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पाकिस्तान में रेस्त्रां ने हिंदू महिलाओं को बाहर निकाला, विरोध होने पर माफी मांगी और सम्मानित किया
Wed, 21 Aug 2019 04:40 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 21 Aug 2019 04:40 PM IST
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के थट्टा में स्थित एक रेस्त्रां ने महिलाओं के एक समूह से माफी मांगी है क्योंकि उन्हें हिंदू होने की वजह से खाना खिलाने से इनकार कर दिया था।
गल्फ न्यूज के मुताबिक यह घटना शनिवार की है जब पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अल्पसंख्यक शाखा की महिला सदस्य लरकाना जाने के रास्ते पर थीं और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित अल हबीब नामक रेस्तरां में रुकीं।
रेस्त्रां प्रबंधन को जब लगा कि ये महिलाएं हिंदू हैं, तो उन्हें भोजन परोसने से मना कर दिया गया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया।
इस घटना को थट्टा और कराची के सिंधी समाचार पत्रों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया गया और इसकी आलोचना की गई। रेस्त्रां प्रबंधन के भेदभावपूर्ण हरकत के खिलाफ एक अभियान भी शुरू किया गया।
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इस घटना के खिलाफ लोगों में प्रतिक्रिया इतनी ज्यादा थी कि होटल प्रबंधक मंसूर कलवार ने हिंदू समुदाय के लोगों को रेस्त्रां में आमंत्रित किया और उनके साथ बैठकर खाना खाया। यही नहीं उन्होंने औपचारिक रूप से उनसे इस घटना के लिए माफी मांगी।
कलवार ने महिलाओं को स्थानीय परंपराओं के अनुसार सम्मानित किया और सम्मान के निशान के रूप में सिंधी अजरक (शाल) भी भेंट की।
गल्फ न्यूज से मंगलवार को बात करते हुए एक मानवाधिकार कार्यकर्ता कपिल देव ने इसकी पुष्टि की कि मामला सुलझ गया है क्योंकि रेस्तरां प्रबंधन ने महसूस किया कि सिंधी परंपराओं में उनके कार्य स्वीकार्य नहीं थे।
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गल्फ न्यूज के मुताबिक यह घटना शनिवार की है जब पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अल्पसंख्यक शाखा की महिला सदस्य लरकाना जाने के रास्ते पर थीं और राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित अल हबीब नामक रेस्तरां में रुकीं।
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रेस्त्रां प्रबंधन को जब लगा कि ये महिलाएं हिंदू हैं, तो उन्हें भोजन परोसने से मना कर दिया गया और उन्हें वहां से जाने के लिए कहा गया।
इस घटना को थट्टा और कराची के सिंधी समाचार पत्रों में व्यापक रूप से प्रकाशित किया गया और इसकी आलोचना की गई। रेस्त्रां प्रबंधन के भेदभावपूर्ण हरकत के खिलाफ एक अभियान भी शुरू किया गया।
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इस घटना के खिलाफ लोगों में प्रतिक्रिया इतनी ज्यादा थी कि होटल प्रबंधक मंसूर कलवार ने हिंदू समुदाय के लोगों को रेस्त्रां में आमंत्रित किया और उनके साथ बैठकर खाना खाया। यही नहीं उन्होंने औपचारिक रूप से उनसे इस घटना के लिए माफी मांगी।
कलवार ने महिलाओं को स्थानीय परंपराओं के अनुसार सम्मानित किया और सम्मान के निशान के रूप में सिंधी अजरक (शाल) भी भेंट की।
गल्फ न्यूज से मंगलवार को बात करते हुए एक मानवाधिकार कार्यकर्ता कपिल देव ने इसकी पुष्टि की कि मामला सुलझ गया है क्योंकि रेस्तरां प्रबंधन ने महसूस किया कि सिंधी परंपराओं में उनके कार्य स्वीकार्य नहीं थे।