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क्या हिंदू होने की वजह से बचे काश पटेल?: हमलावर की हिटलिस्ट में ट्रंप की पूरी टीम, FBI चीफ का नहीं था नाम!
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 28 Apr 2026 12:49 PM IST
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सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम पर हमले की साजिश रचने वाले हमलावर ने केवल काश पटेल को बख्शा। अब जांचकर्ताओं का मानना है कि उनकी हिंदू पहचान या कानून प्रवर्तन अधिकारी होना उनकी सुरक्षा की बड़ी वजह हो सकती है। इस मामले में और भी कई खुलासे हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ एफबीआई निदेशक काश पटेल
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम पर पिछले दिनों हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अब इस मामले में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चकित कर दिया है। हमलावर कोल एलन के पास से बरामद घोषणापत्र की जांच में सामने आया है कि डोनाल्ड ट्रंप की पूरी टीम उसके निशाने पर थी। लेकिन उसने केवल एक नाम को जानबूझकर छोड़ दिया था। वो हैं एफबीआई डायरेक्टर काश पटेल।
अमेरिकी जांच एजेंसियां अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं। वे जानना चाहते हैं कि आखिर काश पटेल को सूची से बाहर क्यों रखा गया। जांचकर्ता दो प्रमुख सिद्धांतों पर काम कर रहे हैं। पहला और सबसे चर्चित कारण उनकी धार्मिक पहचान मानी जा रही है। द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर कोल एलन के विचारों में स्पष्ट रूप से ईसाई-विरोधी नफरत भरी थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि हिंदू होने की वजह से काश पटेल हमलावर के निशाने पर फिट नहीं बैठे। हमलावर ने अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए जिन नैतिक और धार्मिक तर्कों का सहारा लिया, उसमें हिंदू धर्म के प्रति उसका कोई विरोध नहीं दिखा।
हमलावर ने बनाए थे कड़े नियम
बताया जा रहा है कि शूटर ने हमले के लिए कुछ कड़े नियम बनाए थे। इनमें से एक नियम था 'लॉ एन्फोर्समेंट' यानी कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सीधा नुकसान न पहुंचाना। काश पटेल एफबीआई के शीर्ष पद पर हैं। इसलिए उन्हें इस श्रेणी में रखा गया होगा। हालांकि, यह थ्योरी पूरी तरह सटीक नहीं बैठती। हमले के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी को गोली लगी थी। उसकी जान केवल बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बची।
यह भी पढ़ें: Delhi: AAP नेताओं के साथ राजघाट पहुंचे अरविंद केजरीवाल, महात्मा गांधी को किया नमन
मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे
कोल एलन ने इस हमले के लिए अधिकारियों की एक बाकायदा रैंकिंग वाली लिस्ट तैयार की थी। उसने अपने मैनीफेस्टो में लिखा था, 'प्रशासन के अधिकारी मेरे लक्ष्य हैं।' चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर ने घटना को अंजाम देने से ठीक 10 मिनट पहले यह दस्तावेज अपने परिवार को भेजा था।
25 अप्रैल का खौफनाक घटनाक्रम
यह हमला 25 अप्रैल को वाशिंगटन के हिल्टन होटल में हुआ था। कोल एलन कई घातक हथियारों के साथ सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की फिराक में था। हालांकि, सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी से उसे पहले ही रोक लिया गया। इस दौरान हुई गोलीबारी में अफरा-तफरी मच गई। डोनाल्ड ट्रंप और वहां मौजूद अन्य वीवीआईपी अधिकारियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। वर्तमान में कोल एलन पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों से जुड़ी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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अमेरिकी जांच एजेंसियां अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी हैं। वे जानना चाहते हैं कि आखिर काश पटेल को सूची से बाहर क्यों रखा गया। जांचकर्ता दो प्रमुख सिद्धांतों पर काम कर रहे हैं। पहला और सबसे चर्चित कारण उनकी धार्मिक पहचान मानी जा रही है। द न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, हमलावर कोल एलन के विचारों में स्पष्ट रूप से ईसाई-विरोधी नफरत भरी थी। जांचकर्ताओं का मानना है कि हिंदू होने की वजह से काश पटेल हमलावर के निशाने पर फिट नहीं बैठे। हमलावर ने अपनी हिंसा को सही ठहराने के लिए जिन नैतिक और धार्मिक तर्कों का सहारा लिया, उसमें हिंदू धर्म के प्रति उसका कोई विरोध नहीं दिखा।
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हमलावर ने बनाए थे कड़े नियम
बताया जा रहा है कि शूटर ने हमले के लिए कुछ कड़े नियम बनाए थे। इनमें से एक नियम था 'लॉ एन्फोर्समेंट' यानी कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सीधा नुकसान न पहुंचाना। काश पटेल एफबीआई के शीर्ष पद पर हैं। इसलिए उन्हें इस श्रेणी में रखा गया होगा। हालांकि, यह थ्योरी पूरी तरह सटीक नहीं बैठती। हमले के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी को गोली लगी थी। उसकी जान केवल बुलेटप्रूफ जैकेट की वजह से बची।
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मामले में एक के बाद एक बड़े खुलासे
कोल एलन ने इस हमले के लिए अधिकारियों की एक बाकायदा रैंकिंग वाली लिस्ट तैयार की थी। उसने अपने मैनीफेस्टो में लिखा था, 'प्रशासन के अधिकारी मेरे लक्ष्य हैं।' चौंकाने वाली बात यह है कि हमलावर ने घटना को अंजाम देने से ठीक 10 मिनट पहले यह दस्तावेज अपने परिवार को भेजा था।
25 अप्रैल का खौफनाक घटनाक्रम
यह हमला 25 अप्रैल को वाशिंगटन के हिल्टन होटल में हुआ था। कोल एलन कई घातक हथियारों के साथ सुरक्षा घेरा तोड़कर मुख्य कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की फिराक में था। हालांकि, सीक्रेट सर्विस की मुस्तैदी से उसे पहले ही रोक लिया गया। इस दौरान हुई गोलीबारी में अफरा-तफरी मच गई। डोनाल्ड ट्रंप और वहां मौजूद अन्य वीवीआईपी अधिकारियों को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला गया। वर्तमान में कोल एलन पर हत्या के प्रयास और अवैध हथियारों से जुड़ी संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
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