबसे बड़ी गलती रही।'
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अपनी किताब में भी हैरिस ने किया जिक्र
कमला हैरिस ने हाल ही में '107 डेज' नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने विस्तार से बताया है कि बाइडन के चुनाव से हटने के बाद कैसे उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी की कमान संभाली। किताब में उन्होंने लिखा कि व्हाइट हाउस में हर कोई यही कहता था कि चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला सिर्फ 'जो और जिल बाइडन का निजी निर्णय' है। लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह सिर्फ बाइडन दंपत्ति का व्यक्तिगत फैसला नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा, 'क्या वह शालीनता थी या लापरवाही? अब पीछे मुड़कर देखती हूं, तो लगता है कि यह लापरवाही थी। बहुत बड़ा दांव था। यह किसी एक व्यक्ति के अहंकार या महत्वाकांक्षा का विषय नहीं होना चाहिए था। यह एक बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी का मामला था।'
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कमला हैरिस ने खुद पर डाली जिम्मेदारी
इस दौरान कमला हैरिस ने साफ कहा कि जब वे लापरवाही शब्द का इस्तेमाल करती हैं, तो उसमें सबसे बड़ा इशारा खुद की तरफ होता है। उन्होंने माना कि उस समय उन्हें राष्ट्रपति जो बाइडन से खुलकर कहना चाहिए था कि वे दोबारा चुनाव न लड़ें। लेकिन ऐसा न कर पाने की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, मुझे डर था कि अगर मैं यह कहूंगी, तो लोग समझेंगे कि मैं खुद राष्ट्रपति पद के लिए मैदान तैयार कर रही हूं। यह पूरी तरह स्वार्थी कदम माना जाता।' हैरिस ने याद दिलाया कि 2020 में उन्होंने राष्ट्रपति पद की डेमोक्रेटिक नामांकन की दौड़ में बाइडन के खिलाफ चुनाव लड़ा था, बाद में उन्होंने उपराष्ट्रपति का पद संभाला।
बाइडन के हटने के बाद भी मुश्किलें
2024 के चुनाव में शुरुआती महीनों में बाइडन ने चुनाव लड़ने का एलान किया था। लेकिन बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर से दबाव बढ़ता गया। आखिरकार उन्होंने जुलाई 2024 में चुनावी दौड़ से हटने का फैसला किया। इसके बाद हैरिस को पार्टी की ओर से आधिकारिक उम्मीदवार बनाया गया। हालांकि, रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में जीत हासिल की।
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हैरिस का आत्ममंथन
कमला हैरिस ने कहा कि जब वह अब पीछे मुड़कर देखती हैं, तो उन्हें लगता है कि बाइडन का चुनाव लड़ने का फैसला व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से जुड़ा था और इसे रोकने के लिए पार्टी नेतृत्व को हस्तक्षेप करना चाहिए था। 'यह सिर्फ एक व्यक्ति का निजी फैसला नहीं होना चाहिए था। देश और पार्टी के भविष्य का सवाल था। मुझे इस बारे में और स्पष्टता से बोलना चाहिए था, लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया। यह मेरी सबसे बड़ी गलती रही।'