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दक्षिण कोरिया: पूर्व राष्ट्रपति येओल की पत्नी को चार साल की कैद, भ्रष्टाचार के मामले में ठहराई गईं दोषी

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल Published by: Nirmal Kant Updated Tue, 28 Apr 2026 05:53 PM IST
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सार

दक्षिण कोरिया की पूर्व प्रथम महिला किम किओन ही को भ्रष्टाचार के मामले में चार साल की कैद सुनाई गई है। इससे पहले उनके पति को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। पूरा मामला क्या है, पढ़िए रिपोर्ट-

South Korean court convicts wife of ousted President Yoon on further corruption charges
किम किओन ही - फोटो : एक्स/ऑल इंडिया रेडियो (फाइल)
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विस्तार

दक्षिण कोरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल की पत्नी किम किओन ही को भ्रष्टाचार के एक और मामले में चार साल की सजा सुनाई है। दो महीने पहले उनके पति को देश में जबरन मार्शल लॉ लगाने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। 
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मामला क्या था?
जनवरी में एक जिला अदालत ने पूर्व प्रथम महिला किम को 20 महीने की सजा सुनाई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने राजनीतिक लाभ देने के वादे के बदले यूनिफिकेशन चर्च से उपहार लिए थे। इन उपहारों में एक ग्राफ कंपनी का हीरे का हार और एक चैनल बैग शामिल था। हालांकि, उसी समय उन्हें एक शेयर कीमत में हेरफेर के मामले में बरी कर दिया गया था, जो मामला उनके प्रथम महिला बनने से पहले का था।
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सियोल हाईकोर्ट ने सजा बढ़ाकर चार साल की
बाद में दोनों पक्षों ने इस फैसले के खिलाफ अपील की। मंगलवार को सियोल हाईकोर्ट ने उनकी सजा बढ़ाकर चार साल कर दी। अदालत ने उन्हें यूनिफिकेशन चर्च से एक और चैनल बैग (कीमती हैंडबैग) लेने और शेयरों की कीमत में हेरफेर के मामले में भी दोषी पाया।

दंपती की स्थिति उस समय बदली, जब दिसंबर 2024 में यून ने मार्शल लॉ लगाया, जिसके कारण उनके खिलाफ महाभियोग शुरू हुआ और उन्हें पद से हटा दिया गया। इसके बाद उन पर कई आपराधिक मामले चले। जांचकर्ताओं का कहना है कि किम का मार्शल लॉ लागू करने से कोई संबंध नहीं था।

अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति की पत्नी होने के नाते किम देश का प्रतिनिधित्व करती हैं और राष्ट्रपति पर उनका प्रभाव होता है। लेकिन उन्होंने ईमानदारी से काम नहीं किया और अपने प्रभाव का उपयोग करके उपहार प्राप्त किए।

जांच टीम ने की थी 15 साल की सजा की मांग
किम और स्वतंत्र जांच टीम दोनों के पास अब सर्वोच्च न्यायालय में अपील करने के लिए एक सप्ताह का समय है। जांच टीम ने पहले 15 साल की सजा की मांग की थी। जबकि किम के वकीलों का कहना है कि जांच राजनीतिक रूप से प्रेरित थी।

पिछले साल अगस्त से जेल में हैं किम
किम पिछले साल अगस्त से जेल में हैं। तब अदालत ने उन्हें सबूत नष्ट करने की आशंका के कारण गिरफ्तार करने का वारंट जारी किया था। अपने कार्यकाल के दौरान भी किम कई विवादों में घिरी रहीं, जिससे राष्ट्रपति की लोकप्रियता प्रभावित हुई।

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येओल ने अचानक देश में लगा दिया था मार्शल लॉ
तीन दिसंबर 2024 को यून ने अचानक मार्शल लॉ लगा दिया था और संसद पर सैनिकों और पुलिस को भेज दिया । उन्होंने कहा था कि वह 'देश विरोधी ताकतों' और 'उत्तर कोरिया समर्थकों' को खत्म करना चाहते हैं। बाद में उन्होंने कहा कि यह कदम विपक्ष के खिलाफ संघर्ष के लिए जरूरी था।

अदालत ने येओल को विद्रोह का नेतृत्व करने का दोषी पाया
फरवरी में सियोल की एक अदालत ने यून को विद्रोह का दोषी पाया, क्योंकि उन्होंने सेना और पुलिस का उपयोग करके संसद पर नियंत्रण करने, राजनीतिक विरोधियों को गिरफ्तार करने और लंबे समय तक बेरोकटोक सत्ता चलाने की कोशिश की थी।

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