Russia: क्या विरोधियों से डरने लगे पुतिन, यूक्रेन युद्ध का विरोध करने वाली पार्टी क्यों नहीं लड़ पाएगी चुनाव?
Russia Bans Yabloko From Parliamentary Election: रूस की सुप्रीम कोर्ट ने यूक्रेन में सैन्य कार्रवाई का विरोध करने वाली याब्लोको पार्टी को अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव से बाहर कर दिया है। अदालत ने पार्टी का चुनावी पंजीकरण रद्द कर दिया। पार्टी ने फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है। याब्लोको को लेकर रूस में समर्थन बढ़ने के दावे भी सामने आए हैं। ऐसे में सवाल है कि क्या पार्टी का शांति अभियान क्रेमलिन के लिए चिंता का कारण बन गया था?
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क्या अगले संसदीय चुनाव को लेकर पुतिन डर रहे हैं? दरअसल ये सवाल तब उठा जब आज रूस की सुप्रीम कोर्ट ने याब्लोको पार्टी को अगले महीने होने वाले संसदीय चुनाव से बाहर कर दिया। अदालत ने उसका चुनावी पंजीकरण रद्द कर दिया। क्योंकि याब्लोको रूस की उन राजनीतिक ताकतों में रही है जो सरकार की नीतियों की आलोचना करती रही हैं। पिछले कुछ वर्षों में यह यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई का खुलकर विरोध करने वाली इकलौती पंजीकृत विपक्षी पार्टी थी। पिछले महीने केंद्रीय चुनाव आयोग ने याब्लोको को 10 अन्य पार्टियों के साथ चुनाव लड़ने की अनुमति दी थी। लेकिन क्रेमलिन समर्थक मदरलैंड पार्टी की अपील के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और अदालत ने याब्लोको को चुनावी मैदान से बाहर कर दिया।
याब्लोको का यूक्रेन युद्ध को लेकर क्या रुख रहा है?
याब्लोको ने अपने चुनावी अभियान में युद्धविराम, कूटनीति और शांति की बात को प्रमुखता दी थी। पार्टी ने परमाणु युद्ध रोकने और रूस को डर तथा राजनीतिक दमन से मुक्त बनाने जैसे मुद्दे भी उठाए। पार्टी के सह-संस्थापक और राजनीतिक समिति के अध्यक्ष ग्रिगोरी याव्लिंस्की ने अदालत के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि याब्लोको को चुनाव से बाहर करना उन लोगों से संवाद से इनकार करने जैसा है, जो सरकार से असहज सवाल पूछते हैं। याव्लिंस्की ने कहा कि पार्टी इस फैसले के खिलाफ अपील करेगी। उनके मुताबिक रूस में शांति और आजादी की मांग को सरकार ने जितना समझा था, उससे ज्यादा समर्थन मिला है।
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क्या याब्लोको को जनता से बढ़ता समर्थन मिल रहा था?
- याब्लोको को रूस के बाहर रह रहे कई विपक्षी नेताओं ने भी समर्थन दिया था।
- इनमें दिवंगत क्रेमलिन आलोचक एलेक्सी नवलनी की पत्नी यूलिया नवलनाया, इल्या याशिन और व्लादिमीर कारा-मुर्जा शामिल हैं।
- नवलनाया ने 6 अगस्त को याब्लोको के समर्थन की अपील की थी और पार्टी के युद्ध विरोधी रुख को इसकी वजह बताया था।
- इसके बाद सोशल मीडिया पर याब्लोको के समर्थन में कई वीडियो सामने आए।
- कुछ वीडियो में युवा लोग वोट की पसंद पूछे जाने पर सेब हाथ में लिए नजर आए, जबकि कुछ में सेब से जुड़े रूसी गानों पर लोग नाचते दिखे।
- पार्टी अध्यक्ष निकोलाई रिबाकोव ने अदालत में कहा कि पार्टी इन वीडियो के लिए भुगतान नहीं कर रही थी।
- उनके मुताबिक लोग याब्लोको का समर्थन इसलिए कर रहे थे क्योंकि वे रूस में रहना चाहते हैं और मारे नहीं जाना चाहते।
क्रेमलिन समर्थक दल याब्लोको के खिलाफ क्यों थे?
रूस के कई क्रेमलिन समर्थक दलों ने यूक्रेन को लेकर याब्लोको के रुख की आलोचना की थी। ए जस्ट रूस पार्टी के प्रमुख सर्गेई मिरोनोव ने अभियोजक जनरल कार्यालय और न्याय मंत्रालय से याब्लोको की गतिविधियों की जांच करने की अपील की थी। कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गेन्नेडी ज्युगानोव ने भी आरोप लगाया कि याब्लोको राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नीतियों का समर्थन नहीं करती। याब्लोको को चुनाव से बाहर करने के लिए मदरलैंड पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। उसने याब्लोको पर कॉपीराइट का उल्लंघन करने और चुनावी खर्च की सीमा पार करने का आरोप लगाया। साथ ही पार्टी के यूक्रेन संबंधी रुख को रूस की क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ बताया गया। याब्लोको के अध्यक्ष और उसके वकीलों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।
याब्लोको के नेताओं पर पहले भी हुई है कार्रवाई?
याब्लोको पर दबाव पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। पार्टी के कई प्रमुख सदस्यों को जेल भेजा गया या उन्हें ‘विदेशी एजेंट’ घोषित किया गया। यह रूस में ऐसा दर्जा है, जिसके बाद संबंधित व्यक्ति पर सरकार की अतिरिक्त निगरानी रहती है और उसे सार्वजनिक रूप से बदनाम करने का भी असर पड़ता है। याब्लोको के उपाध्यक्ष और मॉस्को सिटी काउंसिल के पूर्व सदस्य मैक्सिम क्रुगलोव को जून में रूसी सेना के बारे में गलत सूचना फैलाने के आरोप में सात साल की जेल की सजा सुनाई गई। पार्टी के एक अन्य वरिष्ठ नेता लेव श्लोसबर्ग पर भी इसी तरह के आरोपों में मुकदमा चल रहा है और उन्हें 10 साल तक की सजा हो सकती है। एक अन्य उपाध्यक्ष बोरिस विश्नेव्स्की को 2024 में ‘विदेशी एजेंट’ घोषित किया गया था। बाद में ऐसे लोगों के चुनाव लड़ने या सार्वजनिक पद संभालने पर रोक लगाने वाला कानून लागू हुआ। इन कार्रवाइयों के बीच अब याब्लोको का चुनाव से बाहर होना रूस की विपक्षी राजनीति के लिए एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।