फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Rajnath Singh From Make in India to the World, Defence Minister Highlights Major Opportunities for MSME

राजनाथ सिंह: मेक इन इंडिया से दुनिया तक पहुंचे भारतीय उत्पाद, एमएसएमई के लिए रक्षा मंत्री ने गिनाए बड़े अवसर

Tue, 01 Sep 2026 09:45 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 01 Sep 2026 09:45 PM IST
सार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की विनिर्माण नीति का लक्ष्य सिर्फ देश में उत्पादन करना नहीं, बल्कि भारतीय उत्पादों को दुनिया के बाजार तक पहुंचाना होना चाहिए। उन्होंने एमएसएमई से शोध, तकनीक और गुणवत्ता पर निवेश बढ़ाने की अपील की। सरकार के व्यापार समझौतों से बने अवसरों का लाभ उठाने की बात भी कही। ऐसे में सवाल है कि क्या भारतीय छोटे उद्योग वैश्विक बाजार में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं?

विज्ञापन
Rajnath Singh From Make in India to the World, Defence Minister Highlights Major Opportunities for MSME
क्या एमएसएमई उत्पाद भारत को बनाएंगे और ताकतवर? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में एक एमएसएमई कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के विनिर्माण क्षेत्र की सोच मेक इन इंडिया, मेक फॉर इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड के सिद्धांत पर आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला और भरोसेमंद विनिर्माण साझेदारों की बढ़ती मांग भारत के छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए बड़ा अवसर है। एमएसएमई को इस मौके का इस्तेमाल कर अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बनानी चाहिए।

विज्ञापन

एमएसएमई को शोध और तकनीक पर क्यों ध्यान देना होगा?

राजनाथ सिंह ने एमएसएमई से अपने कारोबार के एक हिस्से को शोध, विकास और तकनीक को बेहतर बनाने पर खर्च करने की अपील की। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योगों को विश्वविद्यालयों, आईआईटी, शोध संस्थानों, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की प्रयोगशालाओं, स्टार्टअप और बड़े उद्योगों के साथ साझेदारी करनी चाहिए। इससे उनकी तकनीकी क्षमता मजबूत होगी और वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

विज्ञापन

भारत के व्यापार समझौतों से एमएसएमई को क्या फायदा होगा?

रक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार कई महत्वपूर्ण देशों और क्षेत्रों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों के जरिए व्यापार संबंध मजबूत कर रही है। इनमें अमेरिका, ब्रिटेन, न्यूजीलैंड, ओमान, स्विट्जरलैंड और यूरोपीय संघ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन समझौतों से निर्यात और वैश्विक व्यापार के लिए बड़े अवसर खुल रहे हैं। एमएसएमई को क्रेडिट गारंटी विस्तार और जीएसटी को तर्कसंगत बनाने जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर भारतीय उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारत में एमएसएमई की संख्या कितनी बढ़ी है और किन क्षेत्रों में अवसर हैं?

राजनाथ सिंह ने बताया कि देश में एमएसएमई की संख्या 2012-13 में करीब 4.67 करोड़ थी, जो अब लगभग आठ करोड़ हो गई है। उन्होंने ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स, सेंसर, स्वायत्त प्रणाली, उन्नत सामग्री, अंतरिक्ष और क्वांटम तकनीक को एमएसएमई के लिए बड़े अवसर वाला क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत@2047 का लक्ष्य ऐसा भारत बनाना है जो विनिर्माण, तकनीक और नवाचार में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हो और युवाओं के लिए पर्याप्त रोजगार पैदा करे।

रक्षा क्षेत्र में गुणवत्ता और भरोसेमंद उत्पाद क्यों जरूरी हैं?

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय एमएसएमई को वैश्विक बाजार में अपनी पहचान गुणवत्ता और भरोसेमंद उत्पादों के आधार पर बनानी होगी। उन्होंने खास तौर पर रक्षा क्षेत्र में इन दोनों बातों को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार रक्षा उपकरणों के हर हिस्से की विश्वसनीयता सीधे सशस्त्र बलों की कामकाजी क्षमता पर असर डालती है। उन्होंने एमएसएमई से बदलते वैश्विक बाजार का लाभ उठाकर भारत को आत्मनिर्भर और दुनिया के लिए भरोसेमंद विनिर्माण केंद्र बनाने में योगदान देने का आह्वान किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed