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सऊदी अरब में महिलाओं को मिली बड़ी आजादी, अब अकेले कर सकेंगी विदेश यात्रा
Wed, 21 Aug 2019 11:55 AM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Trainee Trainee
Updated Wed, 21 Aug 2019 11:55 AM IST
सार
- सऊ दी अरब में महिलाओं को पासपोर्ट हासिल करने के लिए पुरुष संरक्षक की जरूरत नहीं
- सरकार ने पुरुष संरक्षक के बिना विदेश यात्राकी इजाजत संबंधी ऐतिहासिक सुधारों को लागू कर दिया गया है
- पहले महिलाओं को इन कामों के लिए उनके पुरुष संरक्षकों इजाजत की आवश्यकता होती थी
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
सऊदी अरब में 21 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को पासपोर्ट हासिल करने और किसी पुरुष संरक्षक की अनुमति के बिना विदेश यात्रा की इजाजत संबंधी ऐतिहासिक सुधारों को लागू कर दिया गया है।
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सऊदी अरब की महिलाओं की स्थित को लेकर दुनिया भर में उसकी आलोचना की गई थी। मानवाधिकार आयोगों का कहना था कि सऊदी महिलाओं को दोयम दर्जे का नागिरक मानता है। महिलाओं को हर प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए पुरुष संरक्षकों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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इन सुधारों की घोषणा इसी महीने की शुरुआत में की गई थी। मंगलवार को इन्हें लागू कर दिया गया। इस कदम से प्रतिबंधात्मक संरक्षकता प्रणाली कमजोर हुई है जो लंबे समय से महिलाओं के दमन का प्रतीक रही है।
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विभाग ने ट्विटर पर कहा कि पासपोर्ट विभाग ने पासपोर्ट की अवधि बढ़ाने या पासपोर्ट जारी करने और देश से बाहर यात्रा की अनुमति के संबंध में 21 वर्ष और उससे अधिक महिलाओं के आवेदन स्वीकार करने आरंभ कर दिए हैं।
इससे पहले महिलाओं को इन कामों के लिए उनके पुरुष संरक्षकों पति, पिता और अन्य पुरुष संबंधियों की इजाजत की आवश्यकता होती थी।
इसके अलावा, सऊदी अरब में महिलाओं को बच्चे के जन्म, शादी या तलाक को आधिकारिक रूप से पंजीकृत कराने का अधिकार मिल गया है। उन्हें पुरुषों की ही तरह नाबालिग बच्चों के संरक्षक के तौर पर मान्यता दी गई है।
इस सुधारों की देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रशंसा हुई है, लेकिन कट्टर रूढिवादियों ने इन्हें ‘गैर इस्लामी’ बताकर इनकी निंदा की है।